अनिल और सुनीता का बेटा भी काम से लग गया है. बसंती को रंगने वाले राकेश ओमप्रकाशमेहरा पिच्चर बना रहे हैं. मिर्जया नाम है. बच्चा हर्षवर्धन उसमें हीरो बना है.मिर्जा का रोल कर रहा है. उसकी साहिबा बनी है सेयानी खेर. सेयानी तन्वी आजमी कीभतीजी हैं. आज मिर्जया का ट्रेलर आ गया है . ये देखिए. ट्रेलर देखके लगता है, लड़कीएकदम बड़के घर की है. अनिल कपूर का लड़का अस्तबल वाला लगता है. लव ट्राईएंगल जैसा भीसीन नजर आए है. हीरोइन की बात सुन ऐसा भी लगता है कि लड़का मर्डर कर भाग गया था, अबलौट आया है. प्यार करने. ट्रेलर देख लीजिए आप तो.https://www.youtube.com/watch?v=yo9HkpIPt2k टीजर ट्रेलर आया था इसके पहले.https://www.youtube.com/watch?v=GBUgRN2URXc मिर्जया का मुझे इंतजार है. एक तोइसकी कहानी गुलजार ने लिखी है. वो हमें पसंद हैं. दूसरा मेहरा साहब भी फिल्मेंअच्छी बनाते हैं. अकसर ही. म्यूजिक शंकर एहसान लॉय का है. कहानी राजस्थान में सेटहै. कंकाल मिर्जा साहिबा की लोककथा का है. कंक्रीट आज का होगा. फिल्म का टीजर पहलेआया था. टीजर में बालक के शारीरिक सौष्ठव पर फोकस था.मुंह दिखाई तब नहीं हुई थी. नहर्ष की और न सेयामी की. फेसबुक पर फोटो चेक कर रहा था. तो पता चला कि सेयामी खेलोंके लिए पगलाई रहती है. सचिन, रोजर फेडरर समेत कई स्टार खिलाड़ियों के साथ फोटू लगारखे हैं लड़की ने. अच्छा है. तंदरुस्त रहेगा तभी तो बढ़ेगा इंडिया.https://www.youtube.com/watch?v=Uhj4PQc6zRs मिर्जा साहिबा की असली कहानी जाटोंके टोले की कहानी है ये. एक बच्चा हुआ. डिलीवरी के दौरान उसकी मम्मी मर गई. वहीं एकऔर औरत मम्मी बनी थी. उसकी बेटी हुई थी. उसने बच्चे को भी दूध पिलाया. तो इस लॉजिकसे बच्चा और बच्ची बन गए मिल्क सिबलिंग. बच्ची का नाम था फातेह. उसका एक बेटा हुआ.मिर्जा. मिर्जा अपनी मम्मी के मिल्क ब्रदर खेवा के यहां पढ़ने गया. वहां उसे खेवाकी बेटी साहिबा से प्यार हो गया. बच्चे थे. स्कूल का इश्क. बढ़ा तो बढ़ता ही गया.वो दोनों भी बढ़ रहे थे. मिर्जा बड़ा होकर कमाल का घुड़सवार बना. और धनुष चलाने मेंपूरा लिंबाराम. निशाना चूकता ही नहीं. और साहिबा. वफा भी बेवफा हो जाए इत्तीखूबसूरत. घरवालों को पता चल गया. मिर्जा को उसके मम्मी पापा के घर भेज दिया गया.साहिबा की शादी तय कर दी. मिर्जा का मन नहीं माना. आ गए दिलवाले दुलहनिया लेने. ऐनशादी के पहले कर लिया क्यूट किडनैप. रस्ते में लिया ब्रेक. मिर्जा सो गया. साहिबाने सोचा, मेरे भाई आएंगे. और मिर्जा उनको मार तीर बराबर कर देगा. तो उसने तीर तोड़दिए. भाई आए. बिना वॉर्निंग उन्होंने मिर्जा को भुच्च दिया. मिर्जा घायल, मगर लड़नेको तैयार. मगर उसने तरकश देखा तो तीर गायब. नीचे देखा तो टूटे पड़े. उसने अपनीबुद्धू कुड बी बीवी की तरफ देखा. साहिबा को काटो तो ब्लड नहीं. भइया के अगले तीर सेपहले वो सनम के सीने के सामने आ गई. और हर महान लव स्टोरी की तरह दोनों मर गए.गानों के शौकीन हों तो मिर्जा साहिबा पर हरभजन मान का गाया एलबम बहुत चला था. फुरसतमें हों तो सुन लीजिए https://www.youtube.com/watch?v=AI1g_UgTifo और वाकई सुननेका शऊर है तो नूरजहां बीबी को सुनिए. https://www.youtube.com/watch?v=H94D1PAKnak