Submit your post

Follow Us

तेलंगाना: सरकारी कॉलेज में तीन लड़कियां प्रेगनेंट हो गईं, जांच हुई तो डराने वाला राज़ खुला

तेलंगाना. यहां एक डिस्ट्रिक्ट है कोमरम भीम. इस डिस्ट्रिक्ट में एक सरकारी कॉलेज है. यहां अंडर-ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही तीन लड़कियां प्रेगनेंट पाई गईं. तीनों की प्रेगनेंसी यौन हिंसा का नतीजा हैं. और करने वाला एक ही आदमी. ये बात तब खुली जब कॉलेज में रूटीन चेकप हुआ.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के मुताबिक, कॉलेज के 10 स्टूडेंट्स का हाल-फ़िलहाल में रूटीन चेकप हुआ. इस डिस्ट्रिक्ट के चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर ने बताया कि तीनों लड़कियों के साथ कुछ दिन पहले ही यौन हिंसा हुई थी. अजीब बात ये है कि आरोपी की शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है.

तीन में से दो पीड़ित लड़कियां बीएससी फर्स्ट इयर की स्टूडेंट हैं. वहीं तीसरी लड़की बीएससी सेकंड इयर की स्टूडेंट है.

ख़बरों के मुताबिक, जनरल मेडिकल चेकप 21 नवंबर को हुआ था. पर ये बात 28 नवंबर को सामने आई. इसकी जानकारी बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक कार्यकर्ता को पता चल गई. उसने ये ख़बर स्थानीय प्रशासन को दी.

जांच में पता चला आरोपी लड़कियों के घर के पास रहता था.
जांच में पता चला आरोपी लड़कियों के घर के पास रहता था.

शुरुआत जांच में पता चला कि लड़कियों का यौन शोषण करने वाला आदमी उनके घर के पास रहता था. कॉलेज ने अभी तक इस घटना की शिकायत दर्ज नहीं करवाई है. हालांकि जिस कार्यकर्ता ने इस घटना की जानकारी दी थी, उसने इस मामले की तफ़सील से जांच करने की मांग की.

इसी से मिलती-जुलती ख़बर ओडिशा से भी आई है. कोरापुट डिस्ट्रिक्ट में पढ़ने वाली एक सातवीं क्लास की बच्ची प्रेगनेंट पाई गई. जांच में पता चला कि उसके ही स्कूल की हेडमिस्ट्रेस के पति ने बच्ची का रेप किया था.

60 साल का आरोपी अपनी पत्नी के साथ स्कूल क्वार्टर में रहता था. वरुण गुन्टूपल्ली सब- डिविजनल पुलिस अफ़सर हैं. उनके मुताबिक आरोपी बच्ची को बार-बार स्कूल स्टाफ क्वार्टर में बुलाता था. फिर उसका रेप करता था.

बच्ची की मेडिकल जांच हो चुकी हैं. वहीं आरोपी के ऊपर पोक्सो के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.


वीडियो

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

नॉलेज

आज की ख़बरों में ये महिलाएं टॉप पर क्यों बनी रहीं, वजह जान लीजिए

किरण बेदी से लेकर नलिनी श्रीहरन तक.

लॉकडाउन खुलने के बाद सरकारी स्कूल के टीचर्स किन मुश्किलों से जूझ रहे हैं?

किसी के पास आने-जाने का साधन नहीं, तो किसी को सैनिटाइजेशन की फ़िक्र.

आज की ख़बरों में ये महिलाएं छाई रहीं, वजह भी जान लीजिए

बड़े आविष्कारों से लेकर 12वीं की परीक्षा तक.

स्कॉच ब्राइट वालों ने ढंग का काम करना चाहा, ट्विटर पर लोगों ने उल्टी गंगा बहा दी

बात थी जेंडर से जुड़ी, बिंदी लेकर उड़ चले

बीजेपी में शामिल होने वाली वीरप्पन की बेटी को पार्टी ने कौन सी जिम्मेदारी दी?

फरवरी 2020 में बीजेपी में शामिल हुई थीं.

आज पूरे दिन ख़बरों में छाई रहने वाली ये महिलाएं कौन हैं?

और इन्होंने ऐसा क्या कर दिया कि स्पॉटलाइट इन पर पड़ी है.

COVID-19: क्वारंटीन सेंटर के भीतर का ये सीन देखकर आप उम्मीद से भर जाएंगे

जहां कोरोना से ज्यादा मजबूत है इंसानी हिम्मत और न हारने का जज्बा.

समलैंगिकता 'ठीक' करने के नाम पर शर्मिंदगी से भर देने वाली 'कन्वर्जन थेरेपी' क्या है

विदेश में भी इसे एक इलाज बताकर बेचा जाता है.

शुभम मिश्रा जैसे लड़कों से लड़कर कैसे जीतती हैं इंडिया की स्टैंड-अप कॉमिक लड़कियां?

जो पहले से ही एक ऐसे फील्ड में हैं जहां लड़कियां बेहद कम हैं

प्रवासी मजदूरों की लगातार मदद कर रही थीं, COVID-19 ने जान ले ली

पश्चिम बंगाल की सिविल सर्वेंट देबदत्ता रे की मौत.