पांच सीज़न और पचास एपिसोड के बाद 'मनी हाइस्ट' कथा का समापन हो चुका है. प्रोफेसरऔर गैंग ने एक बार फ़िर सफ़लतापूर्वक स्पेन सरकार की चुंगी लगा दी है. अपने निर्मलस्वभाव के स्वामी प्रोफेसर साब ने भी पूरे निर्मल मन से देश की इकॉनमी ढहा दी. 'मनीहाइस्ट' के क्लाइमैक्स के लिए मैं बहुत ज़्यादा उत्साहित था. एज़ अ फैन खूब सारीथ्योरीज़ गढ़ ली थीं. पक्का यकीन था बहुत मज़ा आने वाला है. लग रहा था कि शो के राइटरकुछ ऐसा तड़काता-भड़कता लाएंगे कि अगले 2 हफ़्ते तक तो सभी 'मनी हाइस्ट' के हैंगओवरमें ही घूमेंगे.लेकिन मित्रों छन्न से जो टूटा है सपना कि अब तो जग सूना-सूना लग रहा है. 'मनीहाइस्ट' के राइटर्स ने क्लाइमैक्स में हमारी उम्मीदों पर ऐसा पानी फेरा, जैसे इसकेबाद राइटर का काम छोड़कर पॉलिटिशियन बनने की तैयारी कर रहे हों.खैर,अगर अभी तक आपने 'मनी हाइस्ट' के पांचवे सीज़न का अंतिम वॉल्यूम नहीं देखा है,तो बस 'रुक जा रे बंदे, थम जा रे बंदे' क्यूंकि आगे स्पॉइलर फट पड़ेंगे.अब यहां से जितने भी लोग पढ़/देख रहे हैं, वो अपने रिस्क पर पढ़ें/देखें. स्पॉइलर केबाद मुझे हिचकियां नहीं आनी चाहिए भिया लोग.अब हम आगे आपको छह ऐसे पॉइंट बताएंगे, जिनकी वजह से क्लाइमैक्स का पूरा मज़ा किरकिराहो गया था. 1. हमको मालूम है, राइटिंग नामाकूल है पता नहीं क्यों ऐसा लगता है किजैसे 'मनी हाइस्ट' के मेकर्स को भी पता था कि लास्ट के पांच एपिसोड कतई बंडल हैं.इसलिए उन्होंने जानबूझकर इस सीज़न को दो किश्तों में रिलीज़ किया. ताकि पूरा सीज़नबोगस ना कहलाए. वाकई में लोग सही कहते थे. टोक्यो ही इस शो की आत्मा है. क्यूंकिटोक्यो के साथ ही शो से थ्रिल, एंटरटेनमेंट, फन भी पंचतत्व में विलीन हो गया. पांचमें से पहले तीन एपिसोड्स में कहानी बेहद ढीले ढंग से चलती है. बहुत से फ्लैशबैकआते हैं, जो शो की रफ़्तार धीमी कर देते हैं. आखिर के दो एपिसोड्स में कुछेक रफ़्तारआती है, तो लॉजिक गायब होने लगता है. 2. ज़बरदस्ती प्रमोशन नेटफ्लिक्स ने कुछ दिनोंपहले ही अनाउंस किया है कि वो बर्लिन के ऊपर स्पिन ऑफ सीरीज़ बना रहे हैं. बस इसचक्कर में अंतिम पांच एपिसोड्स में मेन हाइस्ट से ज्यादा बर्लिन की बैक स्टोरीदिखाई गई. जिसका चल रही कहानी से कोई लेना-देना नहीं था. हम भी बर्लिन फैन हैं. जबस्पिन ऑफ आएगा, तब देख ही लेंगे. इतना 'इन योर फेस' प्रमोशन करने की क्या ज़रूरत हैनेटफ्लिक्स वालों?इनके और हमारे जीवन में अंत में निराशा ही नसीब होती है.3. हृदय-परिवर्तन पर हृदय-परिवर्तन 'प्लास्टिक सर्जरी से चेहरा बदलना' और 'विलन काहृदय-परिवर्तन होना' ये राइटिंग के सबसे ईज़ी, लेज़ी, कमज़ोर शॉर्टकट माने जाते हैं.'मनी हाइस्ट' में सबसे ज्यादा यही बात खली. यहां जो पल-पल किरदारों काहृदय-परिवर्तन हुआ उसने 'मनी हाइस्ट' को क्लीशे की श्रेणी में डाल दिया.बर्लिन का लड़का राफेल. ये तो अपने बाप से भी बड़ा चोट्टा निकला. पहले तो अपने पिताजीकी ही वाइफ को चुरा लिया. फिर अपने चचा का इतनी मेहनत से अड़ाया हुआ, सोना चुरालिया. फिर जब अलिशिया ने सोना खोज लिया, तो लौंडे लेकर असलले समेत पहुंच गया. हमेंलगा ये आस्तीन का सांप राफेल तगड़ा विलन निकल रहा है. अब होगी गैंगवॉर. लेकिन फिरअलिशिया ने एक प्रोफेसर की लिखी चिट्ठी राफेल को दी. जिस पर पता नहीं 'मेरे मुन्नेभूल ना जाना' लिखा था, या 'मम्मी कसम होए, सोना लौटा दे भाई' लिखा था, राफेल काअचानक से चिट्ठी पढ़ कर मोहमाया से विश्वास उठ गया और उसने ख़ुशी-ख़ुशी सोना लौटादिया. 4. आर्तुरो का क्या हुआ ? वॉल्यूम वन में दिखाया गया कि मोनिका ने आर्तुरो कोगोली मारकर घायल कर दिया था. जिसके बाद उसका इलाज चल रहा था. लेकिन लास्ट वॉल्यूममें तो राइटर्स ने आर्तुरो को भुला ही दिया. मतलब माना कि काइयां आदमी था, लेकिनयार ये तो बता दो कि निकल लिया है या अभी भी ज़िंदा है.हृदयपरिवर्तन.5. हेलसिंकी की टांग कुछ ज़्यादा जल्दी ठीक नहीं हो गई? फ़र्ज़ कीजिए कुछ 10 घंटे पहलेआपकी टांग पर बिल्डिंग का पूरा-पूरा पिलर गिर गया हो. हड्डियों का बुकनू बन गया हो.लेकिन अगले ही दिन आप एकदम चुस्त-दुरुस्त हो जाएं. नामुमकिन है ना! लेकिन अपनेहेलसिंकी भैया पता नहीं कौन सी दिव्य शक्तियों वाले निकले कि जहां कल तक टांग न कटजाए इसके लाले पड़े थे, वहीँ एक दिन बाद एकदम विक्ट्री हर्डल में ज़ोर-जोर से चीयर कररहे थे. 6. गाने पे गाने आजकल टीवी सीरीज़ मे गानों का इस्तेमाल बढ़ गया है. मेकर्सशो में ऐसे मोमेंट पर इतना फिटिंग गाना डालते हैं कि कई महीनों बाद तक शो की ऑडियंसलूप पर वो गाना सुनती रहती है. 'मनी हाइस्ट' में भी कई बेहतरीन गाने खूब लोकप्रियहुए. जैसे 'माय लाइफ इज़ गोइंग ऑन', 'Cuanda Suba La Marea', 'डेलिकेट'. शो से इनगानों के व्यूज़ भी भारी मात्रा में बढ़ गए. चलो अच्छा हुआ. लेकिन इस लास्ट वॉल्यूममें तो इन्होने थोक के भाव से गाने भर दिए हैं. ऐसा लगा जैसे पुराने गानों कोरीइग्नाइट करने का कॉन्ट्रैक्ट लेकर बैठे हैं. हर दस मिनट बाद आने वाले गानों ने भीइस बार भेजा खराब कर दिया.तो कहानी का सार ये है 'गेम ऑफ़ थ्रोंस' और ज्यादातर बाकी शोज़ की तरह ही 'मनीहाइस्ट' ने भी क्लाइमेक्स में रायता फैला दिया. और इतने सालों बाद आज भी 'ब्रेकिंगबैड' ही प्रॉपर एंडिंग के खिताब के साथ टॉप पर बना हुआ है.