Submit your post

Follow Us

बच्चा गोद लेना चाहते हैं? तो ये राहत वाली खबर आपके लिए है

राज्यसभा में जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) अमेंडमेंट बिल यानी किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन विधेयक बिना किसी चर्चा के पास हो गया. यह विधेयक मुख्य तौर पर बच्चों को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया पर फोकस करता है. लोकसभा में यह बिल पहले ही पास हो चुका है. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी ने इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया.

संशोधित विधेयक में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गंभीर अपराधों को फिर से परिभाषित करने का प्रयास किया गया है. साथ ही साथ गोद लेने से जुड़े आदेश जारी करने के संबंध में डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट को और अधिक पॉवर देने का भी प्रयास किया गया है. केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा,

“चाइल्ड वेलफेयर कमेटी बच्चों की अडॉप्शन प्रक्रिया में बहुत समय लेती हैं. ऐसे में बच्चों के अधिकारों का हनन होता है. इस संशोधन के बाद ये कमेटी डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करेंगी, ताकि समय पर अडॉप्शन प्रक्रिया पूरी हो सके.”

ईरानी ने यह भी बताया कि 2015 के कानून के मुताबिक, अडॉप्शन की अंतिम मंजूरी सिविल कोर्ट की तरफ से जारी होती है, संशोधन के बाद इस सबंध में अंतिम ऑर्डर डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट (DM) की तरफ से जारी किया जाएगा.

स्मृति इरानी ने कहा कि वर्तमान कानून के तहत अडॉप्शन प्रक्रिया में बहुत समय लग जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pixabay)
स्मृति इरानी ने कहा कि वर्तमान कानून के तहत अडॉप्शन प्रक्रिया में बहुत समय लग जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pixabay)

संशोधित विधेयक में यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि अगर कोई व्यक्ति डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट के फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो ऐसी स्थिति में वो फैसले के खिलाफ 30 दिन के भीतर डिविजनल कमीशनर के पास शिकायत दर्ज करा सकता है. बिल में कहा गया है कि शिकायत का निपटारा चार सप्ताह के अंदर हो जाए, ऐसे प्रयास किए जाएंगे. संशोधित बिल के तहत डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी का रिव्यू करने का अधिकार देने की बात भी कही गई है.

बाल न्यायलयों में चलेगा ट्रायल

इस संशोधन में एक जरूरी बात ट्रायल से भी जुड़ी है. संशोधित विधेयक में कहा गया है कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत आने वाले अपराधों का ट्रायल बाल न्यायालयों में चलेगा, भले ही ऐसे अपराध सीआरपीसी, पॉक्सो एक्ट और चाइल्ड राइट्स एक्ट के तहत ही क्यों ना आते हों. अभी सिर्फ उन ही अपराधों का ट्रायल बाल न्यायालयों में चलता है, जिनमें सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान हो. सात साल के कम सजा वाले आपराधिक मामलों का ट्रायल ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट के सामने चलता है. इस संशोधन के तहत तीन से सात साल तक की सजा वाले अपराधों को असंज्ञेय और गैर-जमानती बनाने की भी बात कही गई है.

दूसरी तरफ संशोधित विधेयक में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों की नियुक्ति को लेकर सख्ती बरतने की भी बात है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा,

“उन लोगों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी का सदस्य नहीं नियुक्त किया जाएगा जिन्होंने पहले कभी मानवाधिकारों और बाल अधिकारों का हनन किया हो. जिन्हें किसी अनैतिक अपराध के लिए सजा मिली हो और पूरी तरह से माफ ना किया गया हो. जो भारत सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों की नौकरी से निकाले गए हों. जिनका आचरण अनैतिक रहा हो और जो कभी बाल श्रम में लिप्त पाए गए हों. जो व्यक्ति किसी जिले के चाइल्ड केयर संस्थान के मैनेजमेंट का सदस्य हो.”

इससे पहले इस बिल को लेकर लोकसभा में कुछ सांसदों ने आपत्ति दर्ज कराई थी. हालांकि, ज्यादातर सांसदों ने इस संशोधित विधेयक का समर्थन किया था. मुख्य तौर पर जो आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, उनमें कहा गया था कि डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट पर पहले से काम का बोझ होता है, ऐसे में उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देना ठीक नहीं होगा. आपत्ति दर्ज कराने वाले सांसदों ने कहा था कि अगर डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट को यह जिम्मेदारी देनी ही है, तो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को उन्हें अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान करना चाहिए. आपत्ति के तौर पर यह भी कहा गया था कि अडॉप्शन से जुड़े हर फैसले को डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट के पास केंद्रित कर देने से इस प्रक्रिया में और ज्यादा समय लगेगा.


 

वीडियो- कब, कहां, कैसे किसी अनाथ बच्चे को गोद लें, पूरा तिया-पांचा जानिए!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

असम से नाबालिग को किडनैप कर राजस्थान में बेचा, जबरन शादी और फिर रोज रेप की कहानी

असम से नाबालिग को किडनैप कर राजस्थान में बेचा, जबरन शादी और फिर रोज रेप की कहानी

नाबालिग 15 साल की है और एक बच्चे की मां बन चुकी है.

डोंबिवली रेप केसः 15 साल की लड़की का नौ महीने तक 29 लोग बलात्कार करते रहे

डोंबिवली रेप केसः 15 साल की लड़की का नौ महीने तक 29 लोग बलात्कार करते रहे

नौ महीने के अंतराल में एक वीडियो के सहारे बच्ची का रेप करते रहे आरोपी.

यौन शोषण की शिकायत पर पार्टी से निकाला, अब मुस्लिम समाज में सुधार के लिए लड़ेंगी फातिमा तहीलिया

यौन शोषण की शिकायत पर पार्टी से निकाला, अब मुस्लिम समाज में सुधार के लिए लड़ेंगी फातिमा तहीलिया

रूढ़िवादी परिवार से ताल्लुक रखने वाली फातिमा पेशे से वकील हैं.

रेप की कोशिश का आरोपी ज़मानत लेने पहुंचा, कोर्ट ने कहा- 2000 औरतों के कपड़े धोने पड़ेंगे

रेप की कोशिश का आरोपी ज़मानत लेने पहुंचा, कोर्ट ने कहा- 2000 औरतों के कपड़े धोने पड़ेंगे

कपड़े धोने के बाद प्रेस भी करनी होगी. डिटर्जेंट का इंतजाम आरोपी को खुद करना होगा.

स्टैंड अप कॉमेडियन संजय राजौरा पर यौन शोषण के गंभीर आरोप, उनका जवाब भी आया

स्टैंड अप कॉमेडियन संजय राजौरा पर यौन शोषण के गंभीर आरोप, उनका जवाब भी आया

इस मामले पर विक्टिम और संजय राजौरा की पूरी बात यहां पढ़ें.

मध्य प्रदेश: लड़की को किडनैप किया, रेप नहीं कर पाए तो आंखों में डाल दिया एसिड

मध्य प्रदेश: लड़की को किडनैप किया, रेप नहीं कर पाए तो आंखों में डाल दिया एसिड

पीड़िता की आंखों की रोशनी चली गई. मामले में दो आरोपी गिरफ्तार.

दिल्ली कैंट रेप केस: आरोपी 9 साल की बच्ची को जबरन पॉर्न दिखाता था, उससे मसाज करवाता था

दिल्ली कैंट रेप केस: आरोपी 9 साल की बच्ची को जबरन पॉर्न दिखाता था, उससे मसाज करवाता था

पुलिस का मानना है कि मौत करंट लगने से हुई ही नहीं.

बेटी को आत्मा से बचाने के नाम पर मां ने रेप के लिए तांत्रिक के हवाले कर दिया!

बेटी को आत्मा से बचाने के नाम पर मां ने रेप के लिए तांत्रिक के हवाले कर दिया!

घटना महाराष्ट्र के ठाणे की है, विक्टिम नाबालिग है.

इंदौरः पब में हो रहा था फैशन शो, संस्कृति बचाने के नाम पर उत्पातियों ने तोड़-फोड़ कर दी

इंदौरः पब में हो रहा था फैशन शो, संस्कृति बचाने के नाम पर उत्पातियों ने तोड़-फोड़ कर दी

पुलिस ने आयोजकों को ही गिरफ्तार कर लिया. उत्पाती बोले- फैशन शो में हिंदू लड़कियों को कम कपड़े पहनाकर अश्लीलता फैलाई जा रही थी.

फिरोजाबाद का कपल, दिल्ली से अगवा किया, एक शव MP में तो दूसरा राजस्थान में मिला

फिरोजाबाद का कपल, दिल्ली से अगवा किया, एक शव MP में तो दूसरा राजस्थान में मिला

लड़की के पिता और चाचा अब जेल की सलाखों के पीछे हैं.