दो जवान औरतें. CRPF और पुलिस खोज रही हैं इनको जंगलों में. इनके ऊपर इनाम है. 9लाख और 1 लाख का. नाम मालूम है. सोनी और सोनाय. पर फोटो नहीं है. सुकमा, दंतेवाड़ाजैसे इलाकों में रहती हैं ये. छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के नक्सलीइलाकों में घूमती रहती हैं. कई तरह की बोलियां बोलती हैं. आसानी से वहां की पब्लिकमें घुल-मिल जाती हैं. नक्सलियों की जो इमेज है, उससे अलग हैं दोनों.पर बस्तर में आज CRPF और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया है.दोनों ही बेहद खतरनाक और शातिर हैंCRPF और पुलिस दोनों ही नहीं खोज पा रही थीं. CRPF के 78 जवानों को दंतेवाड़ा मेंमार दिया था नक्सलियों ने. ये दोनों औरतें अभी हाल में हुए आन्ध्र प्रदेश विधानसभाचुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों को मारने की आरोपी हैं.दोनों को खूंखार नक्सलियों में गिना जाता है. सोनी नक्सलियों की मिलिट्री कंपनीकमांडर और सनाय एरिया कमिटी मेंबर है. दोनों ही CRPF और पुलिस पर हमलों में शामिलथीं. डेढ़ दर्जन मामलों में दोनों आरोपी हैं. इस इलाके में दोनों के होने की कई बारसूचना मिली पुलिस को. पर कोई पहचान ना होने के कारण पुलिस कुछ नहीं कर पाई. सोनी तोनक्सलियों की मिलिट्री कंपनी कमांडर थी. इसलिए उसके साथ हमेशा 6-7 नक्सली मौजूदरहते थे. पुलिस के हरकत में आने से पहले ये लोग नदारद हो जाते. जरूरत पड़ने पर दो-दोहाथ कर लेते. पर सोनी हाथ ना आती.बारिश के चलते जंगल छोड़ गांवों में आना पड़ा, पर पुलिस घात लगाये बैठी थीइस बार CRPF के ख़ुफ़िया लोगों को सोनी के एक गांव में आने की जानकारी मिली तो जबरघेराबंदी की गई. पुलिस को भी बुला लिया गया. आज-कल बस्तर में जबरदस्त बारिश हो रहीहै. इसलिए सारे नक्सली भेष बदलकर गांवों में छिपे हुए हैं. तो CRPF और पुलिस तैयारथे इस सूचना के लिए. दोनों ही औरतों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके पास से AK-47 औरकई तरह के हथियार मिले. अभी तक ये क्लियर नहीं है कि ये लोग गांव वालों को धमकाकरवहां छुपे थे या गांव वाले वाकई में इनकी मदद करते हैं.ट्रक उड़ाने के बाद एक नक्सली औरत ने गिल्ट फील कियाइसके अलावा नारायणपुर में एक नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया है. फूलो सलाम नाम कीऔरत. इस पर 3 लाख का इनाम था. इन पर पुलिस पर हमले के दो दर्जन मामले दर्ज हैं. अभीकुछ दिन पहले नारायणपुर सुकमा रोड पर सड़क निर्माण में लगे ट्रकों और डंपरों को जलादिया था इन्होंने. पर बात करते हैं आदिवासियों के हितों की. रोड भी नहीं बनने देते.पर इस वारदात के बाद फूलो का मन बदल गया था. वो पुलिस से बात कर रही थी आत्मसमर्पणके लिए.