The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Narendra Modi Meeting With Xi Jinping and Putin in China SCO Summit Amid Trump Tariff

ट्रंप के टैरिफ वॉर से मिलकर निपटेंगे मोदी-पुतिन और जिनपिंग? SCO में होगी तीनों नेताओं की मुलाकात

Donald Trump को भारत-रूस तेल व्यापार से आपत्ति है. उनकी सरकार इस बात से भी नाराज है कि भारत और चीन की नजदीकियां बढ़ रही हैं. इन सबके बीच PM Narendra Modi चीन और रूस के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करने वाले हैं.

Advertisement
PM Modi Leaving for Japan
जापान के लिए रवाना होते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (तस्वीर: PTI)
pic
रवि सुमन
29 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 07:54 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों की यात्रा पर हैं. पीएम जापान (Narendra Modi in Japan) पहुंच गए हैं, इसके बाद वो चीन जाएंगे. जहां SCO सम्मेलन के दौरान मोदी-पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात होगी. पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ये मुलाकात अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के बीच हो रही है. लिहाजा इस यात्रा पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं. 

जापान में दो दिवसीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री चीन के लिए रवाना होंगे. सात सालों में उनकी ये पहली चीन यात्रा होगी. 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन की राजधानी बीजिंग के पास तियानजिन में, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है. इसी दौरान पीएम मोदी, शी और पुतिन से मिलेंगे. 31 अगस्त को शी के साथ उनकी बैठक की संभावना है.

इस यात्रा पर निकलने से पहले पीएम ऑफिस की ओर से जारी बयान में प्रधानमंत्री ने कहा,

Image embed

रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका से तनाव

चीन और रूस के शीर्ष नेताओं से पीएम मोदी की ये मुलाकात ऐसे वक्त में होने वाली है, जब अमेरिका के साथ भारत के व्यापार संबंध लगातार खराब हो रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का आरोप है कि रूस से तेल खरीदकर, भारत उसे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में वित्तपोषित कर रहा है. इसी कारण से ट्रंप सरकार ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है. जो पहले से लगे 25 प्रतिशत टैरिफ में जुड़कर कुल 50 प्रतिशत हो गया है.

हालांकि, भारत वो देश नहीं है, जो रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है. सबसे ज्यादा तेल खरीदने वालों में चीन और यूरोप हैं. इसके बावजूद ट्रंप सरकार ने भारत को निशाना बनाया है. इसका एक कारण ये भी बताया जा रहा है कि ट्रंप के दिए कई डेडलाइन के बावजूद भी भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका.

ये भी पढ़ें: भारत के साथ जो हुआ, उसकी वजह यूक्रेन नहीं..., भारी टैरिफ लगाने को लेकर ट्रंप पर भड़के डेमोक्रेट्स

भारत की चीन और रूस से करीबी पर भी नाराजगी

लेकिन बात इतनी भर नहीं है, भारत का रूस और चीन के करीब जाना भी अमेरिका को रास नहीं आ रहा. ट्रंप के शीर्ष सहयोगी और वाइट हाउस में सलाहकार पीटर नवारो ने ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में कहा,

Image embed

इससे पहले पीएम मोदी ने जून 2018 में चीन की यात्रा की थी. वो SCO सम्मेलन के लिए किगदाओ पहुंचे थे.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: ट्रंप के टैरिफ के लिए कितनी तैयार है मोदी सरकार? इंडियन इकॉनमी पर क्या असर पड़ेगा?

Advertisement

Advertisement

()