Submit your post

Follow Us

मुझे जेल में रखकर, उदास देखने में पुलिस को खुशी मिलती है: इशरत जहां

इशरत जहां. पूर्व कांग्रेस पार्षद. उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों (North East Delhi Riots) की साजिश के आरोप में जेल में बंद हैं. उनकी ज़मानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत में सुनवाई चल रही है. सुनवाई के दौरान Ishrat Jahan की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि महज गलत धारा में याचिका दाखिल होने की वजह से उनकी ज़मानत याचिका खारिज नहीं की जा सकती है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि उन्हें ज्यादा समय तक जेल में रखने और दुखी देखने से पुलिस और अभियोजन पक्ष को खुशी मिलती है. इशरत जहां की तरफ से कहा गया कि कानूनी पहलुओं में छोटी सी तकनीकि गड़बड़ी की वजह से उन्हें न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता.

‘धारा बदलने से दलीलों पर असर नहीं’

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इशरत जहां के वकील प्रदीप तेवतिया ने जज अमिताभ रावत को बताया कि CrPC की धारा 437 और 439 के तहत जमानत याचिका दाखिल करने के मुद्दे से मामले के तथ्यों और दलीलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. तेवतिया ने कहा,

“जमानत याचिका को धारा 437 या 439 के तहत दाखिल करने से इस मामले के उन तथ्यों और दलीलों पर क्या फर्क पड़ेगा, जो मैंने पिछले पांच से छह महीनों में दिए हैं. धारा 439 के तहत भी सेशन कोर्ट के पास UAPA से जुड़े मामलों की सुनवाई का अधिकार है.”

वहीं अभियोजन पक्ष के वकील अमित प्रसाद की तरफ से कहा गया कि जमानत याचिका CrPC की धारा 437 के तहत दाखिल की जानी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि जिस कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है, वो UAPA कानून के तहत स्थापित किया गया स्पेशल कोर्ट है. ऐसे में उसके पास धारा 437 के तहत ही इन मामलों पर सुनवाई करने का अधिकार है.

रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान इशरत जहां के वकील इस बात पर जोर देते रहे कि जमानत याचिका का धारा 439 के तहत दाखिल होना कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है. उन्होंने कोर्ट का ध्यान इस बात पर भी दिलाया कि जेल में बंद इशरत जहां को काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जमानत याचिका दाखिल होने की धारा पर हो रही बहस से कोर्ट का समय बर्बाद हो रहा है. इस मामले में अब 9 सितंबर को सुनवाई होगी.

‘पुलिस के पास एक भी सबूत नहीं’

उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में इशरत जहां पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. उनके ऊपर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धाराओं 13, 16, 17 और 18 से साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन आरोपों पर इशरत जहां की तरफ से बार-बार यही कहा गया है कि पुलिस के पास उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं है. नुसरत जहां की तरफ से यह भी कहा जा चुका है कि उनका मामला इन दंगों के उन दूसरे आरोपियों के मुकाबले कहीं अधिक कमजोर है, जिन्हें जमानत मिल चुकी है.

तस्वीर फरवरी 2020 में हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की है. (फाइल फोटो- PTI)
तस्वीर फरवरी 2020 में हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की है. (फाइल फोटो- PTI)

उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इन आरोपियों में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य सफूरा जरगर, मीरान हैदर और शिफा-उर-रहमान, राजनीतिक कार्यकर्ता खालिद सैफी, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान और अतहर खान का नाम शामिल है. इनके अलावा इस मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता उमर खालिद और इसी विश्वविद्यालय के छात्र शर्जील इमाम के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई है.


 

वीडियो- अफगानी महिला सांसद को दिल्ली एयरपोर्ट ने लौटाने पर भारत सरकार ने गलती मानी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

नॉलेज

महिला मेंटल पेशेंट्स बिना पैड्स काट रहीं अपने पीरियड, शर्मिंदा करने वाले हालात

महिला मेंटल पेशेंट्स बिना पैड्स काट रहीं अपने पीरियड, शर्मिंदा करने वाले हालात

राज्यों ने कैसे कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाई?

जिम कॉर्बेट जाइए, टाइगर दिखे न दिखे, ये सुंदर दृश्य ज़रूर दिखेगा

जिम कॉर्बेट जाइए, टाइगर दिखे न दिखे, ये सुंदर दृश्य ज़रूर दिखेगा

जानिए, क्या महत्वपूर्ण पहल की है उत्तराखंड की सरकार ने.

इस लड़की ने धरती के अंदर घुसकर ऐसा क्या कारनामा कर दिया कि बड़े-बड़े मंत्री ट्वीट कर रहे हैं

इस लड़की ने धरती के अंदर घुसकर ऐसा क्या कारनामा कर दिया कि बड़े-बड़े मंत्री ट्वीट कर रहे हैं

आकांक्षा कुमारी, कोल इंडिया की पहली ऐसी महिला माइनिंग इंजीनियर हैं, जो खदानों के अंदर काम करेंगी.

'अपना आखिरी वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं': अफ़ग़ान औरतों के भयावह अनुभव

'अपना आखिरी वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं': अफ़ग़ान औरतों के भयावह अनुभव

तालिबान के वादों पर किसी को भरोसा नहीं है, भागना ही उन्हें अंतिम रास्ता दिखता है.

समीरा रेड्डी के रील्स देखकर समझ आता है, खुद से प्यार करना क्यों जरूरी है!

समीरा रेड्डी के रील्स देखकर समझ आता है, खुद से प्यार करना क्यों जरूरी है!

आप भी देखिए, समझ जाएंगे.

इंडिया में कभी कोई महिला चीफ जस्टिस क्यों नहीं बनी?

इंडिया में कभी कोई महिला चीफ जस्टिस क्यों नहीं बनी?

क्या 2027 में ये सूखा खत्म हो पाएगा?

कोविड से अपने पति खो चुकी महिलाओं के लिए ये खबर थोड़ी राहत लेकर आएगी

कोविड से अपने पति खो चुकी महिलाओं के लिए ये खबर थोड़ी राहत लेकर आएगी

महाराष्ट्र सरकार इस तरह करेगी आर्थिक मदद.

'परंपरा' के नाम पर राह चलती लड़की को किडनैप करते हैं, रेप कर जबरन शादी रचाते हैं

'परंपरा' के नाम पर राह चलती लड़की को किडनैप करते हैं, रेप कर जबरन शादी रचाते हैं

किर्गिस्तान में हर साल हजारों लड़कियों के साथ ऐसा हो रहा है.

'कामसूत्र' कोई आम 'सेक्स बुक' नहीं, दिमाग खोलने वाली किताब है, समझिए इसे पढ़ने वालों से

'कामसूत्र' कोई आम 'सेक्स बुक' नहीं, दिमाग खोलने वाली किताब है, समझिए इसे पढ़ने वालों से

हिंदू विरोधी बताकर इसकी प्रतियां जलाने वाले ज़रूर पढ़ें.

यति नरसिंहानंद ने अब महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के लिए बेहद भद्दी बात कही है!

यति नरसिंहानंद ने अब महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के लिए बेहद भद्दी बात कही है!

रेखा शर्मा ने UP के DGP को चिट्ठी लिखकर यति पर कार्रवाई की मांग की थी.