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देश में आज भी मनाया जा रहा है एक नया साल, और किस-किस दिन शुरू होता है न्यू ईयर?

Ugadi या Gudi Padwa से नए साल की शुरुआत होती है. इसके अलावा अलग-अलग समुदाय के लोग अलग-अलग कैलेंडरों के हिसाब से नया साल मनाते हैं.

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Ugadi
उगादि पर्व से हिंदू नववर्ष की शुरूआत मानी जाती है. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
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रवि सुमन
9 अप्रैल 2024 (Updated: 9 अप्रैल 2024, 03:10 PM IST)
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दक्षिण भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, और गोवा में उगादि (Ugadi) पर्व मनाया जा रहा है. इसे गुड़ी पड़वा भी कहते हैं. ये त्योहार चंद्र कैलेंडर के मुताबिक, एक नई शुरुआत का प्रतीक है. दक्षिण भारत में इसे नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है. लेकिन एक नया साल तो हम 1 जनवरी को मनाते हैं. इसके अलावा कई और भी मौके होते हैं जिन्हें नए साल के रूप में देखा जाता है. इस आर्टिकल में जानेंगे कि देश में कितने तरह के नए साल मनाए जाते हैं?

हिंदू नववर्ष

इसकी शुरुआत होती है- चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से. अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से ये तारीख अप्रैल में आती है. इस साल वो मौका आज यानी 9 अप्रैल को है. इसी मौके पर उगादि पर्व मनाने का प्रचलन है. ऐसा माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी.

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1 जनवरी वाला नया साल

सबसे प्रचलित नया साल शुरू होता है, 1 जनवरी से. इसे ईसाई नव वर्ष भी कहा जाता है. दुनिया भर के देशों में इसकी मान्यता सबसे अधिक है. इसकी शुरुआत हुई, 15 अक्टूबर 1582 से. ये ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित होता है. 

पारसी नववर्ष

भारत में पारसी समुदाय के लोग नए साल की शुरुआत मार्च के महीने से मानते हैं. इसे नवरोज या जमशेदी नवरोज कहा जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के पारसी समुदाय के लोग पारसी पंचांग के पहले महीने के पहले दिन 21 मार्च को इसे पर्व के तौर मनाते हैं. वहीं भारत में रहने वाले पारसी समुदाय के लोग जो शहंशाही पंचांग को मानते हैं, वो इस पर्व को अगस्त महीने में मनाते हैं.

पंजाबी नया साल

सिख समुदाय के लोग सिख नानकशाही कैलेंडर को मानते हैं. इसके अनुसार, नए साल की शुरुआत होली के दूसरे दिन होती है. इस अवसर पर 13 या 14 अप्रैल को बैसाखी त्योहार मनाया जाता है. इसे खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है.

दिवाली के अगले दिन नया साल

दीपावली पर्व के अगले दिन से जैन समुदाय के लोग नए साल की शुरुआत मानते हैं. इसे वीर निर्वाण संवत भी कहा जाता है. 

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