आजकल जिम जाना एक फैशन बन गया है. और फास्ट फूड खाना एक आदत. भूख लगी है तो लोगखाना नहीं मैगी को याद करते हैं. शाम में टहलने निकल गए तो बिना छोले-भटूरे सेपेट-पूजा किए वापसी नहीं होती. थोड़ी बारिश क्या हो जाती है लोग तो पकौड़ों पर टूटपड़ते हैं. चिप्स खाना तो रोज का है. पहले खूब अलकर-बथुआ खाएंगे और बाद में कहेगें,देखो मेरे कपड़े फिट नहीं हो रहे. मेरा वेट बढ़ गया है. अब तो जिम जाना जरूरी होगया है. और पहुंच जाते हैं जिम. फिर जिम इंस्ट्रक्टर का इंस्ट्रक्शन, ये मत खाना वोमत खाना और फलाना-ढिकाना.चाइना में वेट लूज करने के लिए एक आदमी न तो जिम जाता है और न ही डाइटिंग करता है.है न हैरान होने वाली बात. कॉन्ग यान चाइना के जिलिन में रहते हैं. 54 साल के हैं.बड़े दिलचस्प इंसान हैं. चार साल पहले इनका वजन 115 किलो हो गया था. करीब साढ़ेपांच फिट लंबे इंसान का वेट 115 किलो हो जाए तो वो कैसा लगेगा. दिमाग में कितनीगंदी सी इमेज आती है. मानो कद्दू के लत्तड़ में सहारे की बदौलत लटका कद्दू.Source : Facebookकॉन्ग अपने बढ़ते वजन से परेशान नहीं हुए. वजन कम करने के लिए न तो कॉन्ग ने जिमज्वाइन किया और न ही उबला खाना खाया. न किसी तरह की दवाई ली और न कपालभाति किया.लगे खानदानी कसरत करने. कहने का मतलब जो पहले के लोग किया करते थे. वो अपने सर पर40 किलो का पत्थर लेकर रोज वॉकिंग करते हैं. कॉन्ग ने इसकी शुरूआत 15 किलो के पत्थरसे की थी. और धीरे-धीरे उन्होंने पत्थर का वजन बढ़ाना शुरू किया. और डिस्टेंस भी.पहले जहां वो 1.5 किलोमीटर वॉक करते थे अब 3 किलोमीटर करते हैं.इससे कॉन्ग को फायदा भी हुआ है. पहले साल ही उन्होंने अपना 30 किलो वजन कम किया था.अब ये कॉन्ग के डेली रूटीन का हिस्सा है. वो इससे अपना नाम गिनीज बुक दर्ज करानाचाहते हैं.