सांसद सचिन की अटेंडेंस कम, पर रिपोर्ट कार्ड चकाचक
सचिन की संसद में अटेंडेस पर लाल निशान लगे हुए हैं. लेकिन फिर भी बतौर सांसद वह चुपके-चुपके रन बटोर रहे हैं.
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2012 में राज्य सभा की शपथ लेने के बाद सचिन. (Source: PTI)
याद तो होगा ही कि 2012 में UPA ने सचिन तेंदुलकर को नॉमिनेट कर राज्य सभा में पहुंचाया था. और तीन साल बाद खबर ये है सचिन इस पिच पर भी धमाका कर रहे हैं. पर चुपके से. फिर भी सचिन के रिपोर्ट कार्ड पर लगे हुए हैं लाल निशान. क्योंकि ये संसद जाते हुए कम ही देखे गए हैं. अटेंडेंस है कम. और ये बात राज्य सभा के बाकी सदस्यों को खूब अखरती है.
लाल निशान
पर सचिन का स्कोर कार्ड तो अलग ही कहानी बयां करता है. असल में ये उन लोगों में से नहीं जो सांसद होने को हलके में लेते हों. बल्कि 'वर्क फ्रॉम होम' में विश्वास रखते हैं. इन्होंने साबित किया है कि संसद के सेशन में जाना, और चीखकर वापस आ जाने से बड़ा है काम करना. तो चेक करते हैं सचिन का रिपोर्ट कार्ड.
ब्राउनी पॉइंट्स
वैसे तो क्रिकेट के 'भगवान' के पास 2018 तक का समय है अपनी अटेंडेंस सुधारने का. पर उम्मीद है तब तक उनका काम उनकी अटेंडेंस से ज्यादा बोलता रहेगा. जैसे उनसे ज्यादा उनका बल्ला बोला करता था.

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