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लड़की 'चरित्रहीन' है या उसका दुपट्टा खींच उस पर हाथ डालने वाली ये भीड़

हरिशंकर परसाई का एक लेख है. आवारा भीड़ के खतरे. इसमें वे लिखते हैं कि दिशाहीन, बेकार, हताश, नकारवादी और विध्वंसवादी युवकों की भीड़ खतरनाक होती है. यह भीड़ उन्माद फैलाने वालों के पीछे चलने लगती है. यह भीड़ किसी भी ऐसे संगठन के साथ हो सकती है, जो उनमें उन्माद और तनाव पैदा कर सके. फिर इस भीड़ से विध्वंसक काम कराए जा सकते हैं. हमारे देश में यह भीड़ बढ़ रही है. और इस तरह बढ़ रही है, जैसे शरीर में कोई जानलेवा इन्फेक्शन फैलता है.

इससे पहले हम आगे बढ़ें. मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं. क्या आपकी कोई छोटी बहन है? क्या आपकी कोई नन्ही बिटिया है? क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि उस बहन या बेटी को कोई सड़कों पर पीटता रहे और वो रोते हुए रहम की भीख मांगती रहे? एक बहन, एक बेटी, एक सहेली, एक प्रेमिका और सबसे बढ़कर एक इंसान के साथ ऐसा हुआ है.

ऊपर एक फोटो है. फोटो में भीड़ एक युवक और युवती को पीट रही है. यह भीड़ लड़के और लड़की को क्यों पीट रही है? ये पूरा मामला कहां का है? क्या कार्रवाई हुई है? ऐसे और कितने मामले हैं? क्या लड़कियों का लड़कों से मिलने जाना, दूसरों को यह लाइसेंस दे देता है कि वो उनके साथ जैसा मन चाहे, वैसा सुलूक करें? यहां तक कि रेप कर दें? इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं विस्तार में.

क्या है पूरा मामला?

बरेली में एक लड़की और लड़के को भीड़ ने पीटा. फोटो उसी घटना के वीडियो से लिया गया है.
बरेली में एक लड़की और लड़का Mob Violence का शिकार हो गए. फोटो उसी घटना के वीडियो से लिया गया है.

अभी आपने जो फोटो देखी, वो एक वायरल वीडियो का हिस्सा है. वीडियो बरेली के हाफिजगंज थाना इलाके के रिठौरा कस्बे का है. सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो अपने आप में सारी कहानी कह रहा है. वो कहानी, जो हमारे समाज की कड़वी सच्चाई है. वो कहानी, जिसमें औरतों की आजादी और उनके बेखौफ अंदाज को यह समाज पचा नहीं पाता. वो कहानी, जिसमें औरतों को मर्दों की बपौती समझा जाता है. वे जब चाहें, तब उसे अपनी हवस, निराशा और कुंठा का शिकार बना सकते हैं.

1 अप्रैल को एक लड़की टेलर की दुकान पर गई थी. रिठौरा कस्बे इलाके में ही. अपने कपड़े सिलवाने थे उसे. इस बारे में वो दुकान में मौजूद एक लड़के से बात ही कर रही थी. दुकान का आधे से ज्यादा शटर गिरा हुआ था. तभी अचानक से एक भीड़ आती है. लड़के और लड़की पर कुछ कथित गलत काम करने का आरोप लगाती है. दोनों को बुरी तरह से पीटती है. अपने संस्कारों का प्रदर्शन करती हुई यह भीड़ दोनों को गंदी गंदी गालियां देती है. लड़के के कपड़े फाड़ देती है और लड़की को गलत तरीके से जगह-जगह छूती है. थप्पड़ मारती है, बाल पकड़कर घसीटती है. घबराई हुई लड़की दुपट्टे से अपना चेहरा छिपाने की कोशिश करती है, तो ये निर्लज्ज भीड़ उसका दुपट्टा छीन लेती है. पिटाई का वीडियो बनाती है और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देती है. पीड़ित लड़की का नाम जीनत है. उसकी उम्र 19 साल है. उसके ऊपर क्या बीती, उसने खुद बताया-

“मेरा नाम जीनत है. मैं रिठौरा में एक टेलर की दुकान पर गई थी. मुझे अपने कपड़े सिलाने थे. वहां कारीगर नहीं थे तो मैं बात कर रही थी. दुकान में ही उनका इंतजार करने लगे. कुछ लोग जो दुकान में मौजूद थे, वो चले गए. इस बीच बाहर से कुछ लोग आए. मुझे गालियां देने लगे. फिर मारने-पीटने लगे. मेरा दुपट्टा छीन लिया. बाल पकड़कर घसीटा. मेरा वीडियो बनाकर वायरल कर दिया उन लोगों ने. मैं योगी सरकार से मांग करती हूं कि इन लोगों को फांसी हो.”

आपबाती बताते-बताते पीड़िता की आंखों में आंसू आ गए. गरीब घर से आने वाली जीनत के साथ जो हुआ, वे बेहद ही डरावना है. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि जीनत ने रोते हुए योगी सरकार से भीड़ में शामिल लफंगों को फांसी की सजा देने की मांग की है.

इंडिया टुडे के रिपोर्टर कृष्ण गोपाल राज की रिपोर्ट के मुताबिक जब लड़की टेलर की दुकान पर पहुंची थी, तो वहां पहले से ही कुछ स्थानीय लड़के मौजूद थे. लड़की दुकान में मास्टर के आने का इंतजार कर रही थी. इन लड़कों ने तब दूसरे और लड़कों को इकट्ठा कर लिया. फिर दुकान का पूरा का शटर गिरा दिया. थोड़ी देर बार शटर खोला. और फिर वो किया, जिसे केवल और केवल बर्बरता की ही श्रेणी में रखा जाना चाहिए. कृष्ण गोपाल राज की रिपोर्ट के मुताबिक जिस लड़के को पीटा गया, वो भी अल्पसंख्यक समुदाय का है.


पूरे घटनाक्रम के बाद से पीड़िता का परिवार डरा हुआ है. लड़की के पिता ने भी पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया. योगी सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए उनकी भी आंखें भर आईं.

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इलाके के पुलिस अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया. इसके बाद लड़की के भाई ने हाफिजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ IPC की धाराओं 323 और 504 के तहत मामला दर्ज किया है. दोनों धाराएं गाली गलौच और मारपीट से संबंधित हैं. इस मामले और इसमें हुई कार्रवाई के बारे में बरेली ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल ने बताया-

“थाना हाफिजगंज में आने वाले रिठौरा कस्बे का एक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें कुछ लोग टेलर की दुकान पर गई लड़की और एक लड़के को पीट रहे हैं. लड़की के भाई की शिकायत पर संबंधित धाराओं में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आगे की कार्रवाई जारी है.”

क्या ये ऐसी पहली घटना है?

ऐसा नहीं है कि इस तरह की घटना कोई पहली बार हुई है. औरतों को देवी मानने की बात कहने वाला इस समाज और कथित तौर पर विश्वगुरू बनने की राह पर अग्रसर इस देश में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसा ही एक मामला पिछले साल सितंबर में सामने आया था. बिहार के आरा जिले के कौरा गांव में 16 साल की लड़की एक लड़के से मिलने गई थी. जिसके बाद चार लोगों ने उसका बलात्कार किया था. दोषियों ने इस बलात्कार का वीडियो भी बनाया था.

बिहार के ही सुपौल जिले में ही साल 2018 में एक मामला सामने आया था. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने वाले लड़कों ने बगल के स्कूल की लड़कियों को पीटा था. सिर्फ इसलिए क्योंकि वे लड़कियां अपने प्रेमियों से मिलने जाती थीं. तो इन लड़कों को लगता था कि वे उनके लिए भी उपलब्ध हैं. आए दिन वे लड़के उन लड़कियों पर फब्तियां कसते थे. जिसकी शिकायत उन लड़कियों ने अपने स्कूल में की थी. इससे नाराज लड़कों ने उन लड़कियों को पीट दिया.

ऐसा ही एक मामला इसी साल मार्च में राजस्थान के भरतपुर में सामने आया था. लेटेस्ट एल वाई की रिपोर्ट के मुताबिक एक लड़की अपने ब्यायफ्रैंड से बात कर रही थी. तभी कुछ गुंडे उनके पास आए. उन्होंने कपल को गालियां दीं और फिर पीटा भी. इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और फिर सोशल मीडिया पर वायरल किया. यहां पर भी गुंडों ने लड़की को बाल पकड़कर घसीटा, उसका दुपट्टा छीन लिया. पुलिस ने इस मामले में जांच की बात कही थी.

Rajasthan Bharatpur
Rajasthan के भरतपुर में इसी साल मार्च में एक कपल के साथ गुंडों ने मारपीट की थी.

राजस्थान के अलवर में ही साल 2019 में एक मुस्लिम कपल को दो लोगों ने पीटा था. मुस्लिम कपल बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहा था. 6 अक्टूबर 2019 को रात करीब साढ़े 11 बजे दो लोग उनके पास आए और गाली गलौज करने लगे. इसके बाद दोनों ने उनकी पिटाई की. दोनों आरोपियों की पहचान मोहन भाटिया और वंश भारद्वाज के तौर पर हुई.

इसी तरह इसी साल फरवरी में उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक नाबालिग दलित लड़की को पहले पीटा गया और फिर उसका रेप भी किया गया. न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में दो आरोपियों कल्लू राजपूत और रोहित यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. रिपोर्ट के मुताबिक लड़की पनवाड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली है और यहीं के एक लड़के से मिलने जाती थी. दोनों आरोपियों को यह बात पता थी. जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर उसको पीटा और फिर रेप किया.

बड़े शहरों में तो फिर भी कपल्स को साथ में घर मिल जाते हैं. मगर छोटे शहरों और कस्बों में सड़क पर चलते, पार्क में बैठे, एक दूसरे का हाथ पकड़े प्रेमी जोड़े को बड़ी ही तिरछी नजरों से देखा जाता है. अपने जीवन में प्रेम से महरूम रह गए कुंठित लोग प्रेमी जोड़े पर फब्तियां कसते हैं, उनकी मोरल पुलिसिंग करते हैं. उनके हिसाब से ये प्रेमी जोड़े समाज और संस्कृति को भ्रष्ट कर रहे होते हैं. और ऐसा ना होने देने की कथित जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है. सिर्फ प्रेमी जोड़े ही क्यों, किसी भी लड़के और लड़की को साथ देखकर ही ऐसे लोगों की भौहें चढ़ जाती हैं. उन्हें लगता है कि कोई लड़का और लड़की अगर आपस हंसते-खेलते हुए बात कर रहे हैं, तो ना जाने कितना बड़ा अपराध कर रहे हैं!

लड़के तो शायद एक बार को इस पुलिसिंग से बच भी जाएं. ऐसी भीड़ के हाथ लगने के बाद पीटकर छोड़ दिए जाएं. लेकिन सार्वजनिक तौर पर अपने प्रेमी से मिलने वाली लड़की के लिए तो ये समझा जाता है कि वो निश्चित ही समाज की भाषा में कहें तो, ‘चरित्रहीन’ होगी. अगर वो एक लड़के से मिलने, उसके गले लगने या उसे चुम्बन करने के लिए राज़ी है, तो ज़रूर ही उसका बलात्कार किया जाना चाहिए. खुद एक निहत्थी लड़की को पीटने, उसके कपड़े फाड़ने को तैयार बैठे लोग हों. या फिर पड़ोस की बेटियों की काजल की मोटाई नापते लोग. या राह चलती लड़कियों की स्कर्ट नापते लोग. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में औरतों से सटते लोग. या दफ्तरों में अपनी महिला सहकर्मियों की खिल्ली उड़ाते लोग. ऐसे लोग किसी लड़की को चरित्र मेंटेन करना सिखाएंगे?

खैर. भीड़ के ऐसे रेवैये के प्रति. और प्रेमियों, लड़कियों से इस तरह के बर्ताव के प्रति हमारे अंदर जितना क्रोध होना चाहिए. उसे इस आर्टिकल में समेटा नहीं जा सकता.

वीडियो- लिव-इन रिलेशनशिप वाले कपल्स की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कौन से फैसले सुनाए हैं?

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