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कोटा में एक और छात्रा ने सुसाइड किया, यह इस साल में 26वां मामला

16 साल की नाबालिग उत्तरप्रदेश के मऊ की रहने वाली थी.

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18 सितंबर 2023 (पब्लिश्ड: 12:38 AM IST)
minor dies by suicide in kota
कोटा में बीते दो हफ्तों में सुसाइड का यह दूसरा और इस साल में 26वां मामला है. (फ़ोटो/आजतक)
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कोचिंग कैपिटल कहलाने वाले राजस्थान के कोटा में एक और नाबालिग छात्रा ने सुसाइड कर लिया है. 16 साल की नाबालिग उत्तरप्रदेश के मऊ की रहने वाली थी. पुलिस ने बताया कि नाबालिग ने ज़हर पीया है, बाकी की जानकारी पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी. कोटा में बीते दो हफ्तों में सुसाइड का यह दूसरा और इस साल में 26वां मामला है.

आजतक से जुड़े जयकिशन शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक नाबालिग कोटा के विज्ञान नगर में रहती थी. कोटा के एडिशनल एसपी भगवत सिंह हिंगड़ ने आजतक को फ़ोन पर बताया कि नाबालिग ने ज़हर पीया है लेकिन ऐसा करने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है.

छात्रों के बढ़ते सुसाइड पर CM गहलोत की मीटिंग 

राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने इस मामले पर 18 अगस्त को कोचिंग संचालकों के साथ एक मीटिंग की थी. जिसमें उन्होंने कहा था,

“मैं कोटा में बच्चों को अब मरते हुए नहीं देख सकता, सिस्टम सुधारिए अब.”

इस दौरान उन्होंने 9वीं और 10वीं के स्टूडेंट पर पड़ने वाले बोझ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 9वीं और 10वीं के स्टूडेंट्स का कोचिंग में नाम लिखाने से उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है. उन पर बोर्ड परीक्षा पास करने और प्रवेश परीक्षा की तैयारी का दोहरा बोझ पड़ता है.

CM गहलोत ने आगे कहा,

"आप एक तरह से अपराध कर रहे हैं. ऐसा लग रहा है मानो (अगर बच्चा) IIT पास कर लिया तो खुदा बन गया. कोचिंग में आते ही छात्रों का फर्जी स्कूलों में नाम लिखा दिया जाता है. यह माता-पिता की भी गलती है."

सुसाइड रोकने के लिए कमिटी बनाने का आदेश

गहलोत ने कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं. छात्रों को 6 घंटे की कोचिंग क्लास लेनी होती है, फिर एक्स्ट्रा क्लास और वीकली टेस्ट देना होता है. इस तरह बच्चों पर अपने आप प्रेशर बढ़ जाता है. CM गहलोत ने कहा कि सोचना पड़ेगा कि जो कमियां हैं, उसे कैसे दूर किया जाए. जो सिस्टम बन गया है, उसमें सुधार के लिए सरकार साथ देगी.

छात्रों के सुसाइड रोकने के लिए CM गहलोत ने अधिकारियों को एक कमिटी बनाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि इस कमिटी में कोचिंग इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि, छात्रों के माता-पिता और डॉक्टर वगैरह शामिल होंगे. ये कमिटी 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

(अगर आप या आपके किसी परिचित को खुद को नुकसान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं, तो आप 9152987821, 9820466726 नंबरों पर फोन करें. यहां आपको उचित सहायता मिलेगी. मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस करने पर डॉक्टर के पास जाना उतना ही जरूरी है, जितना किसी शारीरिक बीमारी का इलाज कराना. खुद को नुकसान पहुंचाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.)

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