मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट 1 फरवरी, 2020 को पेश किया गया. देश केइतिहास का सबसे लंबा बजट 2 घंटे और 40 मिनट तक चला. इतने लंबे बजट में कन्फ्यूजन भीकुछ कम नहीं थे. जनता इस बजट में भूसे के ढेर में सुई की तरह अपने लिए फायदा खोजरही है. ऐसा नहीं है कि सब कुछ मुश्किल ही हुआ है, कुछ आसान भी हुआ है. और वो हैपरमानेंट अकाउंट नंबर यानी PAN कार्ड बनवाना. बजट में निर्मला सीतारमण ने घोषणा कीहै कि अब PAN कार्ड बनवाने के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा. कोई फॉर्म नहींभरना पड़ेगा. अब से आधार कार्ड देखकर PAN कार्ड आवंटित कर दिया जाएगा. इससे ये होगाकि व्यक्ति को PAN कार्ड के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी और न ही लंबा इंतज़ार करनाहोगा. इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन सिस्टम लाया जाएगा.A system to be launched soon, for instant online allotment of PAN on the basisof Aadhaar, without the need for filling any application form - FM @nsitharamanWatch LIVE: https://t.co/TN71mvbfGt#Budget2020 #JanJanKaBudget— PIB India (@PIB_India) February 1, 2020 इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने, बैंक मेंलेन-देन और अकाउंट खोलने जैसे कामों के लिए PAN कार्ड की ज़रूरत होती है. फिलहालइनकम टैक्स डिपार्टमेंट National Securities Depository Limited (NSDL) और UTIInfrastructure Technology And Services Limited (UTI-ITSL) नामक दो एजेंसियों केजरिए PAN कार्ड जारी करता है. PAN में व्यक्ति को दस कैरेक्टर का एक यूनिक नंबरपहचान मिलती है. ये अल्फाबेट(A से Z) और नंबर(0 से 9) का मिला-जुला रूप होता है.इससे पहले नवंबर, 2019 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इनकम टैक्स एक्ट 1961 में कुछबदलाव किये थे. इस बदलाव के मुताबिक, टैक्सपेयर्स अपने दस्तावेज़ों में PAN की जगह12 अंकों के आधार नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, इसके साथ इनकम टैक्सडिपार्टमेंट ने जुर्माने का प्रावधान भी जोड़ दिया था. इसके तहत गलत आधार नंबरडालने पर, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फेल होने पर, जरूरी ट्रांसैक्शन में आधार या पैनदेने में फेल होने पर 10 हज़ार के जुर्माने का प्रावधान जोड़ा गया था. इस नियम केमुताबिक, इस तरह की हर गलती के लिए हर बार 10 हजार का जुर्माना लगता है. उदाहरण केलिए, अगर आपने दो अलग-अलग फॉर्म्स में गलत आधार नंबर डाला है तो आपको 20 हज़ाररुपये का जुर्माना देना होगा.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो: अर्थात: निर्मला सीतारमण के बजट के बाद केंद्र और राज्य में अर्थव्यवस्थाका संघर्ष