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कानपुरः शेल्टर होम में रह रही प्रेग्नेंट लड़कियों के बारे में अधिकारियों ने ये अहम बात नहीं बताई

कानपुर का राजकीय महिल गृह. यहां 57 लड़कियां कोरोना पॉज़िटिव निकली हैं, इनमें से पांच प्रेगनेंट हैं, और इन पांच में से एक लड़की को HIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस) भी है. इसके अलावा दो और लड़कियां ऐसी हैं, जिनकी कोरोना रिपोर्ट तो नेगेटिव आई, लेकिन वो प्रेग्नेंट हैं. यानी शेल्टर होम में कुल सात लड़कियां प्रेग्नेंट हैं. मामला सामने आने के बाद कई सारे सवाल खड़े हुए, हड़कंप मच गया. अब इस पर कानपुर प्रशासन ने कुछ जानकारी दी है. बताया कि प्रेगनेंट लड़कियों को शेल्टर होम कब लाया गया. लेकिन दो प्रेगनेंट लड़कियों को छोड़कर पांच के बारे में ये नहीं बताया कि वो कितने महीने की गर्भवती हैं.

क्या जानकारी सामने आई?

‘इंडिया टुडे’ से जुड़े निलांशु शुक्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर प्रशासन ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की. बताया कि जो पांच प्रेगनेंट लड़कियां कोरोना पॉज़िटिव निकली हैं, उनमें से दो की प्रेग्नेंसी को आठ महीने पूरे हो गए हैं, इसलिए उन्हें डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड केयर अस्पताल के कोविड-19 वॉर्ड में भर्ती कराया गया है. बाकी पांच कितने महीने की गर्भवती हैं, ये नहीं बताया.

इन सातों को शेल्टर होम कब लाया गया?

प्रशासन के मुताबिक, सातों प्रेगनेंट लड़कियों में से सबसे पहली लड़की को कानपुर शेल्टर होम 30 नवंबर, 2019 के दिन लाया गया था. इसके बाद उसे CWC (सीडब्लूसी- चाइल्ड वेलफेयर कमिटी) के रिकमेंडेशन पर उसका मेडिकल एग्जामिनेशन किया गया था. इस लड़की के केस में चार्जशीट कोर्ट में फाइल हो चुकी है.

दूसरी लड़की 3 दिसंबर, 2019 के दिन आगरा से कानपुर शेल्टर होम में आई थी. वह पॉक्सो एक्ट के तहत हुए एक अपराध से पीड़ित थी. ये कोरोना वायरस पॉज़िटिव पाई गई है. इसके केस में भी कोर्ट में चार्जशीट जमा हो गई है.

दो लड़कियां एटा से कानपुर शेल्टर होम लाई गई थीं. एक इस साल 23 जनवरी को, दूसरी 23 फरवरी को. दोनों प्रेगनेंट हैं. एक कोरोना पॉज़िटिव है, और दूसरी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है. ये दोनों भी पॉक्सो एक्ट के तहत आने वाले अपराधों से पीड़ित हैं. दोनों के मामलों में चार्जशीट कोर्ट में फाइल हो चुकी है.

एक लड़की 19 दिसंबर, 2019 के दिन कन्नौज से कानपुर शेल्टर होम लाई गई थी. यौन अपराध की विक्टिम है, कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. इस केस में मामला अभी भी कोर्ट में पेंडिंग है.

छठी लड़की को इस साल 16 फरवरी के दिन फिरोजाबाद से कानपुर शेल्टर होम लाया गया था. ये भी कोरोना पॉज़िटिव है. रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की अपहरण का शिकार हुई थी. इस केस में भी चार्जशीट फाइल हो गई है.

इन सातों में सबसे आखिर में 9 जून के दिन एक लड़की शेल्टर होम आई थी. इसके केस में मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है.

ये सात लड़कियां कब शेल्टर होम में आईं, ये तो प्रशासन ने बता दिया, लेकिन कितने महीने की गर्भवती हैं, इस मामले में केवल दो ही लड़कियों की जानकारी दी है.

संक्रमण कैसे फैला?

कानपुर प्रशासन शेल्टर होम में कोरोना संक्रमण फैलने के सोर्स का पता कर रहा है. कानपुर के डीएम डॉक्टर ब्रह्मदेव राम तिवारी का कहना है,

‘हम संक्रमण के सोर्स का पता लगा रहे हैं. ये साफ है कि शेल्टर होम में रह रही लड़कियां, अंदर ही रहती थीं.’

हालांकि, डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशनरी ऑफिसर अजीत कुमार का कहना है,

‘संक्रमण इसलिए फैला होगा, क्योंकि शेल्टर होम रह रही लड़कियों को समय-समय पर मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया जाता था. हालांकि हम अभी भी इसकी जांच कर ही रहे हैं.’

मामला कैसे सामने आया?

‘आज तक’ से जुड़े रंजय सिंह ने बताया कि 15 जून को जांच और सैम्पलिंग की गई थी, जब शेल्टर में पहला केस आया था. उसी समय शेल्टर को सील और सैनिटाइज करने के बजाय लड़कियों को वहीं पर रखा गया. 17 जून तक 33 लड़कियां पॉजिटिव निकल चुकी थीं. तब भी कोई कदम नहीं उठाया गया. उसके बाद भी कई लड़कियों का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव निकला. तब तक वो सभी लड़कियां बाकी लड़कियों के साथ ही रह रही थीं. 19 जून को शेल्टर सील हुआ. अब अगर दोबारा सैम्पलिंग हो, तो COVID पॉजिटिव लड़कियों की संख्या बढ़ने की पूरी आशंका है.

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