जहरीले सांपों को पकड़ने के एक्सपर्ट हैं मासी और वदिवेल, अब पद्म श्री मिला है
बचपन से ही सांपों को पकड़ रहे हैं मासी और वदिवेल.

सांप पकड़ने के एक्सपर्ट मासी सदाइयां और वदिवेल गोपाल को इस साल पद्म श्री पुरस्कार 2023 (Padma Shri 2023) से सम्मानित किया गया है. उन्हें ये सम्मान सोशल वर्क की फील्ड में उनके योगदान के लिए मिला है. तमिलनाडु के मासी सदाइयां और वदिवेल गोपाल (Shri Vadivel Gopal & Shri Masi Sadaiyan) सांप पकड़ने के देसी ज्ञान को लोकप्रिय बना रहे हैं.
इरुला जनजाति से आने वाले मासी और वदिवेल बचपन से ही सांप पकड़ते आए हैं. वे काफी समय से चेन्नई के इरुलर स्नेक कैचर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्य हैं. दोनों एंटीवेनम एक्सट्रैक्शन का काम करते हैं. यानी मनोरंजन के लिए नहीं, दवाओं में इस्तेमाल के लिए सांपों को पकड़कर उनका जहर निकालते हैं.
मासी और वदिवेल सांप को अपना भगवान बताते हैं. वे अपने काम में इतने माहिर हैं कि दुनिया भर में सांप पकड़ने का अपना कौशल दिखा चुके हैं और लोगों को इसकी ट्रेनिंग दे रहे हैं.
इंडिया टुडे के प्रमोद माधव से पहले हुई एक बातचीत में मासी बताते हैं,
सांप पकड़ना हमारा पारंपरिक काम है और मुझे उन्हें पकड़ने का शौक है. ये काम मुझे मेरे पिता ने सिखाया था. जब मैं सांप पकड़ता हूं तो उसे बच्चे की तरह देखता हूं. वो हमारा भगवान है. बिना किसी उपकरण के मैं बस उन्हें अपने हाथ से पकड़ता हूं.
इरुला भारत के सबसे पुराने समुदायों में से एक है और अनुसूचित जनजाति के तहत आता है. इसके लोग ज्यादातर तमिलनाडु के उत्तर-पूर्वी तट पर रहते हैं. इन्हें सांप पकड़ने का एक्सपर्ट बताया जाता है.
एंटीवेनम एक्सट्रैक्शन के लिए मासी ने अब तक कई कोबरा, सामान्य करैत, बैंडेड करैत और रसेल प्रजाति के सांप पकड़े हैं. एक बार उन्हें सांप डस भी चुका है. इसके बारे में मासी ने बताया,
मुझे करैत ने काटा था. सांप का जहर बहुत शक्तिशाली होता है. आप शॉक में चले जाएंगे और आपका शरीर कांपने लगेगा. लेकिन अगर आप बहादुर बनकर शांत रहेंगे तो शरीर में जहर की गति धीमी हो जाएगी.
वहीं 54 साल के वदिवेल को भी सांप काट चुका है. उनका कहना है कि सांप पकड़ते वक्त जान का जोखिम रहता है.
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