देवनागरी लिपि का ये दी लल्लनटॉप सेंटर है. नरेंद्र, मोहन, प्रकाश और लाल कृष्ण कीफरमाइश पर अब आप स्मृति ईरानी की खबर पढ़ेंगे.एचआरडी मिनिस्ट्री से स्मृति ईरानी के डिमोशन से जो लोग खुश हो रहे थे. उनके लिए'हारकर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं' डायलॉग की ताजा नजीर है. स्मृति ईरानी नेअपनी लाइफ का रहस्योघाटन रिसेंटली किया है. स्मृति ईरानी ने कहा, 'एक दफा मैंने जेटएयरवेज में केबिन क्रू पोजिशन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन जेट एयरवेज ने मेरीएप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी थी.' जानते हैं क्यों? क्योंकि जेट एयरवेज वालों को लगा किस्मृति ईरानी की अच्छी पर्सनालिटी नहीं है. बताओ कित्ते मासूम लोग थे. स्मृति ईरानीका टैलेंट नहीं पहचान पाए. आज स्मृति ईरानी एचआरडी मिनिस्टर कपड़ा मिनिस्टर हैं.बहरहाल बैक टू स्मृति. वो बोलीं, 'अच्छा हुआ कि उन लोगों ने मुझे रिजेक्ट कर दिया.इसके बाद मुझे मैकडोनल्ड में जॉब मिल गई. रेस्ट इज हिस्ट्री.' स्मृति ईरानी ने येबातें एयर पैसेंजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया में ऑर्गेनाइज एक फंक्शन में कहीं.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें...डिमोशन मैडम स्मृति का, बधाइयां मिल रही 21 साल के लौंडे को39 साल की स्मृति ईरानी 'आंटी' हैं?सॉरी स्मृति, अब जावड़ेकर जी HRD मिनिस्टर हैं