जेएनयू में AISA के एक नेता पर रेप के आरोप लगे हैं. ये यूनिवर्सिटी बहुत सेफ मानीजाती है, विचारों और इंसानों दोनों के लिए. जेंडर सेंसटिव भी है. इसलिए ऐसा कुछहोता है. तो ये शॉकिंग था. साथ में नारेबाजी वाले कांड के बाद ये ख़बरों और निशानेपर रही तो इसकी और ज्यादा बात हो रही है. अब इस पर पॉलिटिक्स भी शुरू हो गई है. औरपॉलिटिकल एंगल भी निकाले जा रहे हैं. एबीवीपी वालों ने रेप केस के बाद जेएनयूप्रशासन और लेफ्ट की आइडियोलॉजी वाले प्रोफेसर्स पर निशाना साधा है. रेप के आरोपजिस पर लगे हैं, वो AISA का है जो एबीवीपी की विपक्षी है. वसंत कुंज थाने में अनमोलरतन को पकड़वाने के लिए एबीवीपी वालों ने प्रोटेस्ट किया. वहीं रेप केस की विक्टिमछात्रा पटियाला कोर्ट पहुंचीं और सेक्शन 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराया. एबीवीपीसे जुड़े छात्र कह रहे हैं. कितने दिन हुए लेकिन रेप का आरोपी पुलिस की पहुंच से दूरहै. कहीं ना कहीं जेएनयू के कुछ प्रोफेसरों का भी समर्थन मिला हुआ है जेएनयू मेंएबीवीपी से संयुक्त सचिव का इलेक्शन जीतने वाले सौरभ शर्मा ने कहा. "ये जेएनयू मेंहुई पहली घटना नहीं हुई है. 9 फरवरी को भी इन्होंने भारत की अस्मिता पे सवाल उठायाथा और आज भारत की बेटी की अस्मिता पे सवाल उठा रहे हैं. यही लोग बेखौफ़ आज़ादी औरमहिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन उसके आड़ में ये लोग क्या करते हैं पूरे देशको पता चल गया है." वहीं इस पूरे मामले पर जेएनयू के वाइस चांसलर ने कुछ भी कहने सेमना कर दिया है.