Submit your post

Follow Us

तुलसी गौड़ा को महान बताने के लिए क्या ग्रेटा थनबर्ग को गाली देना ज़रूरी है?

तुलसी गौड़ा. पद्म श्री अवॉर्डी हैं. पद्म सम्मान समारोह की इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं. तस्वीरों में वो पारंपरिक आदिवासी कपड़ों में दिख रही हैं. वो देश का नागरिक सम्मान लेने के लिए नंगे पैर पहुंची थीं. एक तस्वीर में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री उनके सामने हाथ जोड़ते दिख रहे हैं.

तस्वीरें आईं और तस्वीरों के बाद जानकारी भी आई कि तुलसी गौड़ कौन हैं. तुलसी एक एनवायर्नमेंट एक्टिविस्ट हैं. कर्नाटक की रहने वाली तुलसी कभी स्कूल नहीं जा सकीं, लेकिन पेड़-पौधों के बारे में कोई भी जानकारी वो फट से बता देती हैं. दरअसल, तुलसी की बचपन से ही अपनी मां के साथ एक नर्सरी में काम करती थी. इसी दौरान उनका पेड़-पौधों के प्रति लगाव पैदा हो गया. 60 साल में उन्होंने 30 हज़ार से ज्यादा पौधे लगाए हैं.

तुलसी कर्नाटक सरकार के वन विभाग की नर्सरी में काम करती हैं. सालभर वो अलग-अलग पौधों के बीजों को बीनकर, संभालकर रखती हैं और सही समय पर जंगल में बीज बो देती हैं. तुलसी गौड़ ने अपनी पूरी ज़िंदगी पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित कर दी.

Tulsi Gauda
पद्म अवॉर्ड्स सेरेमनी के बाद से ही तुलसी गौड़ा की ये तस्वीर खूब वायरल है. इस तस्वीर में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनके सामने हाथ जोड़े नज़र आ रहे हैं.

तुलसी गौड़ा के काम पर, उनके संघर्षों पर बात हुई तो लोग एनवायर्नमेंट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को घसीट लाए. तुलसी और ग्रेटा की तुलना करने लगे. लिखने लगे कि लोगों को अपने आदर्श सोच समझकर बनाने चाहिए. पर्यावरण की रक्षा के लिए खुद कदम उठाना पड़ता है, प्रोटेस्ट करने-सवाल उठाने से कुछ नहीं होता.

एक यूज़र ने लिखा,

“ये उम्मीद मत करो कि कोई और तुम्हारे लिए पेड़ लगाएगा. ये आपकी धरती है. आपका पर्यावरण है. इसके लिए खुद कदम उठाएं. तुलसी गौड़ा बनें, ग्रेटा थनबर्ग नहीं.”

शेफाली वैद्य ने लिखा,

“अपने आइकन्स को पहचानिए. एक तुलसी गौड़ा 10 लाख ग्रेटा थनबर्ग के बराबर हैं. ग्रेटा थनबर्ग और उनकी कॉपी करने वाले कई इंडियन्स केवल बातें करते हैं, तुलसी गौड़ा काम करती हैं. वो सच में धरती की महिला हैं.”

Tulsi Tweet
ट्वीट स्क्रीनशॉट

अभिषेक मनु सिंघवी ने लिखा,

“प्रोपागैंडा चलाने वालों की दुनिया में बदलाव के प्रहरी बनो; ग्रेटा थनबर्ग की दुनिया में तुलसी गौड़ा बनें.”

 

एक यूज़र ने लिखा,

“वो ग्रेटा थनबर्ग नहीं हैं. उनके जितनी महान ग्रेटा कभी नहीं हो सकती हैं. ग्रेटा एक दुकान हैं जिसकी यूएसपी क्लाइमेट है, जिसके दम पर उन्हें अटेंशन मिलती है. तुलसी के लिए ये उनकी ज़िंदगी है. वो बिना कोई तमाशा किए इसे जीती हैं. बिना किसी प्रोपागैंडा के. उनके जैसों के चलते जलवायु सुरक्षित है.”

आगे बढ़ें इससे पहले जान लेते हैं कि ग्रेटा थनबर्ग कौन हैं

ग्रेटा जब आठ साल की थीं तब उन्होंने पहली बार क्लाइमेट चेंज के बारे में सुना. इसके बाद वो इस बारे में सोचने, पढ़ने लगीं कि अगर ये इतनी बड़ी दिक्कत है तो लोग इसे लेकर कुछ कर क्यों नहीं रहे हैं. ग्रेटा ने अपने घर से शुरुआत की. घरवालों का लाइफस्टाइल बदल दिया. नॉनवेज खाना बंद. प्लेन से ट्रैवल बंद. ग्रेटा की मां इंटरनैशनल ओपरा सिंगर थीं, लेकिन प्लेन ट्रैवल छोड़ने की वजह से उनका करियर सीमित हो गया. इसके बाद साल 2018 में 15 की उम्र में ग्रेटा ने स्कूल जाना छोड़कर कई दिनों तक स्वीडन की संसद के बाहर प्रोटेस्ट किया. उनकी मांग थी कि स्वीडन पेरिस क्लाइमेट समझौते की शर्तों का पालन करे. कार्बन एमिशन कम करने की दिशा में काम करे.

इसके बाद उन्होंने ‘फ्राइडेज़ फॉर फ्यूचर’ कैम्पेन की शुरुआत की. इसके तहत स्कूल जाने वाले कई बच्चे शुक्रवार को स्कूल स्किप करके प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने लगे. ये कैम्पेन पूरी दुनिया में चर्चित हुआ. दुनियाभर में कई स्कूली स्टूडेंट्स इस तरह के प्रोटेस्ट करने लगे. ग्रेटा का नाम पूरी दुनिया जान चुकी थी. मई, 2019 में टाइम ने ग्रेटा को अपने कवर पर जगह दी थी, और उसे अगली पीढ़ी का लीडर कहा था. ग्रेटा अभी तक कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बोल चुकी हैं.

Greta
Greta Thunberg की फाइल फोटो.

साल 2019 में ग्रेटा सौर ऊर्जा से चलने वाली याच पर दो हफ्ते का सफर करके स्वीडन से अमेरिका पहुंची थीं. यहां यूनाइटेड नेशंस के क्लाइमेट एक्शन समिट में वो इंटरनैशनल लीडर्स पर गरजते हुए कहा था,

“मुझे यहां नहीं होना चाहिए. मुझे स्कूल में होना चाहिए, समन्दर के उस पार. फिर भी आप सब हम बच्चों के पास आते हैं, उम्मीद के लिए? हिम्मत कैसे हुई आपकी? आपने मेरे सपने और मेरा बचपन छीन लिया, अपने खोखले शब्दों से. लोग दर्द में हैं. लोग मर रहे हैं. पूरे के पूरे इकोसिस्टम बर्बाद हो रहे हैं. हम एक मास एक्स्टिन्शन की शुरुआत में हैं, और आप सिर्फ पैसे और इकॉनोमिक ग्रोथ की परीकथाओं की बात कर रहे हैं? हिम्मत कैसे हुई आपकी?”

ग्रेटा के इस भाषण ने पूरी दुनिया हिला दी थी. इस साल फरवरी में ग्रेटा ने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किया था. उन्होंने एक डॉक्यूमेंट भी ट्वीट कर दिया था जो कथित तौर पर एक टूलकिट का हिस्सा था. इस टूलकिट में इस्तेमाल होने वाले हैशटैग्स का जिक्र था. सोशल मीडिया प्लानिंग का जिक्र था. इसके बाद ग्रेटा और उनके सपोर्टर्स के खिलाफ एक अलग तरह का सोशल मीडिया कैम्पेन चला था. उन पर प्रोपागैंडा फैलाने के आरोप भी लगे थे.

तो क्या तुलसी को सेलिब्रेट करने के लिए ग्रेटा को गाली देना ज़रूरी है?

नहीं. बिल्कुल नहीं. पर्यावरण को बचाने के लिए हमें जितनी ज़रूरत तुलसी गौड़ा जैसे चुपचाप, बिना शोर-शराबे के काम करने वालों की, ज़मीन से जुड़े लोगों की ज़रूरत है उतनी ही ज़रूरत हमें ग्रेटा जैसे मुखर लोगों की भी है जो सत्ता पर बैठे लोगों को कठघरे में खड़ा कर सकें. हमें यकीन है कि जब इन दोनों को एक-दूसरे के काम के बारे में पता चलेगा तो ये दोनों भी एक दूसरे का मनोबल बढ़ाएंगी. इसलिए दोनों को एक-दूसरे के सामने खड़ा करने की बजाए हमें चाहिए कि हम इस बात पर फोकस करें कि दोनों एक ही कॉज़ के लिए जूझ रही हैं. हमें ये देखना होगा कि ये दो सशक्त महिलाएं हैं जो अपने-अपने तरीके से पर्यावरण को बचाने की कोशिश में जुटी हैं.


ग्रेटा थनबर्ग ने ट्रंप से उन्हीं की स्टाइल में बदला ले लिया!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

'DGP बोले लड़कियां लड़कों को प्रोवोक करती हैं', CM नीतिश के सामने रेप पीड़िता का सनसनीखेज आरोप

'DGP बोले लड़कियां लड़कों को प्रोवोक करती हैं', CM नीतिश के सामने रेप पीड़िता का सनसनीखेज आरोप

DGP एसके सिंघल ने हाल में लड़कियों को लेकर एक विवादित बयान दिया था.

60 साल के बुजुर्ग ने किया कुत्ते का रेप, पकड़े जाने पर बहू को दी भद्दी गालियां

60 साल के बुजुर्ग ने किया कुत्ते का रेप, पकड़े जाने पर बहू को दी भद्दी गालियां

महिला ने चुपके से बुजुर्ग की शर्मनाक हरकत रिकॉर्ड कर ली थी.

'सुल्ली डील्स' के बाद अब 'बुल्ली बाई' पर लगाई गई मुस्लिम महिलाओं की बोली

'सुल्ली डील्स' के बाद अब 'बुल्ली बाई' पर लगाई गई मुस्लिम महिलाओं की बोली

सुल्ली डील्स के अपराधी अभी तक नहीं पकड़े गए. विपक्ष ने फिर से सरकार पर निशाना साधा.

फार्महाउस में 18 दिन बंधक बना मेडिकल की तैयारी कर रही लड़की से गैंगरेप!

फार्महाउस में 18 दिन बंधक बना मेडिकल की तैयारी कर रही लड़की से गैंगरेप!

गुजरात का मामला, पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

उम्रकैद की सज़ा सुनाई तो बलात्कारी ने जज पर चप्पल फेंक दी

उम्रकैद की सज़ा सुनाई तो बलात्कारी ने जज पर चप्पल फेंक दी

अप्रैल में दोषी ने पांच साल की बच्ची का रेप के बाद मर्डर कर दिया था.

17 साल की लड़की घर से गायब हो गई, पेरेंट्स ने बताया- वो पूरी तरह बदल गई थी

17 साल की लड़की घर से गायब हो गई, पेरेंट्स ने बताया- वो पूरी तरह बदल गई थी

परिवार वाले उसे खोजने के लिए ट्विटर पर कैम्पेन चला रहे हैं.

बिना महिला पुलिसकर्मी के औरत को थाने में रोका, हवलदार पर रेप की कोशिश का आरोप

बिना महिला पुलिसकर्मी के औरत को थाने में रोका, हवलदार पर रेप की कोशिश का आरोप

बयान दर्ज करवाने आई थी आदिवासी महिला.

हवलदार पर आरोप, रेप विक्टिम की मदद करने के बहाने कई बार ख़ुद उसका रेप किया

हवलदार पर आरोप, रेप विक्टिम की मदद करने के बहाने कई बार ख़ुद उसका रेप किया

आरोपी हवलदार ने बंदूक दिखाकर दो साल तक विक्टिम का रेप किया.

जयपुर: पत्नी को दो युवकों को बेचा, दोनों ने पति के सामने ही किया गैंगरेप!

जयपुर: पत्नी को दो युवकों को बेचा, दोनों ने पति के सामने ही किया गैंगरेप!

पीड़िता के बेटे के विरोध करने पर उसके साथ भी मारपीट की.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, बिना मर्जी महिला के शरीर को छूना उसकी गरिमा का उल्लंघन

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, बिना मर्जी महिला के शरीर को छूना उसकी गरिमा का उल्लंघन

महाराष्ट्र के जालना का मामला. सोती हुई महिला का पैर छुआ था आरोपी ने.