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फिलिस्तीन के लिए पैसे जुटाने वाली पोस्ट की, UP पुलिस का कॉन्सटेबल सस्पेंड हो गया!

Israel-Hamas War: कॉन्सटेबल सोहेल ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे ने गलती से वो पोस्ट शेयर कर दिया. इसके बाद कॉन्सटेबल ने अपना अकाउंट डिलीट कर दिया.

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16 अक्तूबर 2023 (पब्लिश्ड: 01:58 PM IST)
up police constable suspended raised fund to save palestine people amid israel hamas war
इजरायल फिलिस्तीन विवाद के बीच UP पुलिस कॉन्सटेबल सस्पेंड (सांकेतिक फोटो- ANI)
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फिलिस्तीन समर्थक पोस्ट (Palestine Protest) करने के आरोप में एक UP पुलिस कॉन्सटेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि कॉन्सटेबल ने एक फेसबुक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें लिखा था कि इस पोस्ट को एक बार रीशेयर करने पर फिलिस्तीन के लिए एक डॉलर दान किया जाएगा. निलंबित करने के बाद कॉन्सटेबल के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. कॉन्सटेबल का नाम सुहैल अंसारी है. वो पिछले कुछ महीनों से लखीमपुर खीरी जिले में तैनात था. उसके फेसबुक अकाउंट से किए गए पोस्ट किए गए पोस्टर में लिखा था,

फिलिस्तीन को बचाने में मदद करो. 1 REPOST=$1, सारी डोनेशन सीधे  @ISLAMICRELIEFUSA को भेजी जा रही है.

कांस्टेबल सोहेल अंसारी का फेसबुक पोस्ट.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्सटेबल सोहेल ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे ने गलती से वो पोस्ट शेयर कर दिया. इसके बाद कॉन्सटेबल ने अपना अकाउंट डिलीट कर दिया.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कॉन्सटेबल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. खीरी के पुलिस उपाधीक्षक संदीप सिंह ने कहा कि एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक का अधिकारी कांस्टेबल से सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन समर्थक पोस्ट के बारे में पूछताछ की है. आगे की जांच जारी है.

ये भी पढ़ें- कर्नाटक: फिलिस्तीन के समर्थन में WhatsApp स्टेटस लगाने का आरोप, युवक अरेस्ट हो गया

इससे पहले फिलिस्तीन के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने पर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया था. उस पर IPC की धारा 153-A (दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (2) (वर्गों के बीच दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया. FIR में एक अन्य मौलवी का नाम भी शामिल था. 

बरेली के एक डॉक्टर पर भी मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर केस दर्ज किया गया था.डॉ. परमेंद्र माहेश्वरी ने कथित तौर पर वॉट्सऐप पर इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. 13 अक्टूबर को परमेंद्र पर IPC की धारा 153-ए और 295-ए (किसी भी वर्ग का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण काम करना) के तहत मामला दर्ज किया गया.

बीते दिनों अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रों ने फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के बाद कुछ छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. तब योगी सरकार ने आदेश दिया था कि इजरायल-हमास युद्ध में भारत सरकार के स्टैंड के खिलाफ किसी भी बयान या एक्टिविटी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इससे पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को एक आधिकारिक बयान में कहा था कि भारत ने हमेशा से ही एक अलग और स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य का समर्थन किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाओं के तहत इज़रायल के साथ एक आजाद, संप्रभु और व्यवहार्य फिलिस्तीन राज्य की स्थापना की वकालत की है.

वीडियो: हमास के नेता को मारकर इजरायल ने क्या धमकी दी?

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