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J&K चुनाव: कश्मीरी पंडित की वापसी, PSA खत्म होगा, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बड़े वादे किए हैं

5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद-370 के निरस्त होने और विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.

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19 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 19 अगस्त 2024, 08:02 PM IST)
National Conference’s manifesto
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जारी किए मेनिफेस्टो. (फोटो- JKNC/X)
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जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक और कानूनी स्थिति को 5 अगस्त 2019 से पहले की स्थिति में लाने के लिए लड़ेगी. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई वे नहीं छोड़ेंगे. इसके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) को खत्म करने, कश्मीरी पंडितों की घाटी में गरिमापूर्ण तरीके से वापसी, 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने और युवाओं को एक लाख नौकरी देने के बड़े वादे किए हैं.

5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद-370 के निरस्त होने और विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. राज्य में तीन चरणों में - 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर - को चुनाव के लिए वोटिंग होगी. नेशनल कॉन्फ्रेंस विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी घोषणा पत्र जारी करने वाली पहली पार्टी है.

मेनिफेस्टो में कहा गया है कि पार्टी अनुच्छेद-370 और 35(A) को वापस बहाल करने के लिए लड़ाई लड़ेगी. इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस पहला काम केंद्रशासित प्रदेश के राज्य के दर्ज को वापस लाने और विशेष दर्जे को बहाल करने के लिए प्रस्ताव पारित करेगी.

उमर अब्दुल्ला ने बताया कि इस घोषणापत्र को तैयार करने के लिए पार्टी ने जनता से सुझाव भी मांगे थे. उन्होंने कहा, 

"हमें राज्य के हर कोने से प्रतिक्रिया मिली, जिसने हमें आश्चर्यचकित कर दिया. हमने सभी संदेश और मेल को पढ़ा और सभी महत्वपूर्ण सुझावों को इस घोषणापत्र में शामिल किया है."

उन्होंने यह भी दावा किया कि यह अगले 5 साल के शासन का एक रोडमैप है. उमर ने कहा, 

"हमने सुनिश्चित किया है कि हम केवल वही वादे करें, जिन्हें हम पूरा कर सकें."

घोषणापत्र में क्या-क्या?

गारंटी
- जन सुरक्षा कानून (PSA) को रद्द किया जाएगा.
- राजनीतिक कैदियों की रिहाई सुनिश्चित की जाएगी. 
 - कश्मीरी पंडितों की गरिमामय वापसी का वादा किया गया है.
 - पासपोर्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा. 
 - अनुचित बर्खास्तगी को खत्म किया जाएगा.
 - नेशनल हाइवे पर लोगों को गैरजरूरी तरीके से परेशान करने पर रोक लगाई जाएगी.

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं-

 - युवाओं के लिए 1 लाख रोजगार का वादा किया गया है. 
 - जम्मू कश्मीर यूथ एम्प्लॉयमेंट जेनेरशन एक्ट को तीन महीने के भीतर पास किया जाएगा. 
 - गरीब परिवारों (EWS) को 6 सिलेंडर मुफ्त में दिए जाएंगे.
 - सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी. 
 - विवाह सहायता में बढ़ोतरी की जाएगी.
 - पेंशनधारकों के लिए चिकित्सा भत्ता 300 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये होगा. 
 - अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की जाएगी.
 - सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत किया जाएगा.

ये भी पढ़ें- 2018 में सरकार गिरने से लेकर 2024 में चुनाव की घोषणा तक, कितना बदल गया जम्मू-कश्मीर?

इसके अलावा घोषणापत्र में युवाओं के लिए व्यापक रोजगार पैकेज, बिजली और पानी के संकट से राहत, बागवानी और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने, शिक्षा क्षेत्र के लिए मजबूत योजना और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार के वादे भी किए गए हैं.

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अभी बातचीत शुरू नहीं हुई है.

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