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21 साल की नन की लाश कुएं में मिली, दूसरी नन ने लिखा- और कितनी लाशें चाहिए आंखें खोलने के लिए?

केरल का पथनमथिट्टा ज़िला. यहां का थिरुवल्ला टाउन. 7 मई की दोपहर यहां एक कुएं में एक लड़की का शव मिला. ये 21 साल की दिव्या पी जाॉनी का शव था, जो नन बनने की ट्रेनिंग ले रही थी. बासिलियन सिस्टर कॉन्वेंट में पांच साल से पढ़ रही थी और वहीं रह रही थी.

‘दी न्यूज़ मिनट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 मई की दोपहर कॉन्वेंट की बाकी नर्सों को कुएं में कुछ गिरने की ज़ोरदार आवाज़ आई, जाकर देखा तो पता चला वो दिव्या थी. उसे पुष्पगिरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

थिरुवल्ला के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) हैं उमेश कुमार. उनका कहना है,

‘वो स्पिरिचुअल क्लास अटेंड कर रही थी और तभी टीचर ने उसे कुछ लिखने को कहा. फिर क्लास से बीच से ही वो लिखने के लिए बाहर आ गई. बाकी नर्सों के बयान के मुताबिक, उसे कोई दिक्कत नहीं थी. हालांकि हमने अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर लिया है.’

DSP ने बताया कि शव को पोस्ट मार्टम के लिए कोट्टायम मेडिकल कॉलेज भेजा गया था. थिरुवल्ला पुलिस का कहना है कि पोस्ट मार्टम हो गया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है. डॉक्टर्स का कहना है कि डूबने से मौत हुई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है.

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स्टूडेंट नन के अंतिम संस्कार की तस्वीर. तस्वीर क्रेडिट- वीडियो स्क्रीनशॉट(emage perumpetty)

दिव्या की मौत पर सवाल खड़े हुए

दिव्या के शव का अंतिम संस्कार हो गया है. लेकिन कुछ ऐसे सवाल हैं, जो बहुतों के मन में आ रहे हैं. जैसे ‘जस्टिस फॉर सिस्टर लूसी’ एसोसिएशन वालों के मन में आए. उन्होंने केरल के चीफ मिनिस्टर पिनरई विजयन को एक मेमोरेंडम सौंपा. पूछा कि कोई बाउंड्री वाले कुएं में गिर कैसे सकता है. इसके अलावा इस केस की निष्पक्ष जांच की मांग की. मेमोरेंडम में लिखा,

‘जांच में न तो चर्च के हेड की तरफ से, न ही किसी पॉलिटिकल लीडर की तरफ से कोई दबाव पड़ना चाहिए. अपराधियों को कानून के मुताबिक कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. कुएं के आस-पास सुरक्षा के लिए दीवार बनी हुई है, इसलिए किसी के कुएं में कूदने या गिरने की कोई संभावना ही नहीं है. और कुएं में गिरकर चोट लगने की संभावना भी बहुत कम है, क्योंकि उसमें ज्यादा पानी नहीं है. वो नन जो ये कह रही है कि उसने दिव्या को कुएं में गिरते देखा, उसने उसे बचाने की कोशिश नहीं की और न ही मदद मांगी.’

इसके अलावा ये भी सवाल किया कि कॉन्वेंट प्रशासन ने पुलिस को जानकारी देने में एक घंटे का वक्त क्यों लगा दिया. दिव्या के शव को चर्च द्वारा संचालित अस्पताल में ले जाने पर भी सवाल उठाए. अपील की कि कॉन्वेंट प्रशासन पर निगरानी रखी जाए, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो.

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कॉन्वेंट के लोगों ने उनके शव का अंतिम संस्कार किया. तस्वीर क्रेडिट- वीडियो स्क्रीनशॉट(emage perumpetty)

सिस्टर लूसी कलप्पुरा, चर्च के अंदर हो रहे बहुत से कामों के खिलाफ बोलती आई हैं. इन्हीं के सपोर्ट में ये एसोसिएशन बना था. वहीं सिस्टर लूसी ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट डालते हुए दिव्या के लिए इंसाफ की मांग की है. उन्होंने लिखा,

‘वो केवल 21 साल की थी, उसकी मौत का जिम्मेदार कौन है? उसके पैरेंट्स को इंसाफ मिलेगा? क्या पुलिस निष्पक्षता से जांच करेगी? मुझे उम्मीद नहीं है.’

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सिस्टर लूसी. इन्हीं के एसोसिएशन ने दिव्या की मौत पर सवाल उठाए. (तस्वीर क्रेडिट- सिस्टर लूसी का फेसबुक अकाउंट)

सिस्टर लूसी ने राज्य की उन सभी नन्स के नाम भी लिखे, जिनकी मौत रहस्यमय हालातों में हुई. उन्होंने लिखा,

‘सिस्टर लिंडा की मौत एक कॉन्वेंट के वॉटर टैंक में 1987 में हुई. सिस्टर माग्डेला जिन्हें कोल्लम के थिल्लेरी में 1990 में मार दिया गया. सिस्टर अभया एक कॉन्वेंट के कुएं में 1992 में. सिस्टर मर्सी कोल्लम के कोट्टियम में 1993 में. सिस्टर एनीस 1994 में एक कॉन्वेंट के कुएं में मृत मिलीं. सिस्टर बिंसी 1998 में एक कॉन्वेंट में मृत मिलीं. सिस्टर ज्योतिस कोझिकोड में एक कॉन्वेंट के कुएं में 1998 में मिलीं. सिस्टर पॉल्सी जिन्हें 2000 में पाला स्नेहगिरी कॉन्वेंट में मार दिया गया. सिस्टर एंसी 2006 में मृत मिलीं. सिस्टर लिंसा 2006 में, सिस्टर अनूपा मारिया कोल्लम में 2008 में. सिस्टर मेरी एंसी तिरुवनंतपुरम में 2011 में.’

आगे लिखा,

‘कितने मामले साबित हुए? कितनों में अपराधियों को सज़ा मिली? कितनी ननों के शव चाहिए होंगे इस सोसायटी की आंखों को खोलने के लिए?’

ट्विटर पर भी स्टूडेंट नन दिव्या की मौत पर लोग लगातार लिख रहे हैं. इधर पुलिस ज्यादा कुछ जानकारी नहीं दे रही है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने भी दो पुलिस अधिकारियों से बात की, दोनों ने केवल इतना ही कहा कि जांच चल रही है.


वीडियो देखें: क्या है सिस्टर अभया का केस, जो केरल की अब तक कि सबसे लम्बी मर्डर इन्वेस्टिगेशन है

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