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गोरा करने वाला चूरन बेचकर फोन नंबर लेते थे, फिर उसी नंबर पर दोबारा फ्रॉड करते थे, गए काम से!

महिलाएं अरेस्ट हुई. पुलिस ने क्या सवाल पूछे?

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noida based fake call centre scammed people through loan offers busted
ठगी गैंग के 6 लोग गिरफ्तार ( सांकेतिक फोटो- आजतक)
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ज्योति जोशी
22 मार्च 2023 (अपडेटेड: 22 मार्च 2023, 02:30 PM IST)
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नोएडा में एक ठगी गैंग पकड़ा गया है(Noida Thug Gang Busted 6 Arrested). आरोप है कि ये पहले गोरा करने वाला नकली चूरन बेचकर लोगों की डीटेल्स निकालते थे. जैसे नाम, पता और फोन नंबर. फिर उन्हें कम ब्याज पर लोन का लालच देकर उल्लू बनाते थे. कई बार बड़ी कंपनियों में नौकरी का वादा करके भी लोगों को चूना लगाया गया. अब तक सैकड़ों लोगों को शिकार बना चुका ये गैंग बकायदा एक कॉल सेंटर खोल कर काम करता था. मामले में 6 शातिर बदमाशों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार, 21 मार्च को पुलिस ने नोएडा सेक्टर 63 में कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया. गिरफ्तार हुए आरोपियों में हापुड़ और गाजियाबाद जिले के विकास कुमार, पुनीत कुमार, देवांश सक्सेना, हर्षित श्रीवास्तव, नीतीश कुमार व शैलेंद्र हैं. विकास कुमार गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.

दरअसल पुलिस को एक शिकायत मिली थी. शख्स ने आरोप लगाया कि कम ब्याज पर लोम देने के नाम पर सेक्टर 63 की एक कंपनी ने उसके साथ 7 लाख से ज्यादा रुपये की ठगी की. मामले पर एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने कॉल सेंटर पर छापा मारा.

डीसीपी (मध्य नोएडा) राम बदन सिंह ने बताया,

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खबर है कि मुख्य आरोपी विकास पहले LIC और कुछ बैंकों में काम करता था. उसे लोन से जुड़े मामलों की समझ थी. उसी आधार पर उसने लोगों को ठगना शुरू कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉल करने के लिए 12 युवतियों को हायर किया गया था. उन्हें पुलिस ने शुरूआती जांच के बाद छोड़ दिया है.

कैसे काम करते थे?

चूरन-पंजीरी टाइप आइटम थोक में खरीदते थे. फिर टेलीकॉलिंग से इसको दवा बताकर बेचते थे. कहते थे कि आयुर्वेदिक दवा है. खा लो, गोरे हो जाओगे. दो, चार, पांच हजार… दाम लगाकर बेच दिया. फिर फोन नंबर मिल गए. फिर उन नंबरों पर फ्रॉड वाली कॉल करते थे. पैसा ऐंठते थे.

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कॉल सेंटर से दो डेस्कटॉप, चार लैपटॉप, 27 मोबाइल फोन, 1.18 लाख रुपये कैश, अप्रूवल लेटर, 8 चैक बुक, कार, बाइकें, टिकट और कुछ बाकी सामान जब्त किए हैं. मामल में IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 467, 34, 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का इस्तेमाल) और IT एक्ट की कुछ धाराओं के तहत सेक्टर 63 पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है.

वीडियो: बिहारी मजदूरों की 'पिटाई' वायरल करने वाले मनीष कश्यप की पूरी कहानी

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