राहुल गांधी से मिलीं सियाचिन शहीद कैप्टन की मां ने 'अग्निवीर' पर सरकार से बड़ी मांग कर दी
शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की मां मंजू सिंह ने कहा कि दो तरह की फौज नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार से उम्मीद है कि वो राहुल गांधी के भाषणों को सुनेगी और उस पर विचार करेगी.

कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की मां ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद कैप्टन अंशुमान की मां ने भी सेना में भर्ती की नई ‘अग्निपथ योजना’ पर सवाल उठाए. कहा कि सेना में दो तरह की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए. 9 जुलाई को राहुल गांधी रायबरेली के दौरे पर थे. वहीं उन्होंने अंशुमान की मां मंजू सिंह से भेंट की. पिछले साल जुलाई में कैप्टन अंशुमान की सियाचिन में मौत हो गई थी. इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया गया था.
मंजू सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मीडिया को एक बयान दिया. उन्होंने कहा,
"फौज के बारे में ज्यादा चर्चा हुई. और ज्यादातर हमने अग्निवीर पर बात की. क्योंकि और बेहतर हो सकता है, दो तरह की फौज नहीं होनी चाहिए. सरकार से भी उम्मीद है कि वो राहुल गांधी के भाषणों को सुनेगी और उस पर विचार करेगी."
राहुल गांधी इन दिनों अग्निपथ योजना को लेकर सरकार को घेर रहे हैं. इस योजना को वापस लेने की मांग की जा रही है. राहुल गांधी से मुलाकात को लेकर मंजू सिंह ने बताया कि वे दो दिन से बुला रहे थे. कहा कि पहली बार राष्ट्रपति भवन में मिले थे तो उन्होंने नंबर लिया था. उसी दिन उन्होंने कहा था कि फिर मिलेंगे.
मंजू सिंह ने बताया कि अभी तक उनके दिल में बहुत नकारात्मकता आ रही थी लेकिन अब राहुल गांधी से मिलकर अच्छा लग रहा है. उन्होंने कहा कि बेटे को खोना आसान नहीं होता है, एक साल से बहुत दर्द में हूं. अग्निवीर को लेकर उन्होंने कहा,
बंकर के अंदर झुलसने से मौत“चार साल की व्यवस्था सही नहीं है. कोई बच्चा चार साल बाद क्या करेगा? वो मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत थक चुका होता है. फौजी बनने के लिए बहुत मजबूत होना होता है. उनकी पढ़ाई-लिखाई चार साल रुक जाएगी, तो फिर आगे वो लौटने के बाद क्या तैयारी करेंगे.”
कैप्टन अंशुमान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे. उनके पिता रवि प्रताप सिंह भी सेना में सूबेदार पद से रिटायर्ड हैं.
सियाचिन में कैप्टन अंशुमान की तैनाती के दौरान 19 जुलाई 2023 को एक बंकर में अचानक आग लग गई थी. जवानों को आग से बचाने के लिए वे बंकर में घुस गए थे. उन्होंने बंकर में मौजूद चार जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन खुद अंदर फंस गए. और आग से बुरी तरह झुलस गए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था.
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सियाचिन में कड़ाके की ठंड में सैनिक गर्म रखने के लिए टेंट और बंकरों के अंदर भी आग जलाते हैं. क्योंकि उस इलाके में खुद को गर्म रखना बड़ी चुनौती होती है. कीर्ति चक्र मिलने के दौरान कैप्टन अंशुमान के पिता ने कहा था कि जिस बहादुरी से वो देश की सेवा करके गए, उसे पीढ़ियां याद रखेगी.
वीडियो: रखवाले: क्या अग्निवीर योजना को किसी सुधार की जरूरत है?

