केंद्रीय मंत्री और अरुणाचल पश्चिम संसदीय क्षेत्र से सांसद किरेन रिजिजू (KirenRijiju) ने हाल में सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की थी. फोटो एक दुकान की थी, लेकिनउसके ऊपर पब्लिक टॉयलेट का बोर्ड लगा हुआ था. तस्वीर में बोर्ड पर लिखा था कि इसकोसांसद फंड से बनवाया गया है. यह पब्लिक टॉयलेट साल 2015 में सांसद रिजिजू के फंड सेही बनवाया गया था. लेकिन बोर्ड के नीचे पब्लिक टॉयलेट की बजाए एक दुकान थी. तस्वीरदेखकर ऐसा लग रहा था कि एक पब्लिक टॉयलेट पर अतिक्रमण करके दुकान खोल ली गई है. तस्वीर पोस्ट करते हुए रिजिजू ने एक्शन लेने की बात कहीइसी तस्वीर को पोस्ट करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा,मुझे किसी से यह तस्वीर मिली है. संबंधित विभाग इस पर जरूरी कार्रवाई करें. या मैंऔपचारिक तौर पर उचित कार्रवाई शुरू करूंगा.I've just received this picture from a well wisher. The concern Department maykindly take necessary action. Or I will formally initiate a proper action.pic.twitter.com/KZPuKXHEJ7— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) June 26, 2022बोर्ड देखकर ये पता चला कि फोटो नाहरलगुन (Naharlagun) शहर के बाजार की है. आजतक कीरिपोर्ट के मुताबिक रिजिजू की पोस्ट के बाद प्रशासन हरकत में आ गया. ईटानगर केडिप्टी कमिश्नर तालो पोटोम (Talo Potom) के साथ नाहरलागुन मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनके लोग, पब्लिक टॉयलेट के कॉन्ट्रैक्टर और सोशल वर्कर उस जगह पर पहुंचे. और वहांपहुंचकर पूरी सच्चाई सामने आई. क्या पब्लिक टॉयलेट को दुकान बना दिया गया था?दरअसल, सार्वजनिक टॉयलेट पर कब्जा नहीं हुआ था. टॉयलेट उस दुकान के ऊपर मौजूदसीढ़ियों के पीछे है. बस बोर्ड गलत जगह लगा होने की वजह से कन्फ्यूजन हो गई. मीडियासे बात करते हुए डिप्टी कमिश्नर तालो पोटोम ने बताया कि सार्वजनिक टॉयलेट परअतिक्रमण की बात सही नहीं है औऱ बोर्ड गलत जगह लगे होने की वजह से कन्फ्यूजन हुई. इसके बाद किरेन रिजिजू ने कन्फ्यूजन दूर करले वाला वीडियो शेयर करते हुए ट्वीटकिया,गलतफहमी दूर हो गई है. अब मैं संतुष्ट हूं क्योंकि लोग सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहेहैं.Misconception or misunderstanding has been cleared. Now I'm satisfied becausepeople are using facilities. pic.twitter.com/uNwRDM7SSD— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) June 27, 2022वहीं डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए अलग-अलग पब्लिकटॉयलेट हैं, हालांकि उन्होंने ये माना कि टॉयलेट अच्छी हालत में नहीं हैं. उन्होंनेये भी स्वीकार किया कि राजधानी ईटानगर के साथ-साथ राज्य के कई शहरों और कस्बों मेंकई सरकारी भूमि और क्वार्टरों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है और सरकारअतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बना रही है.