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अश्लील फोटो फैलाने वालों पर कोई एक्शन नहीं हुआ, तो BJP की महिला नेता ने ट्विटर पर इंसाफ मांगा

बीजेपी की एक महिला नेता हैं, जो पार्टी की आईटी सेल की मेंबर भी हैं. दो महीने पहले सोशल मीडिया पर किसी ने उनके नाम पर एक लड़की की ‘आपत्तिजनक’ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे. महिला नेता की झंडे वाली तस्वीर के बगल में एक दूसरी लड़की की तस्वीर एडिट करके लगाई गई थी. वीडियो भी डाले थे. मज़ाक उड़ाते हुए पोस्ट भी लिखे जा रहे थे. महिला नेता ने इस मामले में 19 मार्च को शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई हुई दो महीने बाद. 18 मई को दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बताया कि बाकियों को खोजा जा रहा है.

दो महीने बाद कैसे हुई कार्रवाई?

दरअसल, महिला नेता ने खुद ट्विटर पर पोस्ट डालकर पुलिसिया कार्रवाई में हो रही लेट-लतीफी पर सवाल उठाए थे. कहा था कि क्या बीजेपी सपोर्टर महिला होना गलत है? उन्होंने लिखा था,

‘क्या एक बीजेपी समर्थक महिला होना गलत है? फिर ये कांग्रेस, सपा और खासकर अल्पसंख्यक धर्म के लोग मेरी BJP के झंडे वाली फोटो के साथ किसी अनजान लड़की की गंदी फोटो लगाकर वायरल क्यों कर रहे हैं? क्या इनकी मां-बहन नहीं हैं? FIR कराए दो महीने हो गए, लेकिन न ऐसी पोस्ट गईं, न कोई कार्रवाई हुई. क्या इनको ऐसी गंदी और झूठी पोस्ट वायरल कर ये भी नहीं समझ आता कि वो किसी की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? खैर, न मैं हारने वाली हूं और न डरने वाली हूं. मुझे विश्वास है कानून मुझे न्याय देगा. आप सब मेरा साथ दीजिएगा.’

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17 मई को महिला नेता ने जो पोस्ट डाला था उसका स्क्रीनशॉट.
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ये भी 17 मई के पोस्ट का स्क्रीनशॉट है.

ये दो ट्वीट महिला नेता ने 17 मई को किए थे. इसके बाद ट्विटर पर उनके नाम का एक हैशटैग भी ट्रेंड करने लगा. जस्टिस फॉर (महिला नेता का नाम). 18 मई को साइबर क्राइम पुलिस DCP के ट्विटर हैंडल से दो ट्वीट किए गए. बताया गया कि मोहम्मद आसिम नाम का एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है. लिखा गया,

‘FIR दर्ज कर दी गई है. ट्विटर और फेसबुक पर हुई 26 आपत्तिजनक पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है. एक आरोपी मोहम्मद आसिम, जिसने आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर की थीं, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी अकाउंट होल्डर्स, जिन्होंने इन तस्वीरों को शेयर किया था, उनकी पहचान की जा रही है. टेक्निकल जांच हो रही है और लीगल एक्शन लिया जाएगा.’

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पुलिस ने कार्रवाई लेने की बात ट्विटर पर भी बताई.

पुलिस की कार्रवाई के बाद महिला नेता ने ट्विटर पर उनका साथ देने वाले लोगों को थैंक्यू कहा. गृह मंत्री अमित शाह को भी धन्यवाद कहा. साइबर क्राइम DCP को भी थैंक्यू कहा और उम्मीद जताई कि बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

सोशल मीडिया का सहारा क्यों लिया?

महिला नेता कहती हैं कि चूंकि दो महीने पहले उन्होंने केस दर्ज करवा दिया था, लेकिन देरी की वजह से वो परेशान हो गई थीं. मानसिक तौर पर उत्पीड़न हो रहा था उनका. इसलिए उन्हें सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा और अपने लिए न्याय की मांग करनी पड़ी. आगे कहा कि वो तब तक लड़ेंगी, जब तक हर गुनहगार को सज़ा नहीं मिल जाती.


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