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'मोदी जी, आप इस देश की मां हैं, जैसे मैं इस बच्चे की हूं'

बैंक में काम करने वाली मां इस तस्वीर के जरिए नेताओं को बता रही है कि काम कैसे करते हैं.

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22 अगस्त 2016 (अपडेटेड: 22 अगस्त 2016, 06:48 AM IST)
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फोटो - thelallantop
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एक बैंक में काम करने वाली स्वाति चितलकर ने पिछले हफ्ते फेसबुक पर एक पोस्ट डाली. आज उस पोस्ट के 25 हजार फेसबुक शेयर हैं. और फेसबुक वाले स्वाति को सुपरवुमन बुला रहे हैं. जानते हैं पोस्ट में क्या था? शायद आपने भी ये फोटो घूमती हुई अपनी न्यूज़ फीड में देखी हो. एक मां, जो कंप्यूटर पर काम कर रही है. और पीछे जमीन पर पड़ा बच्चा दूध पी रहा है. कुछ लोग ये भी कहेंगे कि कैसी मां है. बच्चे को जमीन पर लिटाकर कर काम में मशगूल है. लेकिन जब आप इस पोस्ट को पढ़ेंगे, औरत के लिए इज्जत से भर जाएंगे. देखिए, क्या लिखती हैं स्वाति: जमीन पर लेटा ये बच्चा एक बच्चा नहीं, मेरा दिल है. मैं ऑफिस में थी और इसे बुखार आ गया था. घर पर ये किसी से शांत नहीं हो रहा था. इसे मेरी ही याद आ रही थी. आधा दिन बीत चुका था और एक लोन रिलीज करना बहुत जरूरी था. मैं छुट्टी नहीं ले सकती थी. लेकिन मैंने दोनों ही जिम्मेदारियां निभा लीं. मैं ये उन मंत्रियों को दिखाना चाहती हूं, जो संसद में जाकर सो जाते हैं.
स्वाति ने इंडिया टुडे को बताया: मेरा 3 साल का बच्चा बीमार था. उसे बुखार था. पूरे दिन वो अपने पापा के साथ था, जो घर देखते हैं और बच्चे का भी ख़याल रखते हैं. लेकिन मेरा बच्चा उनकी सुन ही नहीं रहा था, तो उन्होंने मुझे फ़ोन किया. बैंक बंद होने में कुछ ही घंटे बचे थे. और एक लोन रिलीज होना बेहद जरूरी था. तो मैंने अपने पति से कहा कि वो बच्चे को यहां ले आएं. यहां आकर वो फ्रेश महसूस करेगा. मैंने बच्चे को दूध दिया और अपने पीछे जमीन पर सुला दिया. मैंने फिर अपना काम ख़त्म किया.
स्वाति ने बताया कि कुछ दिनों पहले उन्होंने एक पुलिस वाले की फोटो देखी, जो अपने बच्चे के साथ पट्रोलिंग कर रहा था. US की एक नेता की फोटो देखी, जो बच्चे के साथ अपना काम कर रही थीं. 'तो मुझे लगा, मैं भी तो अपने बच्चे के साथ काम कर डबल जिम्मेदारी निभा रही हूं. क्यों न ये तस्वीर पोस्ट कर अपने मंत्रियों को ये संदेश दिया जाए. ये मंत्री हमें वादा करते हैं कि हमारे मां-बाप की तरह हमारा ध्यान रखेंगे. तो मैं उन्हें ये दिखाना चाहती हूं कि इस तरह बच्चों का ध्यान रखना चाहिए. ये सिर्फ उन मंत्रियों के लिए नहीं, जो संसद में झपकियां लेते हैं. बल्कि उनके लिए है, जो इलेक्ट होने के बाद लगातार सो रहे हैं.'
जैसे मैं एक बच्चे की मां हूं. वैसे ही मोदी जी इस देश की मां हैं. वो भी एक मां की तरह लगातार काम करते हैं. जैसे मेरा एक बच्चा है, वैसे ही सड़क पर भीख मांगते हजारों बच्चों की आप मां हैं. आप प्लीज उनका ध्यान रखिए. जब भी मैं सड़कों पर निकलती हूं, मुझे लगता है अपने सुपरहीरो मोदी से कहूं, क्या आप मुझे एक ऐसा भारत देंगे, जिसमें सड़कों पर भीख मांगते बच्चे न हों? swati chitalkar (4)
अपने घर में केवल स्वाति ही नौकरी करती हैं. इन्होंने खुद से 7 साल छोटे अपने पति की नौकरी छुड़वा दी. क्योंकि वो क्रिकेटर बनना चाहते थे. उन्हें क्रिकेट अकादमी ज्वाइन करवा दी. अब पूरे परिवार के अलावा वो अपने मम्मी-पापा और सास-ससुर का ध्यान रखती हैं. ऐसी पत्नियों, बेटियों और मांओं को लल्लन सलाम!

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