ऐप लोन कंपनी ने 4 हजार रुपए की रिकवरी के लिए इतना परेशान किया कि युवक ने जान दे दी
ऐप कंपनी ने युवक के दोस्तों को भी वसूली के मेसेज भेजने शुरू कर दिए थे
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तमिलनाडु के रहने वाले विवेक ने ऐप के जरिए 4 हजार का लोन लिया था, पिता के इलाज के लिए. लेकिन लॉकडाउन आदि वजहों से लौटा नहीं पा रहे थे.
ऐप के जरिए फटाफट लोन देने वाली कंपनियों की रिकवरी के तरीके से परेशान होकर सुसाइड करने का एक और मामला सामने आया है. मामला तमिलनाडु का है. यहां ऐप से लोन लेने वाले आर. विवेक नाम के शख्स के दोस्तों तक को कंपनी ने मेसेज भेजने शुरु कर दिए थे. बदनामी की जाने लगी. इसी से परेशान होकर विवेक ने कुएं में कूदकर जान दे दी.
4000 हजार के लोन पर गई जान विवेक एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे. तमिलनाडु के चेंगलपुत्तु जिले के पालयानूर गांव में रहते थे. उन्होंने मोबाइल ऐप के जरिए 4 हजार रुपए का लोन लिया. पिता के इलाज के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी. जल्दबाजी में जरूरत पड़ने पर ऐप से लोन ले लिया. लेकिन लॉकडाउन और दूसरी दिक्कतों की वजह से वह लोन का पैसा वक्त पर वापस नहीं कर पाए. इसके बाद कस्टमर केयर से लोन की रकम लौटाने के लिए फोन आने लगे. आरोप है कि विवेक से फौरन पैसे वापस करने और ऐसा न करने पर बदनामी के लिए तैयार रहने को कहा गया.
21 दिसंबर को विवेक को तब बड़ा झटका लगा, जब उनके दोस्तों के पास इस लोन को लेकर फोन और मेसेज आने लगे. दोस्तों का दावा है कि लोन कंपनी की ओर से भेजे जा रहे इन मेसेज में लिखा था- कंपनी ने न सिर्फ पैसे वापस करने की चेतावनी दी बल्कि विवेक पर गैरकानूनी काम करने का आरोप भी मढ़ दिया. अपने ऊपर इस तरह के आरोपों से विवेक परेशान इतना परेशान हुआ कि कुएं में कूदकर जान दे दी. काफी खोजबीन के बाद उनका शव मिला.
ऐप से लोन लेना इतना महंगा पड़ा कि परेशान होकर विवेक ने जान दे दी.
कैसे मिलते हैं कंपनियों को दोस्तों के नंबर
जब भी हम कोई ऐप इस्तेमाल करते हैं तो वह आपसे कई तरह की परमीशन मांगता है. अक्सर इसमें आपके फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट के नंबरों से लेकर माइक्रोफोन और कैमरे तक का कंट्रोल ले लिया जाता है. ऐप इस तरह के परमीशन का फायदा उठाते हैं. पैसे वसूलने के लिए न सिर्फ विवेक को फोन किया गया, बल्कि उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट के बाकी नंबरों को मेसेज भी किए गए.
बहन ने कहा- लोन ने भाई की जान ले ली
विवेक की बड़ी बहन ने कहा कि उनके भाई ने मजबूरी में ऐप के जरिए लोन लिया था. लोन न चुका पाने की वजह से उन्हें कई तरह से परेशान किया जा रहा था. लोन देने वाली कंपनियों को समझना चाहिए कि किसी की जिंदगी पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण है. विवेक की आत्महत्या के बाद 22 दिसंबर को तकरीबन 50 लोग पादलम पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और पुलिस से विवेक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की.
पुलिस ले रही ऐप लोन कंपनियों पर एक्शन
ऐप लोन कंपनियों के खिलाफ लगातार शिकायतों और इनकी वजह से आत्महत्या की खबरें अक्सर आ रही हैं. इसे लेकर अब पुलिस भी चौकन्नी हो गई है. तेलंगाना पुलिस ने इन कंपनियों में काम करने वाले 11 लोगों को 22 दिसंबर को अरेस्ट किया है. ये गिरफ्तारियां दिल्ली और बेंगलुरु से हुई हैं. गिरफ्तारी करने वाली हैदराबाद पुलिस का कहना है कि गूगल प्ले पर मौजूद ऐसी 30 लोन देने वाले ऐप्स को 4 कंपनियां चलाती हैं. इनके 2 ऑफिस गुड़गांव में और दो बेंगलुरु में हैं. यहां तकरीबन 1100 लोग काम करते हैं. इनमें से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 700 लैपटॉप जब्त किए गए हैं. साइबर क्राइम यूनिट पूरे देश में छापे मारने का काम शुरू कर चुकी है. इन कंपनियों के तार चीन से भी जोड़े जा रहे हैं.
लगातार बढ़ रहे हैं ऐप लोन की वजह से सुसाइड करने वाले
ऐप के जरिए लिया लोन न लौटा पाने और अपने परिचितों के बीच बदनामी की वजह से आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे मामले साउथ इंडिया से ज्यादा आ रहे हैं. दिसंबर के महीने में ही राजेंद्र नगर के 29 साल के पी. सुनील, तेलंगाना के मेडक जिले के 23 साल के इद्दु श्रवण यादव और सिद्दीपेट कस्बे की 28 साल की मौनिक नाम की महिला ने तंग आकर आत्महत्या कर ली. नवंबर महीने में भी इस तरह की लगभग 5 मौतें रिपोर्ट हुई थीं.
4000 हजार के लोन पर गई जान विवेक एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे. तमिलनाडु के चेंगलपुत्तु जिले के पालयानूर गांव में रहते थे. उन्होंने मोबाइल ऐप के जरिए 4 हजार रुपए का लोन लिया. पिता के इलाज के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी. जल्दबाजी में जरूरत पड़ने पर ऐप से लोन ले लिया. लेकिन लॉकडाउन और दूसरी दिक्कतों की वजह से वह लोन का पैसा वक्त पर वापस नहीं कर पाए. इसके बाद कस्टमर केयर से लोन की रकम लौटाने के लिए फोन आने लगे. आरोप है कि विवेक से फौरन पैसे वापस करने और ऐसा न करने पर बदनामी के लिए तैयार रहने को कहा गया.
21 दिसंबर को विवेक को तब बड़ा झटका लगा, जब उनके दोस्तों के पास इस लोन को लेकर फोन और मेसेज आने लगे. दोस्तों का दावा है कि लोन कंपनी की ओर से भेजे जा रहे इन मेसेज में लिखा था- कंपनी ने न सिर्फ पैसे वापस करने की चेतावनी दी बल्कि विवेक पर गैरकानूनी काम करने का आरोप भी मढ़ दिया. अपने ऊपर इस तरह के आरोपों से विवेक परेशान इतना परेशान हुआ कि कुएं में कूदकर जान दे दी. काफी खोजबीन के बाद उनका शव मिला.
ऐप से लोन लेना इतना महंगा पड़ा कि परेशान होकर विवेक ने जान दे दी.
कैसे मिलते हैं कंपनियों को दोस्तों के नंबर
जब भी हम कोई ऐप इस्तेमाल करते हैं तो वह आपसे कई तरह की परमीशन मांगता है. अक्सर इसमें आपके फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट के नंबरों से लेकर माइक्रोफोन और कैमरे तक का कंट्रोल ले लिया जाता है. ऐप इस तरह के परमीशन का फायदा उठाते हैं. पैसे वसूलने के लिए न सिर्फ विवेक को फोन किया गया, बल्कि उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट के बाकी नंबरों को मेसेज भी किए गए.
बहन ने कहा- लोन ने भाई की जान ले ली
विवेक की बड़ी बहन ने कहा कि उनके भाई ने मजबूरी में ऐप के जरिए लोन लिया था. लोन न चुका पाने की वजह से उन्हें कई तरह से परेशान किया जा रहा था. लोन देने वाली कंपनियों को समझना चाहिए कि किसी की जिंदगी पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण है. विवेक की आत्महत्या के बाद 22 दिसंबर को तकरीबन 50 लोग पादलम पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और पुलिस से विवेक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की.
पुलिस ले रही ऐप लोन कंपनियों पर एक्शन
ऐप लोन कंपनियों के खिलाफ लगातार शिकायतों और इनकी वजह से आत्महत्या की खबरें अक्सर आ रही हैं. इसे लेकर अब पुलिस भी चौकन्नी हो गई है. तेलंगाना पुलिस ने इन कंपनियों में काम करने वाले 11 लोगों को 22 दिसंबर को अरेस्ट किया है. ये गिरफ्तारियां दिल्ली और बेंगलुरु से हुई हैं. गिरफ्तारी करने वाली हैदराबाद पुलिस का कहना है कि गूगल प्ले पर मौजूद ऐसी 30 लोन देने वाले ऐप्स को 4 कंपनियां चलाती हैं. इनके 2 ऑफिस गुड़गांव में और दो बेंगलुरु में हैं. यहां तकरीबन 1100 लोग काम करते हैं. इनमें से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 700 लैपटॉप जब्त किए गए हैं. साइबर क्राइम यूनिट पूरे देश में छापे मारने का काम शुरू कर चुकी है. इन कंपनियों के तार चीन से भी जोड़े जा रहे हैं.
लगातार बढ़ रहे हैं ऐप लोन की वजह से सुसाइड करने वाले
ऐप के जरिए लिया लोन न लौटा पाने और अपने परिचितों के बीच बदनामी की वजह से आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे मामले साउथ इंडिया से ज्यादा आ रहे हैं. दिसंबर के महीने में ही राजेंद्र नगर के 29 साल के पी. सुनील, तेलंगाना के मेडक जिले के 23 साल के इद्दु श्रवण यादव और सिद्दीपेट कस्बे की 28 साल की मौनिक नाम की महिला ने तंग आकर आत्महत्या कर ली. नवंबर महीने में भी इस तरह की लगभग 5 मौतें रिपोर्ट हुई थीं.

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