2000 CC से ज्यादा की डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन से नहीं हटा बैन
जल्द दिल्ली-एनसीआर में खोले जाएंगे 104 सीएनजी स्टेशन.
Advertisement

img - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
पॉल्यूशन रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कई बातें कहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अगर 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियां और 16 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियां दूसरे राज्यों में बिकने जाती हैं, तो दिल्ली सरकार एनओसी दे दिया करे. दिल्ली से संबंधित भारी गाड़ियों को पॉल्यूशन सेंस चुकाकर दिल्ली में एंट्री दी जा सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने कार कंपनियों की उस अर्जी को मानने से इंकार कर दिया, जिसमें कंपनियों ने 2000 सीसी से ज्यादा की डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर बैन हटाने के लिए अपील की थी. कोर्ट ने कहा- कंपनियां पहले साबित करें कि डीजल गाड़ियां पेट्रोल गाड़ियों जित्ता ही प्रदूषण फैलाती हैं.
इससे पहले 31 मार्च के बाद दिल्ली में सिर्फ सीएनजी कैब के चलने का फैसला कोर्ट सुना चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से एनसीआर में 31 मार्च तक 104 सीएनजी स्टेशन बनाने के लिए कहा. ताकि बेहतर गैस सप्लाई की जा सके.
https://twitter.com/ANI_news/status/684303414101016580
https://twitter.com/PTI_News/status/684280286339665921
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसी भारी गाड़ियां जिनका दिल्ली से कनेक्शन नहीं है, उनको NH-10,NH-2, NH-58 और स्टेट हाईवे 57 से एंट्री नहीं मिलेगी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पांच साल से पुरानी सरकारी गाड़ियों को बदलने के लिए पूछा.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछे ये सवाल
https://twitter.com/ANI_news/status/684284275131158529 https://twitter.com/PTI_News/status/684280289649115136 https://twitter.com/PTI_News/status/684279531297869825
- जो लोग लक्जरी कार छोड़कर मेट्रो में सफर करते हैं, उन्हें प्रीमियम किराए पर बेहतर सुविधा क्या दी जा सकती है?
- पीक आर्स में मेट्रो हर 30 सेकेंड में मेट्रो स्टेशन पर मिल सकती है?
- सुप्रीम कोर्ट ने 2001 में दिल्ली में 10 हजार बसें चलाने के लिए कहा था. अब तक सिर्फ 5500 बसें ही क्यों दिल्ली में चल रही हैं?
- क्यों DDA ने दिल्ली सरकार को अब तक डिपो बनाने के लिए 45 एकड़ जगह नहीं दी?

