Submit your post

Follow Us

अरी बहिन! जूती वाली इन्फेक्टेड रोटी खिलाने से आदमी वश में नहीं आता, मर ज़रूर सकता है

प्यार वो एहसास है जो हर किसी को नहीं मिल पाता. किसी किसी को ही अपना प्यार हासिल हो पाता है. यदि आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें अपना प्यार नहीं मिल पा रहा है, आप किसी स्त्री को चाहते हैं या कोई स्त्री किसी पुरुष को चाहती है और उनको पूर्ण रूप से अपना बनाना चाहती है, तो आज का ये टोटका आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा.

अब आप कन्फ्यूज हो गए होंगे. कन्फ्यूज़ मत होइए, जो शब्द ऊपर लिखे गए हैं, वो मेरे नहीं हैं. बल्कि यूट्यूब पर पड़े वशीकरण के सैकड़ों वीडियोज में से एक में बोल रही एक महिला के थे. जिसने लंबा टीका लगा रखा था. एक रुद्राक्ष लुक वाली माला हाथ में बांध रखी थी और एक गले में डाल रखी थी.

ये वीडियो मैं क्यों देख रहा था? क्या डेली बेसिस पर मुझे यूट्यूब पर सड़ियल, क्रिंजवर्दी वीडियोज देखना पसंद है? हां जी पसंद तो है. लेकिन आज इसे इसलिए देखा क्योंकि फेसबुक पर एक वायरल पोस्ट दिखा. असल में अख़बार की एक कटिंग वायरल है. इस कटिंग में पुरुष को वश में करने का एक तरीका बताया गया है. तरीका क्या है, वो जान लीजिए-

“स्त्री अपने बाएं पांव की जूती के बराबर आटा लेकर रविवार या मंगलवार के दिन उस आटे की चार रोटियां बनाकर जिस पुरुष को खिला देगी वह उसके वश में हो जाएगा.”

सोशल मीडिया पर वायरल Infected Roti वाला एड.
सोशल मीडिया पर वायरल Infected Roti वाला एड.

हालांकि इससे कई सवाल उठ रहे हैं. जिसके जवाब लेखक ने नहीं दिए. जैसे-

-माप के लिए पहनी हुई जूती का इस्तेमाल करना है या बिना पहनी हुई. पर वशीकरण का मामला है तो अपन पहनी हुई जूती कंसीडर कर लेते हैं. अब पहनी हुई जूती से आटा मापेंगे तो आटे के साथ पैरों की धूल, पसीना और जो भी गंदगी सड़क पर होती है, वो सब रोटी का मसाला बन जाएंगी. अब ये वाली रोटी खाकर आदमी के पेट में इंफेक्शन हो गया तो क्या उसको बचाने का जुगाड़ है?

– अगर एक लड़की ने किसी आदमी को रोटियां खिलाईं, उसके बाद किसी और लड़की ने उसी आदमी को रोटियां खिला दीं तो वो आदमी किसके वश में होगा?

– वो औरत क्या करे जिसके पांव छोटे हैं और जूती के नाप के आटे से चार रोटियां नहीं बन पा रहीं?

– वो औरत क्या करे जिसके पांव बड़े हैं, चार मोटी-मोटी रोटियां देखकर आदमी बिदक गया तो?

– जिस आदमी के लिए चार रोटियां बनानी हैं, उसने अगर केवल दो ही रोटियां खाईं तो क्या केवल टेम्पररी वशीकरण होगा?

खैर हमने सोचा आगे बढ़ते हैं और कोशिश करते हैं वशीकरण के कॉन्सेप्ट को समझने की.

आखिर माज़रा क्या है?

वशीकरण, जैसा सुनकर ही पता चलता है, किसी को अपने वश में करने की क्रिया है. और हम भारतीय तो उस कल्चर से आते हैं जिसमें लोग, खासकर लड़के, एकतरफा प्रेम को सीने पर बैज ऑफ़ ऑनर की तरह पहनकर चलते हैं. वो करे न करे. मैं तो करता हूं प्यार. इसमें कोई बुराई नहीं है. जबतक आप लड़की या लड़की को परेशान न करने लगें. बिना उसकी सहमति उससे बात करने की कोशिश न करने लगे, उसे हरास न करने लगे. लेकिन दिक्कत तब शुरू हो जाती है जब कोई लड़का या लड़की बेवकूफी की इस हद तक जा पहुंचे कि टोना टोटका करने लगे.

शायद आप कहें कि आजकल ऐसा कौन करता है? हाथ में स्मार्टफ़ोन रखने वाली ये पीढ़ी टोने टोटके में अब कहां भरोसा करती है. तो रुक जाइए. ठहर जाइए. यूट्यूब पर वशीकरण को लेकर जो वीडियो हैं. इन्हें सैकड़ों, हजारों, लाखों लोगों ने देखा है. और हां, धर्म के हिसाब से प्रिफरेंस भी है!

जिस वीडियो का हमने शुरुआत में ज़िक्र किया था उसमें बताया गया है कि एक पेपर पर आप अपना और जिसे वश में करना है उसका नाम लिखें और मंत्र पढ़कर कागज़ जला दें. फिर उसकी राख उस व्यक्ति के घर के सामने डाल दें. कितनी मूर्खतापूर्ण बात है. इस तरह तो मैं प्रधानमंत्री आवास के सामने जाकर पीएम मोदी को वश में कर लूं. गरीबों के हित में ना जाने कितनी योजनाएं चलवा दूं.

यूट्यूब पर इस तरह के बिना सिर पैर के वीडियोज की भरमार है.
यूट्यूब पर इस तरह के बिना सिर पैर के वीडियोज की भरमार है.

सुनने में हास्यास्पद लगता है. लेकिन ये वीडियो हमें एक बेहद काली दुनिया में ले जाते हैं. ये वीडियो आपको बताते हैं कि गारंटीड हल के लिए आप दिए हुए नम्बरों पर कॉल करें. इन नंबर्स पर कॉल करने पर आप फ्रॉड की दुनिया में घुसते हैं. हमने गूगल पर उपलब्ध एक ऐसे ही नंबर पर कॉल किया. और सुनाई एक नकली कहानी. क्या थी कहानी-

“मेरा नाम अशोक भूषण (बदला हुआ नाम) है. मैं एक शादी शुदा महिला से प्यार करता हूं. उसको पाना चाहता हूं. महिला को उसके पति के साथ देखकर मुझे दुख होता है. जलन होती है. पिछले साल दिसंबर में उनकी शादी हुई थी. पिछले पांच साल से उनके प्यार में पड़ा हुआ हूं.”

जिसके बाद दूसरी और बैठे बाबा ने ये कहा-

“आपका काम हो जाएगा. पहले मालूम करना पड़ेगा कि आप जिनको चाहते हैं, वो आपके पास आएंगी या नहीं. क्या पूजा करनी पड़ेगी. क्या विधियां अपनानी पड़ेगी. मैं सब आपको बता दूंगा. चार से सात हजार रुपये का खर्च आएगा. सिर्फ उनके फोटो और नाम से काम चल जाएगा. मैं बाल और कपड़े का यूज नहीं करता. यहीं से आपका काम हो जाएगा.”

एक और बाबा को कॉल लगाने पर भी हमने ऐसा ही कुछ सुना. इन बाबा को बताया कि मैं बीए थर्ड ईयर में पढ़ता हूं और सेकेंड ईयर में मेरी एक दोस्त थी. काफी क्लोज थी. अब वो किसी दूसरे लड़के के साथ रहती है. मैं उसे वापस पाना चाहता हूं. उन्होंने भी हमसे लड़की की फोटो और नाम की मांग की. साथ में मेरी फोटो भी.

दोनों ही जगहों पर कहा गया कि उस लड़की की तस्वीर भेजें, जिसे अपने वश में करना चाहते हैं. ऐसे में हमने सोचा कि किसी असल लड़की की तस्वीर देना न ही पत्रकारीय तौर पर ठीक है. न ही सुरक्षित है. तो हमने चेहरा बदलने वाले एक ऐप को डाउनलोड किया. और एक लड़के की फोटो को ही ऐप से लड़की की फोटो बनाया. ज़ाहिर है उस शक्ल की लड़की दुनिया में नहीं है. न ही वो तस्वीर असल है. ये एक ऐप से जेनरेट की हुई तस्वीर थी. मगर कमाल की बात तो ये है कि बाबा ने इस काल्पनिक लड़की को देखकर उसके बारे में बता दिया. उन्होंने कहा-

“तुम्हारा काम हो जाएगा. मैंने पता किया. वो लड़की तो तुम्हें चाहती है लेकिन वापस लौट नहीं पा रही है. दूसरे लड़के ने उसके दिल और दिमाग पर कब्जा किया हुआ है. तीन से चार हजार के खर्च में तुम्हारा काम हो  जाएगा. कुछ तरीके अपनाने होंगे. चिराग जलाऊंगा मैं. फिर देखूंगा कि किस तरह से क्या करना है. उसके बाद तुम्हारा परमानेंट सेटलमेंट कर दूंगा.”

इन तथाकथित बाबाओं का नाम हम आपको नहीं बता रहे हैं. क्योंकि किसी भी तरह हम इनका प्रचार नहीं करना चाहते. अब आप खुद सोचिए. कि जो ये पता नहीं लगा पा रहा कि फोन के दूसरे ओर बैठा आदमी सच बोल रहा है या झूठ. जिसको ये तक नहीं पता कि जिस लड़की की तस्वीर वो देख रहा है वो कंप्यूटर से जेनरेट किया हुआ एक चेहरा है. वो घर बैठे आपसे हजारों रुपये लेकर किसी को क्या ख़ाक सम्मोहित करेगा.

पैसों के फ्रॉड के अलावा यहां एक और पेच है. अगर कोई व्यक्ति इनके चक्कर में फंसकर सचमुच किसी लड़की की असल तस्वीर भेज दे. तो डिजिटल फ्रॉड के इस युग में वो उस तस्वीर के कितने बुरे इस्तेमाल कर सकता है. ये सोचकर ही रूह कांपती है.

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

आज के युग में, जब साइंस इतनी तरक्की कर चुका है. ऐसे में लोग क्यों इन चक्करों में फंस जाते हैं. ये समझने के लिए हमने बात की डॉक्टर रचना सिंह से. वे पेशे से मनोविज्ञानी हैं. उन्होंने हमें बताया-

“इस तरह की प्रैक्टिस जो लोग करते हैं. ये असल में उनको टारगेट करते हैं, जो परेशान होते हैं. जो होप खोज रहे होते हैं. तो माइंडसेट यही है कि एक इंसान जब परेशान हो जाता है. हम सब जिंदगी में कभी न कभी एक ऐसे दौर से गुजरते हैं कि हम डेस्परेट हो जाते हैं और फिर मदद चाहते हैं. पूजा पाठ करते हैं. और भी तमाम चीजें. उसी में कोई ये भी कर लेता है.”

हमने ये भी समझना चाहा कि पूजा पाठ और आध्यात्म एक आम चीज़ है. आपके आस पास 10 में ये 9 लोग शायद धार्मिक निकलें. ऐसे में व्रत-उपवास, धार्मिक कर्मकांड और टोने टोटके के बीच रेखा कैसे खींचें? कब समझ जाएं कि अब हमें रुक जाना है? डॉक्टर रचना सिंह ने हमें बताया-

“यहां पर हमें अपना ब्रेन यूज करना चाहिए. धार्मिक और आध्यात्मिक होना अच्छी बात है. मैं खुद कई लोगों को थेरेपी के तौर पर प्रार्थना करने के लिए कहती हूं. लेकिन इसके बरक्श किसी को परेशान करना अलग बात है. किसी के खाने में आप कुछ मिला रहे हैं. किसी को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं. ये सब नहीं करना चाहिए.”

हम अक्सर सम्मोहन और हिप्नोटिजम जैसे शब्द सुनते हैं, फिल्मों में सम्मोहित करने और वश में करने जैसे सीन देखते आए हैं. क्या सच में सम्मोहन कला से किसी को वश में किया जा सकता है? इसके बारे में डॉक्टर रचना सिंह ने कहा-

“ये ऐसा नहीं है जैसा फिल्मों में दिखाते हैं कि किसी की आंखों के सामने पेंडुलम घुमाया और वो किसी और दुनिया में चला गया. हिप्नोसिस एक साइंस है. बहुत सारे लोग थेरेपी के तौर पर इसकी प्रैक्टिस करते हैं. इसके लिए प्रॉपर पढ़ाई होती है. रिसर्च होती है. फिल्मों में जो दिखाते हैं, वो गलत होता है.”

हमने एक और ज़रूरी सवाल पूछा. कि टोटके और जादू की दुनिया में घुसकर क्या नुकसान हो सकते हैं. इसके बारे में भी डॉक्टर रचना सिंह ने हमें बताया-

“इसके बहुत सारे खतरे हो सकते हैं. सबसे पहला तो लोग खुद को मानसिक परेशानी में डालते हैं. कई बार इन चक्करों में पड़कर लोग गैरकानूनी काम करते हैं. जिससे उनको सजा भी मिलती है. इसमें आपका पैसा भी बर्बाद हो रहा है. जिसके लिए कर रहे हैं, हो सकता है कि उसको भी कोई नुकसान हो जाए.”

डॉ. रचना सिंह.
डॉ. रचना सिंह.

यूट्यूब पर आकर रोमैंटिक से इंट्रो देना बहुत आसान है. हर किसी को नहीं मिलता यहां प्यार ज़िन्दगी में, वगैरह वगैरह जैसी बातें करना. मुंह में लौंग रखने, किसी का बाल तोड़ने, किसी का कपड़ा लाने, या अपना नाखून किसी को पीसकर खिलाने जैसी मूर्खतापूर्ण चीज़ें भी करना आसान है. मगर वशीकरण तो दूर, इन मूर्खताओं का अगर उस व्यक्ति को पता चल गया जिसे आप पाना चाहते हैं तो रही सही उम्मीद भी ख़त्म हो जाएगी.

प्रेम कभी सम्मोहन से नहीं मिलता. झूठ बोलकर डाला गया इम्प्रेशन भी पहली बारिश में उतर जाता है. प्रेम के रिश्ते जान-पहचान, दोस्ती, बातचीत, केयर, बराबरी, समझदारी और कमिटमेंट से बनते हैं. जूती से निकले आटे की रोटी खिलाने से नहीं.


बरेली के हाफिजगंज में मुस्लिम जोड़े को पीटा, लड़की भैया-भैया कहकर रोती रही

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

पंजाब: दलित नाबालिग लड़की से गैंगरेप, बॉयफ्रेंड सहित आठ पर आरोप

शादी की बात कहकर लड़की को जालंधर बुलाया था आरोपी.

मेरठ: परिवार का आरोप चार लड़कों ने गैंगरेप कर जहर पिलाया, पुलिस बोली- लड़की ने सुसाइड किया

पुलिस की पिस्टल छीन कर भाग रहा था आरोपी, एनकाउंटर में लगी गोली.

लड़की 'चरित्रहीन' है या उसका दुपट्टा खींच उस पर हाथ डालने वाली ये भीड़

बरेली में कपल को भीड़ ने पीटा, लड़की भैया-भैया कहकर रोती रही.

बरेली: घरवालों ने मर्जी के खिलाफ शादी की, होली पर मायके आई और प्रेमी के साथ जान दे दी

आरती का अपने प्रेमी रफाक़त के साथ शव मिला.

जूनियर से रेप के आरोप में CRPF का अर्जुन अवॉर्डी DIG सस्पेंड हो गया

महिला कॉन्स्टेबल का आरोप- DIG और इंस्पेक्टर लड़कियों पर सेक्स के लिए दबाव डालते थे, अश्लील मैसेज भेजते थे.

UP के आगरा में महिला का पति के सामने गैंगरेप, वीडियो बनाकर जान से मारने की धमकी दी

महिला होली वाले दिन अपने पति के साथ मायके जा रही थी. इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें रोका.

शर्मनाक! जिसका रेप हुआ उसी को आरोपी के साथ रस्सी से बांधकर जुलूस निकाला गया

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर की घटना.

पुलिसवाली ने आठ महीने की प्रेग्नेंट औरत को तीन किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर किया

महिला पुलिस इंस्पेक्टर की असंवेदनशील कार्रवाई पर क्या एक्शन लिया गया?

केजरीवाल सरकार ने किन प्रेमी जोड़ों के लिए सेफ हाउस तैयार किया है?

क्या है सेफ हाउस का कंसेप्ट?

लॉ स्टूडेंट से रेप के आरोप में चिन्मयानंद को कोर्ट ने बरी किया

2019 में लगे थे पूर्व केंद्रीय मंत्री पर आरोप.