Submit your post

Follow Us

'अपना आखिरी वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं': अफ़ग़ान औरतों के भयावह अनुभव

कुछ बातें ऐसी हैं, जो सच होती हैं लेकिन हम यकीन नहीं करना चाहते. अफगानिस्तान को लेकर यह बात एकदम सही साबित हो रही है. मसलन, पूरे देश पर तालिबान का कब्जा हो चुका है. और अब आखिरी बचे अमेरिकी सैनिक भी जा चुके हैं.

इस बीच खबरें हैं कि अफगानिस्तान की प्रभावशाली महिला नेताओं ने तालिबान के डर से देश छोड़ दिया है. इन महिलाओं ने बीते सालों में देश की महिलाओं और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया था. कुछ इमारतें खड़ी की थीं. दूसरी और इमारतें उन्हें खड़ी करनी थी. लेकिन बीच में ही उन्हें रोक दिया गया. उन्हें निर्माण कार्य छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया. अब इन महिला नेताओं को डर है कि अफगानिस्तान की महिलाओं के लिए आने वाला भविष्य अंधकार से भरा है. और जो इमारतें उन्होंने खड़ी की थीं, वो एक-एक करके एक झटके में ढहा दी जाएंगी.

‘उदासी भरा है देश छोड़ना’

एक ऐसी ही अफगान महिला नेता का नाम है फौजिया कूफी. अफगानिस्तान के परंपरागत राजनीतिक परिवार से आने वाली कूफी ने भारी मन से अफगानिस्तान छोड़ दिया है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने कूफी को उनके घर में नजरबंद कर दिया था. वो जैसे-तैसे एयरपोर्ट पहुंचीं और आखिरी रेस्क्यू फ्लाइट से 30 अगस्त को कतर चली गईं.

बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना पाले कूफी अफगानिस्तान की सांसद बनीं. उनके पिता भी सांसद थे. मुजाहिदीन ने उनकी हत्या कर दी थी. कूफी हमेशा से ही तालिबान की कट्टरता और रूढ़िवाद की विरोधी रहीं. उन्होंने महिला अधिकारों के लिए बढ़-चढ़कर काम किया. अपनी मेहनत के दम पर अफगानिस्तान की संसद की पहली डेपुटी स्पीकर बनीं. उनके ऊपर दो बार जानलेवा हमले हुए. आरोप तालिबान पर लगे. उन्होंने तालिबान के साथ हुई संधि वार्ता में भाग लिया. एक बार तो घायल हालत में ही संधि वार्ता में वे मानवाधिकार कार्यकर्ता लैला जाफरी के अलावा बस दूसरी महिला प्रतिनिधि ही थीं. जब भी वो अपनी बात रखतीं, तो तालिबान के सदस्य उन्हें घूरकर देखते थे.

कतर पहुंचने के बाद कूफी ने बीबीसी रेडियो से बात की और कहा कि अपना देश छोड़कर भागना बहुत उदास करने वाला है. उन्होंने कहा,

“यह देखना बहुत दुखी करने वाला था कि कैसे सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया. मैं डरी हुई थी. खुद के नजरबंद रहने को लेकर. खुद के शोषण को लेकर. इस बात का मुझे बिल्कुल भी डर नहीं था कि वो लोग मुझे मार डालेंगे. मैं कभी अपना देश नहीं छोड़ना चाहती थी. ऐसे समय में देश छोड़ना, जब लाखों लोग निराश और हताश हैं, भावनात्मक तौर पर बहुत गलत लग रहा है.”

फौजिया कूफी अपने परिवार की अकेली ऐसी लड़की रही हैं, जो स्कूल गई. इसलिए उन्हें महिलाओं की पढ़ाई का महत्व पता है. तालिबान का जिस तरह का रिकॉर्ड रहा है, ऐसे में उनका मानना है कि महिलाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया जाएगा.

महिलाओं के अंधकार भरे भविष्य के लिए वो अमेरिका को भी जिम्मेदार मानती हैं. 31 अगस्त को आखिरी अमेरिकी सैनिकों के जाते हुए उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा,

“अफगानिस्तान में अमेरिका/नाटो की उपस्थिति के 20 साल के बाद और समाज, महिलाओं और युवाओं के लिए किए गए तमाम वादों के बाद, अब वो चैप्टर एकदम से बंद कर दिया गया है.”


फौजिया कूफी के पति को तालिबान ने जेल में बंद कर दिया था. जिसके बाद उनकी मौत हो गई. फौजिया की दो बेटियां हैं. तालिबान के कब्जे के तुरंत बाद फौजिया ने कहा था कि वो अफगानिस्तान नहीं छोड़ेंगी. लेकिन अब वो जा चुकी हैं. बेटियों सहित उन्हें अफगानिस्तान से निकालने के लिए कूफी ने कतर के विदेश मंत्रालय का शुक्रियादा किया है.

‘मेरी जिंदगी का सबसे कठिन फैसला’

फौजिया कूफी की ही तरह अफगानिस्तान की एक और महिला नेता ने 25 अगस्त को देश छोड़ दिया. इसकी जानकारी उन्होंने 31 अगस्त को दी. इनका नाम हसीना साफी है. साफी, अशरफ घानी के नेतृत्व वाली सरकार में महिला मंत्री थीं. उन्होंने बताया कि तालिबान से बचने के लिए उन्हें अपना चेहरा ढंकना पड़ा. यही नहीं फ्लाइट में चढ़ने के लिए उन्हें एक कोड का भी इस्तेमाल करना पड़ा. उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान को छोड़ना उनके अब तक के जीवन का सबसे कठिन फैसला रहा. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान ABC न्यूज से हुई बातचीत में उन्होंने कहा,

“यह मेरी जिंदगी की सबसे कठिन परिस्थिति और फैसला था. मैं पूरे हफ्ते रोती रही. आंसू रुके ही नहीं. अगर आप मेरा चेहरा देखेंगे तो मुझे पहचान नहीं पाएंगे.”

उन्होंने आगे बताया कि अफगानिस्तान छोड़ने के कुछ दिन पहले से ही ऑस्ट्रेलिया के सैनिक उनसे संपर्क बनाए हुए थे. वे बार-बार उनसे एयरपोर्ट आने को कह रहे थे. हालांकि, अकेले किसी टैक्सी के जरिए एयरपोर्ट जाने में उन्हें डर लग रहा था. आखिरकार 24 अगस्त को स्थानीय पुरुषों और अमेरिकी विदेश मंत्रालय की मदद से साफी एयरपोर्ट पहुंच गईं. जहां से उन्हें सुरक्षा के साथ यूके पहुंचा दिया गया. इस दौरान उन्होंने काबुल एयरपोर्ट पर जो दृश्य देखे, उन्हें वो कभी ना भूल पाने की बात कहती हैं.

साफी ने एबीसी न्यूज को बताया कि एयरपोर्ट पर पूरी तरह से अराजकता पसरी हुई थी. लोग बस किसी भी तरह से देश से भाग जाना चाहते थे. उन्हें मारा-पीटा जा रहा था. छोटी-छोटी चीजों के लिए लोग आपस में लड़ रहे थे. उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के लिए उन्होंने अफगानिस्तान छोड़ने का सबसे कठिन फैसला लिया.

अफगानिस्तान की महिला मंत्री के तौर पर Hasina Safi. (फोटो: ट्विटर)
अफगानिस्तान की महिला मंत्री के तौर पर Hasina Safi. (फोटो: ट्विटर)

कूफी की ही तरह साफी को भी अफगानिस्तान की महिलाओं के भविष्य की चिंता की है. वो कहती हैं कि उन्हें तालिबान के वादों पर भरोसा नहीं है. साफी आगे कहती हैं कि तालिबान ने महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने का वादा किया है, लेकिन अफगानिस्तान की महिलाओं का भविष्य अनिश्चित है. वो बहुत दर्द में हैं और तालिबान उनके अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकता, केवल और केवल अफगानिस्तान की महिलाएं ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकती हैं.

‘काश यह कोई बुरा सपना होता…’

कुछ ऐसी ही बातें अफगानिस्तान की पॉपुलर यूट्यूबर नजमा सदेकी ने भी कही थीं. वो भी अफगानिस्तान छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंची थीं. लेकिन एयरपोर्ट पर हुए बम धमाकों ने उनकी जान ले ली. नजमा सदेकी 20 साल की थीं. काबुल पर तालिबान के कब्जे के चार दिन बाद उन्होंने एक वीडियो अपलोड किया था. अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान CNN की रिपोर्ट के मुताबिक इस वीडियो में सदेकी ने कहा,

“क्योंकि हम महिलाओं को काम नहीं करने दिया जा रहा है. बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है. इसलिए एक आखिरी वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं. इस वीडियो के जरिए आप सबसे विदा ले रही हूं.”

इस वीडियो में सदेकी ने यह भी बताया कि वो काफी डरी हुई हैं. उन्होंने कहा,

“सड़क पर निकलने में बहुत डर लग रहा है. काबुल में जिंदगी एकदम से कठिन हो गई है. खासकर उनके लिए जो आजाद और खुश थे. मैं तो बस यही सोचती हूं कि काश ये कोई बुरा सपना हो. बस मैं जाग जाऊं. लेकिन मुझे पता है कि हकीकत क्या है. हकीकत यही है कि सबकुछ खत्म हो गया है.”

इस वीडियो को शूट करते-करते सदेकी की आंखों में आंसू आ गए. सदेकी काबुल में ही एक संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही थीं. आखिरी साल बचा था. हाल ही में सदेकी ने एक यूट्यूब चैनल ज्वाइन किया था. उनके काम को काफी सराहा जाता था. अब सदेकी की मौत के बाद दूसरे यूट्यूबर्स का भी भविष्य अनिश्चित हो गया है. खासकर महिला यूट्यूबर्स का. इनमें से कई के ऊपर अपने परिवार की जिम्मेदारी है. जिसे वो यूट्यूबर के तौर पर होने वाली कमाई से निभाती थीं.


 

वीडियो- तालिबान ने जिसके जरिए खुद को प्रोग्रेसिव बताया, उस पत्रकार ने अफगानिस्तान क्यों छोड़ा?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

मॉडलिंग ऑफर के बहाने लड़कियों का सेक्सटॉर्शन करने के आरोप में कॉलेज स्टूडेंट गिरफ्तार

मॉडलिंग ऑफर के बहाने लड़कियों का सेक्सटॉर्शन करने के आरोप में कॉलेज स्टूडेंट गिरफ्तार

इंस्टाग्राम से की थी सेक्सटॉर्शन की शुरुआत.

छत्तीसगढ़ः मां पर बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है

छत्तीसगढ़ः मां पर बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है

इंटरफेथ शादियों में कैसे तय होता है बच्चे का धर्म?

राजस्थान: नाबालिग से गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में नुकीली चीज से कई वार किए

राजस्थान: नाबालिग से गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में नुकीली चीज से कई वार किए

बोल और सुन नहीं सकती है पीड़िता. दिमागी हालत भी ठीक नहीं है.

अपहरण, यौन शोषण, विक्टिम शेमिंगः पांच साल में एक्ट्रेस भावना मेनन के साथ क्या-क्या हुआ

अपहरण, यौन शोषण, विक्टिम शेमिंगः पांच साल में एक्ट्रेस भावना मेनन के साथ क्या-क्या हुआ

एक्टर दिलीप के खिलाफ 9 जनवरी को केस दर्ज हुआ है. उन पर केस की जांच कर रहे अधिकारियों के खिलाफ साजिश करने का आरोप है.

जेंडर का सबूत देखने के लिए त्रिपुरा पुलिस ने चार LGBT सदस्यों के कपड़े उतरवाए

जेंडर का सबूत देखने के लिए त्रिपुरा पुलिस ने चार LGBT सदस्यों के कपड़े उतरवाए

विक्टिम्स का आरोप- पुलिस ने भारी ठंड में आधे कपड़ों में रखा, ज़मीन पर बैठाया.

भारत में MeToo का बिगुल बजाने वाली तनुश्री ने लड़ाई छोड़ दी है!

भारत में MeToo का बिगुल बजाने वाली तनुश्री ने लड़ाई छोड़ दी है!

एक्ट्रेस भावना मेनन का MeToo अनुभव रीपोस्ट करते हुए तनुश्री ने गहरी चोट करने वाला पोस्ट लिखा है.

दो साल में चार लड़कियों को मारने वाला सीरियल रेपिस्ट फरीदाबाद में पकड़ा गया

दो साल में चार लड़कियों को मारने वाला सीरियल रेपिस्ट फरीदाबाद में पकड़ा गया

चौथी लड़की की लाश मिल गई, इसलिए पकड़ में आया आरोपी.

ऑनलाइन लूडो खेलते पाकिस्तानी लड़के से प्यार हुआ, महिला मिलने के लिए निकल गई

ऑनलाइन लूडो खेलते पाकिस्तानी लड़के से प्यार हुआ, महिला मिलने के लिए निकल गई

पुलिस ने अमृतसर के जलियांवाला बाग इलाक़े से पकड़ा.

Sulli Deal केस: पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड को इंदौर से गिरफ्तार किया, पूछताछ में क्या पता चला?

Sulli Deal केस: पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड को इंदौर से गिरफ्तार किया, पूछताछ में क्या पता चला?

आरोपी के पिता ने कहा- बेटे को फंसाया गया है.

'DGP बोले लड़कियां लड़कों को प्रोवोक करती हैं', CM नीतिश के सामने रेप पीड़िता का सनसनीखेज आरोप

'DGP बोले लड़कियां लड़कों को प्रोवोक करती हैं', CM नीतिश के सामने रेप पीड़िता का सनसनीखेज आरोप

DGP एसके सिंघल ने हाल में लड़कियों को लेकर एक विवादित बयान दिया था.