पाकिस्तान का आज़ादी वाला दिन था. जैसे हमारे यहां हर 15 अगस्त पर 'ऐ मेरे वतन केलोगों' याद आता है. पाकिस्तान का एक बहुत फेमस देशभक्ति गीत है, 'ऐ वतन के सजीलेजवानों'. यह गाना 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय जमीलुद्दीन आली ने लिखा था.नूरजहां ने इसका ओरिजिनल वाला वर्जन गया था. पाकिस्तान के एक स्कूल में पढ़ने वाली 9साल की महमूना साजिद ने जब ये गाना गाया. उनके टीचर भी सन्न रह गए. इतनी प्यारीआवाज़ है इस बच्ची की. उसके भाई का कहना है कि वो पिछले 5 सालों से हर सिंगिंगकम्पटीशन जीतती आ रही है. फेसबुक पर भी खूब वायरल हो रहा है उसका गाया हुआ ये गाना.'ऐ वतन के सजीले जवानों मेरे नगमें तुम्हारे लिए हैं सरफरोशी है ईमान तुम्हाराजुर्रतों के परिस्तार हो तुम जो हिफाज़त करे सरहदों की वो फलकबोस दीवार हो तुम ऐशुजात के जिंदा निशानों मेरे नगमें तुम्हारे लिए हैं तुम पे जो कुछ लिखा शायरों नेउसमें शामिल है आवाज़ मेरी उड़ के पहुंचोगे तुम जिस फलक पर साथ जाएगी परवाज़ मेरी चांदतारों के ऐ राजदारों, मेरे नगमें तुम्हारे लिए हैं' गाना कोई भी गाए. किसी भी देशके लिए गाया जाए. बच्ची का टैलेंट देखकर हमारे तो रोएं खड़े हो गए. अब इसी कानूरजहां वाला वर्जन भी सुन लीजिए.