फ़ेल्प्स और यूसेन बोल्ट से ज़्यादा मेडल झाड़ेगी ये लड़की
सिमोन बाइल्स. एक जिमनास्ट, जो भयंकर कलाबाजी खाती है. एकदम परफ़ेक्ट.
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फोटो - thelallantop
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"वो हज़ारों सालों में एक बार आने वाली एथलीट है. उसके पैर नासा ने बनाये हैं." - विलियम सैंड्स. स्पोर्ट्स साइंटिस्ट.
"किसी दिन कोई जिमनास्ट टॉप पर हो सकता है. अगले दिन कोई और हो सकता है. लेकिन सिमोन नहीं. सिमोन हमेशा बेस्ट रहती है." - एली रेज़मैन. दो बार यूएसए की टीम कैप्टन.
सिमोन बाइल्स. 4 फ़ुट 8 इंच की 19 साल की लड़की. जिसे कार्देशियां और स्नैपचैट पसंद है. सिमोन बाइल्स तीन बार वर्ल्ड चैम्पियन रह चुकी हैं. कहा जा रहा है कि अगले हफ़्ते सिमोन अपने चारों कम्पटीशनों में गोल्ड जीत कर ले आयेंगी.
लेकिन बात ये नहीं है कि बाइल्स कितने मेडल जीत के लायेंगी. बात ये है कि वो कैसे मेडल्स जीतती हैं. 1972 के ओलंपिक्स के बाद से दुनिया के लेजेंड जिम्नास्ट्स ने परफॉर्म किया है. इनमें ओल्गा कोर्बुत, नादिया कोमानाची और मेरी लू रेटन भी शामिल हैं. इतने पीरियड में महिलाओं के सभी कम्पटीशन्स को किसी ने भी 0.3 के मार्जिन से ज़्यादा जाकर नहीं जीता है. ऐवरेज मार्जिन रहा है 0.208 पॉइंट्स का. सन्डे को बाइल्स ने क्वालिफाइंग राउंड को 1.759 पॉइंट्स से जीता.
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थोड़े से रिफरेन्स के लिए बता दूं कि माइकल फ़ेल्प्स ने इस हफ़्ते अपनी 200 मीटर की रेस 0.04 सेकंड्स के अंतर से जीती थी. ऐसे में जब वो थर्सडे को फाइनल में उतरेंगी तो अपने कम्पटीटर्स से इतना ज़्यादा आगे होंगी कि वो भले ही परफॉर्म करते-करते गिर जायें तो भी जीत जायेंगी. हालांकि हर कोई चाहता है कि वो अपना बेस्ट परफॉर्म करें. पिछले महीने ओलम्पिक ट्रायल्स में उन्होंने बता दिया कि क्यूं वो सबसे आगे हैं. इतनी आगे कि कोई भी उन तक नहीं पहुंच सकता. वो यूएस जिम्नास्ट्स के रोस्टर में दो पॉइंट्स से लीड ले के चल रही थीं. वो भी तब जब वो एक बार बीम पर बैलेंस खो बैठी थीं.
ये ऐसा कॉम्बो है जो इतना कॉमनली देखा नहीं जाता है. उनका ऐवरेज स्कोर 10 में से 9.1 था. कुल 24 एथलीट्स में से मात्र सिमोन बाइल्स ही एक थीं, जिनका ऐवरेज 9 से शुरू होता था. https://www.youtube.com/watch?v=-dUGTgSxDNI
बाइल्स ऐसी चीज़ें अटेम्प्ट करती हैं जो आम तौर पर लोगों को कठिन लगती हैं. और वो उन्हें ऐसे परफॉर्म करती हैं जो आम तौर पर लोगों से हो नहीं पाती हैं.
जिम्नास्टिक्स में जो होता है, वैसा ही होता रहेगा, सिमोन बाइल्स इस स्ट्रक्चर को तोड़ती हैं. ये तो साफ़ है कि हर कोई बाइल्स नहीं हो सकता. जिम्नास्टिक्स में कोई स्किल जितनी ज़्यादा मुश्किल होती है, एथलीट के पॉइंट उतने ही कटते हैं. लेकिन तब नहीं, जब आप सिमोन बाइल्स हों. बाइल्स के लिए तो वैसा ही है, जैसे सांस लेना. और ऐसे में फ़ेल्प्स और बोल्ट के रिकॉर्ड टूटते हुए दिखते हैं.

