971 करोड़ खर्च कर संसद की जो नई बिल्डिंग बनाई जा रही है उसकी खासियत क्या है?
10 दिसंबर को पीएम मोदी इसका शिलान्यास करेंगे.
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कुछ ऐसा दिखेगा नया संसद भवन और आसपास का इलाका.
10 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का शिलान्यास करेंगे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शनिवार 5 दिसंबर को कहा कि ये नई इमारत 2022 तक बन कर तैयार हो जाएगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि उस साल (2022 में) संसद का सत्र नई बिल्डिंग में ही चलाया जाएगा. बिड़ला ने बताया कि इस नई इमारत के निर्माण में सीधे तौर पर 2000 लोग और अप्रत्यक्ष रूप से 9000 लोग जुड़ने वाले हैं. उन्होंने कहा,
https://twitter.com/loksabhaspeaker/status/1335214426312437760
टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के द्वारा इस नई बिल्डिंग को बनाया जाएगा. सितंबर 2020 में इसके लिए बोलियां लगाई गई थीं. टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने 861.90 करोड़ रुपये की बोली लगाकर सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के निर्माण कार्य के लिए जीत हासिल की थी.
भूकंपरोधी होगी नई इमारत
संसद की नई इमारत 64,500 स्क्वायर मीटर में फैली होगी और इसके बनाए जाने पर कुल खर्च 971 करोड़ आएगा. नई बिल्डिंग भूकंपरोधी होगी.
https://twitter.com/PTI_News/status/1335182063830409225
स्वदेशी होगी बिल्डिंग
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र के वर्तमान मंदिर को 100 साल पूरे हो रहे हैं. ये हमारे देश के लोगों के लिए गर्व की बात है कि हमारे देश के लोग नई बिल्डिंग को बना रहे हैं. ये आत्मनिर्भर भारत का एक उदाहरण है.
हजार से अधिक सांसदों के लिए जगह
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि 1224 सांसद एक साथ इस बिल्डिंग में बैठ सकते हैं. जबकि दोनों सदनों के सभी सांसदों के लिए एक नया कार्यालय परिसर मौजूदा श्रम शक्ति भवन के स्थल पर बनाया जाएगा. इस नई इमारत में लोकसभा के 888 सदस्यों के बैठने और राज्यसभा के 384 लोगों के बैठने की जगह होगी. यह इंतजाम दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या में भविष्य की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया गया है. वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 543 और राज्यसभा सदस्यों की संख्या 245 है.
https://twitter.com/micnewdelhi/status/1335468223588864001
कितने फ्लोर होंगे
ओम बिड़ला ने कहा कि इस नई बिल्डिंग में मंजिलों की संख्या पुरानी इमारत जितनी ही होगी. एक बेसमेंट होगा, फिर ग्राउंड, फर्स्ट और फिर सेकेंड फ्लोर होगा. इसकी ऊंचाई पुरानी बिल्डिंग जितनी ही होगी ताकि दोनों साथ में देखने पर समान ऊंचाई की लगें.
प्रदूषण का ध्यान रखा जाएगा
अधिकारियों ने कहा है कि नए संसद भवन के निर्माण कार्य के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए हैं. इस बिल्डिंग में सभी सांसदों के लिए अलग कार्यालय भी होंगे.
सब कुछ डिजिटल:
नई बिल्डिंग में सभी सांसदों के ऑफिस डिजिटल तकनीक से लैस होंगे और पेपरलेस बनाए जाने की दिशा में एक कदम आगे होंगे.
https://twitter.com/KCRMBJP/status/1335471116106620935
लाइब्रेरी और लाउंज भी होंगे
इस नई इमारत में एक भव्य कॉन्स्टिट्यूशन हॉल होगा, ताकि भारत की लोकतांत्रित विरासत दिखाई दे. साथ ही इसमें संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक लाइब्रेजी, कमेटी रूम्स, खाने की जगह और पार्किंग स्पेस भी होगा.
वर्तमान संसद भवन का क्या होगा
पुरानी इमारत को पुरातत्व महत्व का माना जाएगा. नई इमारत के साथ इसके उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा. ये बिल्डिंग अपने आप में काफी बड़ी है लिहाजा इसका भी उचित इस्तेमाल किया जाएगा.
वर्तमान संसद भवन का शिलान्यास 12 फरवरी 1921 को किया गया था और इसे छह साल में 83 लाख की लागत से तैयार किया गया था. इसका उद्घाटन भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इरविन द्वारा 18 जनवरी 1927 को किया गया था.

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