संसद का सेशन और टीवी पे न्यूज चैनल दोनों चल रहे हों. तब एक लाइन सबसे ज्यादा बारदेखने को मिलती है. 'हंगामे के बाद संसद स्थगित'. मतलब बात चाहे इत्ती सी हो याबहुत बहुत बड़ी. संसद का रुकना तय है. ये कौन हैं जो हर बार इत्ता हंगामा ले आताहै. सांसद किसी अच्छे बिल पर सहमति का कोटा भले ही पूरा न कर पाते हों. लेकिन संसदरोकने के लिए हंगामे का कोटा हर बार पूरा हो जाता है. ये मानिए एक मिनट संसद न चलनेसे करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान होता है. हम आपको बताते हैं 26 नवंबर से शुरू हुएशीतकालीन सत्र में संसद किन वजहों से अब तक हुई है ठप. पहली वजह: 2 दिसंबर 2015.कांग्रेस राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा से मंदिर में जाति पूछने का मुद्दा था.कांग्रेस सांसद बौखला गए. जमकर किया हंगामा. स्पीकर को राज्यसभा रोकना सही लगा. तोरोक दी. रिपीट पहली वजह: 3 दिसंबर 2015. पीयूष गोयल ने कुमारी सैलजा के मंदिर मेंजाने को बयान को 'निर्मित भेदभाव' कहा था. अब बारी इस बयान पर भड़कने की थी. तोअगले दिन भी हंगामा हुआ. कांग्रेस सांसद हंगामा करते हुए राज्यसभा में वेल तक आ गए.हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही रोक दी गई. दूसरी वजह: 4 दिसंबर 2015. हरियाणामें दो दलित बच्चों को जलाकर मार दिया गया था. केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने इसेपरिवारिक मामला कहा. बस फिर क्या था. राज्यसभा में बीएसपी सुप्रीमो मायावती नेदबाके हंगामा किया. विपक्ष भी हंगामे के सुर में सुर मिला बैठी. संघ हेड मोहन भागवतके राम मंदिर में दिए बयान पर भी बवाल हुआ. राज्यसभा की कार्यवाही उस रोज दो बाररोकनी पड़ी. अच्छी खबर ये है कि संसद चल रही है. इसका क्रेडिट मुझे नहीं, सभी दलोंको जाता है: पीएम नरेंद्र मोदी, 4 दिसंबर 2015 तीसरी वजह: 8 दिसंबर 2015. नेशनलहेराल्ड. किसी से न डरने वाली इंदिरा गांधी की बहू सोनिया और राहुल गांधी दोनों को19 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होना है. नेशनल हेराल्ड, जिसमें 1938 में नेहरू केशुरू किए न्यूजपेपर के घाटे, फायदे के चक्कर में कई कंपनियां बनाई गईं. कांग्रेस सेफंड दिया गया. मालिक राहुल गांधी भी हुए. पर संपत्ति निकली करोड़ों में. अब जबकोर्ट गरम हुई कि हाजिर हो. तो कांग्रेस तिलमिला गई. बोली- विपक्ष को सरकार घेर रहीहै. लोकसभा, राज्यसभा में खूब जुबानी लड़ाई हुई. लगा हाथ हंगामा. रिपीट तीसरी वजह:9 दिसंबर 2015. नेशनल हेराल्ड पर कांग्रेस का हंगामा बुधवार को भी रहा. विपक्ष नेतामल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'सरकार को डराया जा रहा है. संसद में जो हो रहा है वोसरकार की नीयत का विरोध है.' राज्यसभा में भी हंगामा धूम-धड़ाके के साथ चालू रहा.राज्यसभा की कार्यवाही तीन बार रोकी गई. चौथी वजह: दिल्ली की शकूर बस्ती में रेलवेने ठंड में 500 झुग्गियां गिरा दी. सबने कही, दिल्ली सरकार है जिम्मेदार. केजरीवालबोले- रेलवे हमारे नहीं, केंद्र सरकार के अंडर आती है. राहुल, केजरीवाल सब भिड़लिए. 14 दिसंबर को सब आपस में ही भिड़ लिए. स्पीकर को लगा, यार ये ऐसे नहींमानेंगे. रोक दो संसद कुछ देर के लिए. हू केयर्स. रिपीट दूसरी वजह: 14 दिसंबर 2015.पंजाब में दलितों की हत्या. मायावती का विरोध इस दिन भी कायम था. राज्यसभा स्थगितकी गई. पांचवीं वजह: पाकिस्तान से लौटीं सुषमा और हंगामा. सुषमा पाक गई थीं पाक.वहां से लौटीं तो हरे रंग की साड़ी पहनने, उर्दू बोलने पर विपक्ष का हंगामा. सुषमाने सफाई दी. उनकी सफाई से हमेशा की तरह विपक्ष ने मुंह फुला लिया. थोड़ी देर के लिएलोकसभा स्थगित कर दी गई. छठी वजह: 15 दिसंबर 2015. केजरीवाल और मोदी सरकार का तोता.सीबीआई ने मारा छापा चीफ सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर. केजरीवाल बोले, येतो मुझे घेर रहे हैं कायर मोदी. दोनों पार्टी के लोग आपस में टीवी चैनलों के माइकअड़ा के भिड़ लिए. हंगामे की संसद जाने की टिकट तो लगती नहीं है. तो ये वाला पहुंचासंसद. यूं तो टोटल चार सांसद हैं 'आप' के. पर बाकी पब्लिक भी हंगामे में साथ हो ली.बस फिर क्या. संसद 12 बजे तक के लिए स्थगित ब्रेकिंग चल गई चैनल में. सातवीं वजह:17 दिसंबर 2015. अरुणाचल प्रदेश में गवर्नर, कांग्रेस सरकार और बागी विधायकों ने जोबवाल मचाया हुआ है. उसके चक्कर में राज्यसभा और लोकसभा स्थगित कर दी गईं. रिपीटसातवीं वजह: 18 दिसंबर 2015. अरुणाचल वाला बवाल थमा ही नहीं. तो सांसद कैसे थमजाते. तो इस दिन भी बवाल जारी रहा. हंगामा जारी रहा. और फाइनली स्थगित लाइन फिर चलगई न्यूज चैनलों में. आठवीं वजह: 21 दिसंबर 2015. डीडीसीए में वित्त मंत्री अरुणजेटली पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. इस बात को लेकर ही सोमवार को कई बार राज्यसभा कीकार्यवाही रोकनी पड़ी. स्थगित की गई. ये हाल तब है, जब सभी राजनीतिक पार्टियों कीआपस में बैठक हो चुकी है कि संसद चलने देनी है.