व्हाट्सऐप और फेसबुक मिलकर आपकी प्राइवेसी की बैंड बजाने जा रहे हैं. आप जो आधी राततक मोबाइल चार्जिंग में ठांसकर दोस्तों, दुश्मनों, रिश्तेदारों और 'उनसे' बतियातेहैं न. वो कतई सुरक्षित बातचीत नहीं रह जाएगी. काहे कि व्हाट्सऐप की 'पापा कंपनी'है फेसबुक. उसके फाउंडर जैन कुम ने उसको बेच दिया था न. तो अब कंपनी का लेटेस्टफंडा ये है कि फेसबुक व्हाट्सऐप से इन्फो शेयर करेगी. किसी का मोबाइल नंबर भी. इसकेपीछे व्हाट्सऐप वाले लॉजिक ये दे रहे हैं कि इससे आपकी हेल्प होगी. उस इन्फॉर्मेशनके बेस पर फेसबुक आपको ज्यादा करीबी फ्रेंड्स सजेस्ट कर पाएगा. अमा घंटा. जिसकोसर्च करना होगा हम खुद कर लेंगे. तुम काहे हमारा डेटा हर ऐरे गैरे नत्थू खैरे कोबांटने बैठे हो. बड़े मंगल का प्रसाद है क्या? कि भंडारा खोल रखा है यहां. मियांजैन कुम, तुमने तो बड़ा सा ब्लॉग लिखा था अपनी कंपनी बेचते वक्त. "आपकी प्राइवेसीका रेस्पेक्ट करना हमारे DNA में है." खतम हो गया वो DNA! आ गए न हमारे मैसेजेस कासौदा करने पर! इनका कहना ये भी है कि ये इन्फॉर्मेशन निकालने से पहले हमारे पासमैसेज आएगा. जैस बैंक और एयरलाइंस से आता है. उस पर हां करने के बाद ही ये कामहोगा. माने अगर गलती से तुमने रिप्लाई कर दिया तो तुम्हारे मेले बाबू ने खाना खाया,मेला शोना से लेकर सच्चे हिंदू/मुस्लिम हो तो शेयर करो, ये फोटो वैष्णो देवी से चलाहै, 'और बताओ' वाले सभी मैसेज पूरी दुनिया पढ़ रही होगी.