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इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहती हैं डिप्टी कलेक्टर, खींचातानी के दौरान कपड़े फटे

एसडीएम निशा बांगरे ने इस्तीफा मंजूर न होने पर 28 सितंबर को आमला से 'न्याय यात्रा' शुरू की थी. वो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के बाहर अनशन करना चाहती थीं.

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9 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 9 अक्तूबर 2023, 11:44 PM IST)
smd nisha bangre arrested during protest against mp government clothes torn
9 अक्टूबर को निशा मुख्यमंत्री आवास पर आमरण अनशन करने वाली थीं निशा बांगरे. (फोटो- ट्विटर)
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Madhya Pradesh Elections 2023 के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है. लेकिन डिप्टी कलेक्टर Nisha Bangre चुनाव लड़ पाएंगी या नहीं, इसपर संशय बना हुआ है. निशा बांगरे ने अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसे सरकार ने मंजूरी नहीं दी है. मंजूरी न मिलने के विरोध में निशा ने पैदल यात्रा शुरू की थी. इसी दौरान 9 अक्टूबर को मध्यप्रदेश पुलिस ने भोपाल में उन्हें हिरासत कर लिया. खबरों के मुताबिक हिरासती के दौरान निशा के कपड़े भी फट गए.  

छतरपुर ज़िले के लवकुश नगर की एसडीएम निशा बांगरे ने इस्तीफा न मंजूर होने पर 28 सितंबर को बैतूल ज़िले में पड़ने वाले आमला से ‘न्याय यात्रा’ शुरू की थी. उनकी यात्रा भोपाल पहुंचने वाली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक 9 अक्टूबर को निशा मुख्यमंत्री आवास के बाहर आमरण अनशन करने वाली थीं. लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत कर लिया. स्थानीय मीडियो के मुताबिक इस दौरान कुछ कांग्रेस नेता भी मौजूद थे.

चुनाव लड़ने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसडीएम निशा बांगरे इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं. उन्होंने 22 जून 2023 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन लगभग चार महीने बाद भी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है.    

निशा बांगरे ने दावा किया था कि वो एक अनुसूचित जाति की महिला हैं, इस कारण उन्हें उनके स्वतंत्रता के अधिकारों से दूर किया जा रहा है. निशा ने ये भी कहा था कि अगर वो बीजेपी से चुनाव लड़तीं तो उनका इस्तीफा एक दिन में मंजूर कर लिया जाता. बीजेपी सरकार का विरोध करते हुए निशा ने कहा कि शिवराज सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है.

अंबेडकर का पोस्टर लेकर किया विरोध                                    

9 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान निशा बांगरे भीमराव आंबेडकर का पोस्टर लेकर पहुंची थी. उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि आंबेडकर का पोस्टर भी फाड़ दिया गया. निशा ने ये भी कहा कि एक दलित बेटी के कपड़े भी फाड़ दिए गए.

निशा बांगरे ने साल 2016 की मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी. 2016 में उन्हें डीएसपी का पद मिला था. जिसके बाद उन्होंने फिर से परीक्षा दी. साल 2017 की परीक्षा पास करने के बाद उनका डिप्टी कलेक्टर के पद चयन हुआ था.

(ये भी पढ़ें: मध्यप्रदेश: झगड़ा सुलझाने के लिए बुलाई पंचायत में ही चली गोलियां, 5 की मौत)

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