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कुरआन सिखाने के नाम पर इन स्कूलों में जो हो रहा है, वो देखकर आप आंखें झुका लेंगे

उत्तर-पूर्वी अफ्रीका का सूडान नाम का देश. यहां पर शेखों द्वारा ‘खालवा’ नाम के इस्लामिक स्कूल चलाये जाते हैं. इन स्कूलों में कुरआन की शिक्षा दी जाती है. यहीं पर 18 महीनों तक रहकर बीबीसी के रिपोर्टर फ़तेह अल-रहमान अल हमदानी ने रिसर्च की. अब इनकी रिपोर्ट छपी है. बीबीसी न्यूज अरेबिक की इस रिपोर्ट के मुताबिक़, इन खालवाओं में छोटे-छोटे बच्चों के साथ भयावह अत्याचार हो रहा है.

Bbc Report Jess Kelly
सूडान के एक खालवा में पैरों में जंजीरें बांधे हुए घुमते बच्चे. (तस्वीर साभार: बीबीसी / जेस केली)

रिपोर्ट के मुताबिक़, पूरे सूडान में ऐसे 30 हजार खालवा हैं. यहां पर शेख मुफ्त में बच्चों को कुरआन पढ़ाते हैं. बच्चों को मुफ्त में रहने की जगह और खाने की सुविधा मिलती है. इस वजह से कई गरीब परिवार अपने बच्चों को इन खालवाओं में भेजते हैं. क्योंकि अपने बच्चों को स्कूलों में पढ़ा सकने लायक उनकी आर्थिक स्थिति नहीं होती.

रिपोर्टर फ़तेह अल-रहमान अल हमदानी ने बताया कि वो खुद भी एक खालवा में पढ़े थे, जहां हर रोज़ उनकी यही कोशिश होती थी कि किसी तरह पिटाई से बच जाएं. उन्होंने सूडान के लगभग 23 खालवाओं में जाकर वहां का हाल देखा. पांच साल तक के छोटे बच्चों के पैरों में बेड़ियां डालकर रखी गई थीं. इन्हीं बच्चों में से एक ने फ़तेह को बताया-

“हम छह या सात बच्चों के ग्रुप को एकसाथ जंजीरों में जकड़ दिया जाता है, और शेख फिर हमें चक्करों में दौड़ाते हैं. हममें से कोई भी गिर जाए, तो फौरन उठना पड़ता है, क्योंकि वो हम पर कोड़े चलाते रहते हैं. वो कहते हैं कि ये हमारे लिए अच्छा है.”

बच्चों ने रिपोर्टर को बताया कि उन्हें छोटी-छोटी गलतियों के लिए भी कोड़े मारे जाते हैं, कड़ी सजाएं दी जाती हैं. एक बच्चे ने ये भी बताया कि खालवा में रेप भी होते हैं. लेकिन जब एक शेख से इस बाबत सवाल किया गया, तो उसने क्रोधित होकर इन सभी आरोपों से इनकार कर दिया.

सूडान में अब जो नई सरकार आई है, वो इन सभी खालवाओं के ऊपर सर्वे कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, धार्मिक मामलों के मंत्री नसरेद्दीन मुफ्रेह ने कहा कि इन सभी में सुधार किए जाएंगे. कोई पिटाई या अत्याचार नहीं होगा, मानवाधिकारों या बाल अधिकारों का हनन नहीं होगा. लेकिन पुराने राज में इन खालवाओं को नियंत्रित करने के लिए कोई कानून नहीं थे, तो इस समस्या को सुधारने में समय लगेगा.


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