ममता बनर्जी का पारा उफान पे है. बंगाल की स्टेट पुलिस ने राज्य सरकार को एक ख़ुफ़ियारिपोर्ट पहुंचाई है. रिपोर्ट में लिखा है कि लोगों के एक बड़े ग्रुप को ट्रेनिंग दीजा रही है. वो ग्रुप बंगाल के कूचबिहार जिले को बंगाल से अलग करना चाहता है. सबसेज़्यादा गजब की बात ये है कि उस ग्रुप को बीएसएफ़ की फ़ोर्स ट्रेनिंग दे रही है. ये हमनहीं कह रहे हैं, ऐसा रिपोर्ट में लिखा गया है. पश्चिम बंगाल पुलिस के डीआईजी नेएडीजी को एक रिपोर्ट सौंपी. उस रिपोर्ट में बताया कि बीएसएफ के ऑफिसर्स कूचबिहार केमाथबंग एरिया में एक बड़े ग्रुप को ट्रेनिंग दे रहे हैं. उस ग्रुप का नाम नारायणीसेना है. ये ग्रुप ग्रेटर कूचबिहार पीपल्स असोसिएशन ने बनाया है. इनका कहना है,कहना क्या, मांग है कि ग्रेटर कूचबिहार को अलग राज्य बनाया जाए. इनके अनुसार ये ऐसाइसलिए चाहते हैं, जिससे इस इलाके में रहने वाली राजवंशी जनजाति को एक अलग राज्य मिलसके. इस रिपोर्ट के हिसाब से ये पड़ताल जिला पुलिस सुप्रिन्टेंडेंट ने करवाई थी.रिपोर्ट में बताया गया है कि बीएसएफ़ ने नारायणी सेना को ट्रेनिंग दी है. ट्रेनिंगकी तारीख 16 से 20 अगस्त के बीच की थी. पश्चिम बंगाल में सरकार में तृणमूल कांग्रेसहै और उसने कहा है कि ये भाजपा शासित केंद्र का किया धरा है. भाजपा चाहती है किबंगाल में कुछ उल्टा-सीधा होता रहे, जिससे उसे फ़ायदा पहुंचे. बंगाल की स्टेटगवर्नमेंट ने कूचबिहार के लिए अलग राज्य की मांग को काफी अरसे से दबाये हुए रक्खाथा. लेकिन अब जिन्न फिर से बोतल से निकल आया है. हालांकि दीदी ने बहुत पहले एकचुनावी रैली में कहा था "फानूस बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे, वो शमा क्या बुझे, जिसेरौशन खुदा करे".लेकिन वो चुनावी रैली थी. अब जब असलियत में हवा चलने लगी है, फ़ानूसको भी दिक्कत महसूस हो रही है. भाजपा के एमपी एस एस अहलूवालिया ने मिनिस्ट्री ऑफ़होम अफेयर्स को चिट्ठी लिखी थी और कहा था कि कूचबिहार के राजवंशी के लिए अलगरेजिमेंट की व्यवस्था करवाई जाए. स्टेट गवर्नमेंट को इस बात का पूरा यकीन है किनारायणी सेना का गठन और उसकी हरकतें केंद्र की शह पर ही हो रही हैं. मैं सच बता रहाहूं, जब 'शह' लिखा तो गलती से 'शाह' लिखा गया था. ;)