The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Wayanad landslide Kerala cm pinarayi vijayan refutes Amit Shah claim of early warning

वायनाड लैंडस्लाइड: अमित शाह ने 'पहले ही वॉर्निंग' देने की बात की थी, अब CM विजयन ने जवाब दिया है

पिनरई विजयन का कहना है कि वायनाड में लैंडस्लाइड के बाद ही जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया था. उन्होंने ये भी कहा कि ये समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं है.

Advertisement
pic
31 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 09:17 PM IST)
Wayanad landslide
अमित शाह के दावों को केरल के मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया है. (फोटो- पीटीआई)
Quick AI Highlights
Click here to view more

केरल के वायनाड में भूस्खलन (Wayanad Landslides) के कारण अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा पर राजनीतिक खींचतान भी शुरू हो गई है. केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने अमित शाह के अर्ली वॉर्निंग के दावे को खारिज किया है. शाह ने आज राज्यसभा में बताया था कि केरल सरकार को 23 जुलाई को ही वॉर्निंग दी गई थी. हालांकि पिनरई विजयन का कहना है कि वायनाड में लैंडस्लाइड के बाद ही जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया था. उन्होंने ये भी कहा कि ये समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं है.

तिरुवनंतपुरम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केरल के मुख्यमंत्री ने बताया कि मौसम विभाग (IMD) ने जिले के लिए सिर्फ 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया था. उन्होंने कहा कि जिले में 500 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जो मौसम विभाग के अनुमानों से बहुत ज्यादा थी. विजयन ने कहा, 

"केंद्र सरकार के मौसम विभाग ने 115 से 204 मिलीमीटर बारिश की चेतावनी जारी की थी. लेकिन बारिश इससे कहीं ज्यादा हुई. जिले में पहले 24 घंटे में 200 मिमी और फिर उसके अगले 24 घंटे में 372 मिमी बारिश हुई. ये शुरुआती चेतावनी से कहीं ज्यादा थी. भूस्खलन से पहले इलाके में रेड अलर्ट कभी नहीं जारी किया गया था. हालांकि घटना के बाद, सुबह 6 बजे रेड अलर्ट जारी हुआ."

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 23 और 28 जुलाई के बीच भारी बारिश के लिए कोई 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी नहीं किया गया था. उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को दोपहर 1 बजे वायनाड जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया था.

विजयन ने ये जरूर कहा कि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने 29 जुलाई को दोपहर 2 बजे एक 'ग्रीन अलर्ट' जारी किया था. इसके तहत, 30 और 31 जुलाई के बीच हल्की लैंडस्लाइड या चट्टान टूटने की आशंका जताई गई थी. उन्होंने बताया कि तब तक, भारी बारिश शुरू हो चुकी थी और लैंडस्लाइड हो गई.

अमित शाह ने क्या आरोप लगाया?

इससे पहले, 31 जुलाई को अमित शाह ने राज्यसभा में वायनाड के मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम का जिक्र कर केरल सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि आगाह करने के बाद राज्य सरकार ने क्या किया. बताया कि 23 जुलाई को ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (NDRF) की 9 टीम वहां भेज दी गई थीं. शाह ने सदन में पूछा कि केरल सरकार ने क्या किया, जहां ये घटना हुई वहां से कितने लोगों को शिफ्ट किया गया, अगर शिफ्ट किया गया तो इतने लोगों की मौतें कैसे हुईं.

शाह ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि भारत सरकार ने 23 जुलाई को ही केरल सरकार को वॉर्निंग दी गई थी. उन्होंने बताया, 

"सात दिन पहले वॉर्निंग दे दी गई. फिर 24 जुलाई को दी गई, फिर 25 तारीख को गई. 26 तारीख को ये कहा गया था कि 20 सेमी (200 मिलीमीटर) से ज्यादा बारिश होगी. भारी बारिश होगी, लैंडस्लाइड होने की संभावना है, कीचड़ भी बहकर आ सकता है और इसके अंदर लोग दबकर मर भी सकते हैं."

अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार के अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर सवाल किए गए, इसलिए वे बता रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस देश में कई राज्य सरकारें ऐसी हैं कि जिन्होंने इस वॉर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल किया और वहां जानमाल की क्षति बिल्कुल नहीं हुई. शाह ने बताया, 

"भारत सरकार ने 2014 के बाद से अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर 2000 करोड़ रुपये खर्च किया है. इसके तहत 7 दिन पहले हर राज्य सरकार को सूचना भेजी जाती है. और वो सूचना वेबसाइट पर सबके लिए उपलब्ध है."

शाह ने आगे कहा कि बारिश, हीट वेव, तूफान, चक्रवात और बिजली गिरने के लिए भी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम है. उन्होंने दावा किया है कि भारत का डिजास्टर अर्ली वॉर्निंग सिस्टम दुनिया में सबसे आधुनिक है. और इन आपदाओं के लिए सात दिन पहले अलर्ट करने वाले सिर्फ 4 देश हैं, उनमें एक भारत है.

प्रधानमंत्री कार्यालय से 2 लाख का मुआवजा

भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी एजेंसियां अब भी बचाव अभियान चला रही हैं. कई परिवारों का कहना है कि उनके परिवार का पता नहीं चल पाया है.

सेना ने अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 1,000 से ज्यादा लोगों को सफलतापूर्वक निकाला है. सेना सहित NDRF टीम, राज्य पुलिस, वन अधिकारी और स्वयंसेवकों के लगभग 500 से 600 कर्मी आज बचाव अभियान चला रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना के सहयोग से हेलिकॉप्टर भी जुटाए गए हैं.

ये भी पढ़ें- भारी बारिश से पानी-पानी हुआ लखनऊ, विधानसभा, नगर निगम ऑफिस तक नहीं बचे, और सरकार…

प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपदा में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की है. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे. PM नरेंद्र मोदी ने आज सुबह केरल के मुख्यमंत्री से बात की है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता भी बचाव कार्य में लगें.

वीडियो: वायनाड हादसे को लेकर विपक्ष ने ऐसा क्या कि अमित शाह भड़क गए?

Advertisement

Advertisement

()