चारपाई से जोत डाला तीन एकड़ खेत, फोटो वायरल
महाराष्ट्र के एक किसान की कहानी. बदहाली में अपनी क्रिएटिविटी से उसने निकाला रास्ता.
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Credit: Sudhakar Patil
ये फोटो है महाराष्ट्र के एक किसान की. महाराष्ट्र में हैं जलगांव. वहां एक गांव खड़की बुद्रूक. उस गांव में विठोबा मांडोले नाम का एक गरीब किसान रहता है. कुछ साल पहले वो एक दुकान चलाता था. लेकिन किसी वजह से रोजगार चौपट हो गया. फिर वो दूसरों के खेत में काम करने लगा. लेकिन वहां पैसे नहीं मिलते थे. इसलिए उसने किसी से थोड़ी सी ज़मीन किराए पर ले ली.
लेकिन अब एक और समस्या आ गई. खेत तो था. पर अब उसकी जुताई करनी थी. बिना खेत जोते तो कुछ बोया नही जा सकता. लेकिन उसके लिए चाहिए था 'हल'. और उसमें जोतने के लिए चाहिए थे बैल. ये सब खरीदने के पैसे विठोबा के पास नहीं थे. इसलिए उसने एक चारपाई ली. उसके दो पैरों के नीचे लोहे के फार (वो जो हल के नीचे नुकीला सा लगा होता है) बांध दिए. एक तरफ दो पत्थर रख दिए ताकि वेट होने की वजह से चारपाई उठ ना जाए. चारपाई बांध ली अपनी कमर में और पूरा खेत जोत डाला. अब वो आधे खेत में कपास बोएगा और आधे खेत में मक्का. किसी ने खेत जोतते हुए उसकी ये फोटो खींची. और फेसबुक पर डाल दी.
Credit: Divyamarathi
फेसबुक पर लोगों के इस फोटो पर तरह-तरह के व्यू हैं. लोग एक तरफ विठोबा के जज्बे को सैल्यूट कर रहे हैं. साथ ही इस देश में किसानों के हालात पर अफ़सोस भी जता रहे हैं.
किसी ने कमेंट किया है, 'कैसी विडंबना है. एक तरफ तो गाड़ियों की लाइन पर लाइन लगाई जा रही है. दूसरी तरफ जिसको ज़रुरत है. उसके लिए एक भी गाड़ी नही है.'
इस किसान के जज्बे को वाकई सलाम है.
लेकिन अब एक और समस्या आ गई. खेत तो था. पर अब उसकी जुताई करनी थी. बिना खेत जोते तो कुछ बोया नही जा सकता. लेकिन उसके लिए चाहिए था 'हल'. और उसमें जोतने के लिए चाहिए थे बैल. ये सब खरीदने के पैसे विठोबा के पास नहीं थे. इसलिए उसने एक चारपाई ली. उसके दो पैरों के नीचे लोहे के फार (वो जो हल के नीचे नुकीला सा लगा होता है) बांध दिए. एक तरफ दो पत्थर रख दिए ताकि वेट होने की वजह से चारपाई उठ ना जाए. चारपाई बांध ली अपनी कमर में और पूरा खेत जोत डाला. अब वो आधे खेत में कपास बोएगा और आधे खेत में मक्का. किसी ने खेत जोतते हुए उसकी ये फोटो खींची. और फेसबुक पर डाल दी.
Credit: Divyamarathi
फेसबुक पर लोगों के इस फोटो पर तरह-तरह के व्यू हैं. लोग एक तरफ विठोबा के जज्बे को सैल्यूट कर रहे हैं. साथ ही इस देश में किसानों के हालात पर अफ़सोस भी जता रहे हैं.
किसी ने कमेंट किया है, 'कैसी विडंबना है. एक तरफ तो गाड़ियों की लाइन पर लाइन लगाई जा रही है. दूसरी तरफ जिसको ज़रुरत है. उसके लिए एक भी गाड़ी नही है.'
इस किसान के जज्बे को वाकई सलाम है.

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