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प्रेगनेंट और स्तनपान करा रही औरतें कोरोना का टीका लगवाएं या नहीं?

पिछले कई दिनों से हम हमारी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के ज़रिए आप तक कोरोना वायरस से जुड़ी हर खबर पहुंचा रहे हैं. वैक्सीन से जुड़े जो भी नियम आ रहे हैं, वो भी बता रहे हैं. जो अफवाहें फैल रही हैं, उसका सच भी हम आपको दिखा रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच हमारे पास कई सारे मैसेज ऐसे आ रहे हैं, जिनसे ये पता चलता है कि लोगों के मन में अभी भी वैक्सीन को लेकर कई सारे सवाल हैं. जैसे- क्या प्रेगनेंट औरतें वैक्सीन लगवाएं या नहीं? क्या बच्चे को दूध पिला रही औरत लगवाए या नहीं? या बर्थ कंट्रोल पिल्स खाने वाली औरत लगवाए या नहीं? और भी कई सारे सवाल लगातार हमें मिल रहे हैं. तो हमने सोचा कि क्यों न आज ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब आपको दिए जाएं. चूंकि 1 मई के बाद 18 साल से ऊपर के लोग भी वैक्सीन लगवा पाएंगे, ऐसे में किसी भी तरह का डाउट आपके दिमाग में नहीं होना चाहिए. इन्हीं डाउट्स को क्लीयर करने के लिए हमने बात की वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर गगनदीप कांग से. सीनियर साइंटिस्ट हैं. और वैल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं. उनसे हुई बातचीत को हम आपके सामने सवाल-जवाब की शक्ल में रख रहे हैं.

सवाल था- प्रेगनेंट औरतें वैक्सीन लगवाएं या नहीं?

जवाब-

“FIGO की एक गाइडेंस आई है, जिसमें कहा गया है कि US में 35 हज़ार प्रेगनेंट औरतों को वैक्सीन लगाई गई थी, कोई साइड-इफेक्ट नहीं हुआ, तो प्रेगनेंट औरतों को वैक्सीन लगवानी चाहिए. अभी तक भारत में ऐसा कोई रेकेमेंडेशन नहीं आया है, लेकिन आ जाएगी. अगर WHO और FIGO ने ये बदलाव किया है, तो यहां पर भी ये रेकेमेंडेशन आ जाएगा. पांच-छह साल पहले मैं एक कमिटी में थी, जहां हमने देखा था कि प्रेगनेंट औरतों को कौन-सी वैक्सीन दी जानी चाहिए. जो भी वैक्सीन उस वक्त मौजूद थीं, हमने उनका रिव्यू किया. उस समय साफ रेकेमेंडेशन दिया गया था कि वो वैक्सीन जिनमें जीवित बैक्टिरिया या वायरस नहीं है, वो प्रेगनेंट औरतों के लिए सुरक्षित है. ये जो वैक्सीन्स कोविड-19 के लिए दी जा रही हैं, ये सभी इन-एक्टिवेटेड या नॉन- रेप्लिकेटिंग वैक्सीन्स हैं, हम इन्हें इन औरतों को दे सकते हैं. हालांकि अभी गाइडलाइन्स इसे लेकर आई नहीं हैं.”

Gagandeep Kang
डॉक्टर गगनदीप कांग. वायरोलॉजिस्ट और सीनियर साइंटिस्ट.

इसके अलावा डॉक्टर गगनदीप कांग ने हमें बताया कि जो 35 हज़ार औरतों का डाटा उन्होंने बताया, उन सभी की प्रेग्नेंसी का दूसरा या तीसरा ट्रायमेस्टर चल रहा था, पहले ट्रायमेस्टर का डाटा अभी तक मौजूद नहीं है. साथ ही ये भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान अगर महिला को कोविड हो जाता है, तो उसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है. यहां हम आपको एक बात और क्लीयर कर दें. जनवरी 2021 में भारत सरकार की हेल्थ मिनिस्ट्री ने वैक्सीन को लेकर एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें कहा था-

“प्रेगनेंट और स्तनपान कराने वाली औरतें कोविड-19 वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं थीं. इसलिए जो औरतें प्रेगनेंट हैं, या फिर जो प्रेग्नेंसी को लेकर श्योर नहीं हैं या फिर स्तनपान करा रही हैं, उन्हें कोविड-19 वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए.”

Guidelines For Pregnant Woman
जनवरी 2021 में हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी की थी गाइडलाइन्स.

यानी सरकार ने सीधे मना किया था कि प्रेगनेंट औरतें और स्तनपान करा रही औरतें वैक्सीन न लें. हमने इस मुद्दे पर दो-तीन दिन पहले डॉक्टर लवलीना नादिर से भी बात की थी, जो एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं, उन्होंने कहा था कि अभी प्रेगनेंट औरतों को वैक्सीन नहीं दी जा रही है. ‘इंडिया टुडे’ वेबसाइट ने अपनी एक स्टोरी के लिए दिल्ली के रोज़वॉक अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर शैली सिंह से बात की थी. उन्होंने भी कहा था कि प्रेगनेंट औरतों को अभी वैक्सिनेशन रेकेमेंड नहीं किया जा रहा है. यानी अभी प्रेगनेंट औरतों को वैक्सीन नहीं लग रही है. सरकार की तरफ से इस पर कोई नई गाइडलाइन नहीं आई है, जो आई थी वो जनवरी 2021 में आई थी, जिसमें वैक्सिनेशन के लिए मना किया गया था. विडंबना देखिए 1 मई को दिन ही कितने बचे हैं और अब तक प्रेगनेंट औरतों के लिए कोई गाइडलाइन सरकार ने जारी ही नहीं की है.

सवाल- “प्रेग्नेंसी खत्म होने के कितने महीने बाद महिला वैक्सीन लगवा सकती है?”

जवाब- “कभी भी लगवा सकती है. इंतज़ार करने की कोई ज़रूरत नहीं है.”

सवाल- “वो औरतें जो स्तनपान करा रही हैं, क्या वो वैक्सीन लगवा सकती हैं?”

जवाब- “कोई प्रॉब्लम नहीं है, FIGO,US में CDC और WHO की जो नई गाइडलाइन्स आई हैं उनमें कहा गया है कि जो महिलाएं स्तनपान करा रही हैं, उन्हें वैक्सीन लगाने में कोई दिक्कत नहीं है. क्योंकि जो एंटीबॉडी मां बनाती है, वो बच्चे को पहुंचता है, जो कि अच्छा होता है. हालांकि हमारे देश में इस मुद्दे पर कुछ गाइडलाइन नहीं आई है, लेकिन जल्द ही आएगी.”

ये भी ध्यान रखिए कि सरकार की जनवरी 2021 वाली गाइडलाइन्स में कहा गया है कि स्तनपान करा रही औरतें भी वैक्सीन न लगवाएं. आगे बढ़ने से पहले जान लीजिए कि FIGO का फुल फॉर्म है- The International Federation of Gynecology and Obstetrics. यानी ये संस्था महिलाओं के हेल्थ की दिशा में काम करती है. CDC का पूरा नाम है- Centers for Disease Control and Prevention. ये अमेरिका की नेशनल पब्लिक हेल्त एजेंसी है. तीसरा WHO, जिसका मतलब है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन. उम्मीद है आप इसके बारे में जानते होगे.

सवाल-“स्तनपान अगर बंद करती हैं, तो कितने महीने बाद वैक्सीन लगवाना सेफ है?”

जवाब- “कभी भी लगवाया जा सकता है.”

सवाल-वैक्सीन लगवाने के कितने महीने बाद प्रेग्नेंसी प्लान करें?”

जवाब-“FIGO की रेकेमेंडेशन है कि वैक्सीन लगवाने के बाद कभी भी प्रेग्नेंसी प्लान की जा सकती है. रुकने की कोई ज़रूरत नहीं. यानी ये नहीं सोचना है कि वैक्सिनेशन के एक या दो महीने बाद करें, जब भी आपको करनी हो प्रेग्नेंसी प्लान आप करें.”

सवाल-“बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने वाली औरतें वैक्सीन लें या नहीं? और लें तो क्या सावधानी बरतें?”

जवाब- “बर्थ कंट्रोल ले रही हैं तो भी वैक्सीन लगवाने में कोई दिक्कत नहीं है. कभी भी लगवा सकती हैं. कुछ रिपोर्ट्स आ रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि वैक्सीन लगवाने के बाद पीरियड थोड़ा भारी रहता है, पर हमें ये याद रखना चाहिए कि जब कोविड-19 संक्रमण होता है, तब भी ऐसा ही होता है.”

सवाल- “जिन्हें थायराइड की समस्या है और इसका ट्रीटमेंट चल रहा है, वो वैक्सीन लें या नहीं? लें तो क्या सावधानी बरतें?”

जवाब- “वैक्सीन लें. और जो थायराइड का ट्रीटमेंट चल रहा है, उसे भी चलने दें. ये वैक्सीन्स बहुत सुरक्षित हैं. असरदार है. इन्हें लेने में कोई दिक्कत नहीं है.”

सवाल- “कैंसर के मरीज़, जिनकी कीमोथैरेपी भी चल रही हो, वो वैक्सीन लगवाएं या नहीं? लगवाएं तो क्या सावधानी बरतें?”

जवाब- “जिनकी कीमोथैरेपी चल रही है या कोई इम्यूनो सप्रेसिव थैरेपी चल रही है, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि उनमें वैक्सीन ठीक से काम नहीं करेंगी. जिन लोगों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से रिस्पॉन्स कर रहा है, उनके मुकाबले कीमोथैरेपी वाले लोगों में एंटीबॉडी रिस्पॉन्स उतना अच्छा नहीं मिलेगा. लेकिन फिर भी उन्हें वैक्सीन लेना होगा. साथ ही ये याद रखें कि वैक्सीन से उन्हें पूरी सुरक्षा मिल गई है. इसलिए मास्क, डिस्टेंसिंग जैसी सावधानी हम अभी बरत रहे हैं, इसे कन्टिन्यू करना चाहिए.”

सवाल- “Endometriosis से जूझ रही महिला लगवाए या नहीं?”

जवाब-“जिन्हें Endometriosis होता है, उन्हें पीरियड के दौरान बहुत दर्द होता है, ब्लीडिंग भी ज्यादा होती है. ऐसे में इन लोगों के साथ वैक्सीन लगवाने के बाद ऐसा हो सकता है कि पीरियड में थोड़ी दिक्कत हो. हैवी पीरियड हो. लेकिन ये एक या दो साइकल के लिए ही होगा. उसके बाद ठीक होगा. लेकन अगर ज्यादा ब्लीडिंग हो या बहुत दर्द हो तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं.”

सवाल-“STD और UTI का सामना कर रही महिला लगवाए या नहीं?”

जवाब- “वैक्सीन लगवानी चाहिए. कोई एक्स्ट्रा सावधानी की ज़रूरत नहीं है. जो दवाइयां ले रही हैं वो लेती रहें.”

सवाल- “HIV/AIDS के मरीज़ लगवाएं या नहीं?”

जवाब- “वैक्सीन लगवानी चाहिए. लेकिन ये याद रखें कि साउथ अफ्रीका में जो वैक्सीन का ट्रायल करवाया गया है, वहां जिन लोगों को HIV है, जो ट्रीटमेंट पर हैं, उनमें इम्यून रिस्पॉन्स जो बना था, वो थोड़ा कम था. पर हमें अभी तक ये पता नहीं है कि ये इसलिए हुआ था कि वहां वैरिएंट वायरस है या नहीं. तो ज़रूर वैक्सीन लगवाएं. लेकिन सावधानी भी रखें. सावधानी जैसे मास्क लगाएं, डिस्टेंसिंग रखें. अपने डॉक्टर को भी बताएं कि वैक्सीन ले ली गई है.”

सवाल- “breast tuberculosis से जूझ रही महिला लगवाए या नहीं?”

जवाब-“ट्यूबरकुलोसिस या कोई और कंडिशन हो, तब भी वैक्सीन लगवाएं. क्योंकि दो बीमारियों का जब सामना करना पड़ता है, तब हालत और कॉम्प्लिकेटेड हो जाते हैं. इसलिए जितना जल्दी हो, वैक्सीन लगवाएं. वैक्सीन का कॉन्ट्राइंडिकेशन यही है कि अगर आपने पहला डोज़ लिया है और आपको एलर्जिक रिएक्शन हुआ है, तब दूसरा डोज़ न लगवाएं. इसके अलावा कोई कॉन्ट्राइंडिकेशन्स नहीं हैं.”

सवाल- “autoimmune diseases, जैसे- अर्थराइटिस वगैरह का सामना करना वाले लोग लगवाएं या नहीं?”

जवाब- “बिल्कुल लगवाएं. लेकिन अमेरिकन कॉलेज ऑफ रूमेटॉलॉजी (american college of rheumatology) की एक रेकेमेंडेशन है कि जिन लोगों को आर्थेराइटिस है और जो इसके लिए मिथोट्रैक्सेक्ट (methotrexate) दवा ले रहे हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने के बाद मिथोट्रैक्सेक्ट का डोज़ एक हफ्ते के लिए रोकना चाहिए.”

सवाल- “टाइप-वन और टाइप-टू डाइबिटीज़ वाले लोग, लगवाएं या नहीं?”

जवाब- “वैक्सीन लगवा सकते हैं. कोई अलग से सावधानी बरतने की ज़रूरत नहीं है, डाइबिटीज़ का इलाज भी कन्टिन्यू रखें.”

सवाल- “क्या वैक्सीन लगवाने वाले दिन, बाकी किसी और बीमारी की दवा अगर हम खा रहे हैं, क्या उसे खाना अवॉयड करें?”

जवाब-“कोई दवा रोकने की ज़रूरत नहीं है.”

सवाल- “वैक्सीन लगवाने के पहले और बाद में क्या सावधानी बरतें?”

जवाब- “ये याद रखें कि वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों को दर्द होगा, कुछ को बुखार होगा, कुछ लोगों को भूख नहीं लगेगी, थकान होगी. तो तैयार रहिएगा. वैक्सिनेशन के एक दो दिन बाद ज्यादा आराम करना चाहिए. कोई ज्यादा स्ट्रेस वाला काम न करें. अगर कोई और बीमारी है या बुज़ुर्ग है, तो आराम ज़रूर करें. हालांकि हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता है. लेकिन फिर भी तैयार रहें. एस्ट्राज़ेनिका और कोविडशील्ड वैक्सीन में पहली डोज़ के बाद साइड-इफेक्ट ज्यादा होते हैं, और कोवैक्सीन लेने पर दूसरे डोज़ के बाद साइड-इफेक्ट ज्यादा रहेंगे.”

यानी आप समझ गए होंगे कि वैक्सीन लेना सुरक्षित है. प्रेगनेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए अभी हमारे देश में गाइडलाइन्स आना बाकी है. लेकिन फिर भी अगर आपको ज्यादा ही डाउट है, तो हमारा यही सुझाव है कि एक बार अपने डॉक्टर से कंसल्ट ज़रूर करें.


वीडियो देखें: पीरियड्स के दौरान वैक्सीन लगवाने से कोई मना करे तो ये वीडियो दिखा दीजिएगा!

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