राहुल गांधी का दावा, "राजनाथ सिंह ने अग्निवीर पर झूठ बोला", अब सेना की सफाई आ गई
राहुल गांधी ने कहा कि राजनाथ सिंह को संसद, देश, सेना और अजय सिंह के परिवार से माफी मांगनी चाहिए. हालांकि अब सेना ने बताया कि अग्निवीर अजय सिंह के परिवार को 98 लाख रुपये की सहायता राशि मिल चुकी है.

सेना की नई अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हो रहे अग्निवीरों को लेकर केंद्र सरकार और राहुल गांधी के बीच तलवार खिंची हुई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निवीर के परिवार को मिलने वाली आर्थिक मदद को लेकर संसद में झूठ बोला. उन्होंने इस साल जनवरी में मारे गए पंजाब के अग्निवीर अजय सिंह का मुद्दा उठाया और कहा कि राजनाथ सिंह को संसद, देश, सेना और अजय सिंह के परिवार से माफी मांगनी चाहिए. हालांकि इस पर सेना की भी सफाई आई है कि अजय सिंह के परिवार को आर्थिक मदद दी गई.
3 जुलाई को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसी वीडियो में अग्निवीर अजय सिंह के पिता का बयान भी है. इसमें पिता कह रहे हैं,
इसी वीडियो में राहुल गांधी ने कहा है कि संसद में उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है! लेकिन जवाब में रक्षा मंत्री सिंह ने शहीद अग्निवीर के परिवार को आर्थिक सहायता मिलने के बारे में संसद में झूठ बोला. राहुल आगे कहते हैं,
सेना ने क्या सफाई दी?ये विवाद पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अग्निवीर अजय सिंह की मौत से जुड़ा हुआ है. इस साल 18 जनवरी को राजौरी में एक लैंडमाइन ब्लास्ट में उनकी जान चली गई थी. साल 2022 में नई अग्निपथ योजना के तहत उनकी सेना में भर्ती हुई थी.
राहुल गांधी के इस वीडियो को कांग्रेस के नेता और दूसरे लोग सोशल मीडिया पर खूब शेयर कर रहे हैं. इसके बाद सेना ने एक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का खंडन किया है. बताया कि अग्निवीर अजय के परिवार को अब तक 98 लाख रुपये की सहायता राशि मिल चुकी है. सेना ने बयान में लिखा है,
सेना ने बयान में आगे लिखा है,
ये भी पढ़ें- शहीद अग्निवीर के परिवार को कुछ नहीं मिलता? राहुल गांधी के इस दावे का सच जान लीजिए
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1 जुलाई को लोकसभा में जो कहा था, उससे पहले राहुल गांधी का बयान जानना पड़ेगा. राहुल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अग्निपथ योजना को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि अग्निवीरों को मोदी सरकार शहीद का दर्जा नहीं देती और उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाता. राहुल ने कहा था,
इसी पर राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ही तुरंत सफाई दी. उन्होंने बिना किसी अग्निवीर का नाम लिए इसके बारे में एक सामान्य बयान दिया था. उन्होंने कहा था,
हालांकि राहुल गांधी उन्हें अग्निवीर अजय सिंह के परिवार को लेकर सरकार को घेर रहे हैं. लेकिन इस पर भी सेना ने अपनी सफाई दी है.
ये भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए अग्निवीर अजय सिंह, परिवार बोला - 'हमारे बेटे को भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए'
जून 2022 में केंद्र सरकार ने सेना में भर्ती प्रक्रिया के नियमों में बदलाव कर दिया था. इसे 'अग्निपथ योजना' कहा गया और भर्ती होने वाले रंगरुटों को 'अग्निवीर'. विवादों में रही इसी प्रक्रिया के तहत अब सेना में भर्ती हो रही है. इसमें 17 से 23 साल की उम्र के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान लाया गया. चार साल बाद इनमें से सिर्फ 25 फीसदी को स्थायी नौकरी मिलेगी. बाकी 75 फीसदी अग्निवीर समाज में वापस लौट जाएंगे. इसलिए इस योजना की शुरू से काफी आलोचना होती रही है.
वीडियो: लल्लनटॉप चुनाव यात्रा: एयर फोर्स के पूर्व अधिकारी ने अग्निवीर स्कीम की क्या दिक्कतें गिनाईं?

.webp?width=60)

