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बेवजह आधे घंटे लॉकअप में डाला गया, कोर्ट ने पुलिस वालों पर 50 हजार का जुर्माना लगा दिया

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को भले ही कम समय के लिए लॉकअप में रखा गया हो लेकिन इससे पुलिस अधिकारी निर्दोष नहीं साबित होते.

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7 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 7 अक्तूबर 2023, 12:41 PM IST)
man illegally detained for half hour to get 50 thousand rupees compensation delhi high court order
दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकारा (सांकेतिक फोटो- इंडिया टुडे)
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दिल्ली पुलिस को एक व्यक्ति को ‘बेवजह’ हिरासत में रखना महंगा पड़ गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने शख्स को आधे घंटे तक लॉकअप में डालने के लिए पुलिस को फटकार लगाई है. कहा कि पुलिस नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार करती है जैसे कि वो खुद कानून से ऊपर हो. इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़ित शख्स को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. ये रकम मामले में शामिल दो पुलिसकर्मियों की सैलरी से वसूली जाएगी.

मामला दिल्ली के बदरपुर इलाके का है. समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक 5 अक्टूबर को हाई कोर्ट में जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की सिंगल जज बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाया. उन्होंने कहा,

“अदालत इस बात से बहुत परेशान है कि याचिकाकर्ता को गिरफ्तार ही नहीं किया गया. उसे बस मौके से उठाया, पुलिस स्टेशन लाया गया और बिना किसी वजह लॉकअप में डाल दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने जिस मनमानी से काम किया है उसने एक नागरिक के संवैधानिक और मौलिक अधिकारों को तार-तार कर दिया है.”

हाई कोर्ट ने आदेश में कहा,

“याचिकाकर्ता को भले ही कम समय के लिए लॉकअप में रखा गया हो लेकिन इससे वो पुलिस अधिकारी निर्दोष नहीं साबित होते. उन्होंने कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना याचिकाकर्ता को उसकी स्वतंत्रता से वंचित किया है. सिर्फ निंदा करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. निंदा इस तरह की जानी चाहिए कि बाकी अधिकारियों को ठोस मैसेज पहुंचे और कोई भविष्य में ऐसी हरकत ना करे."

पुलिस ने किस मामले में पकड़ा था?

याचिका के मुताबिक, ये मामला पिछले साल 2 सितंबर का है. एक महिला के साथ झगड़े के दौरान सब्जी वाले ने उसे चाकू मार दिया. घायल महिला याचिकाकर्ता की दुकान पर पहुंची. उसने बदरपुर पुलिस थाने में फोन कर जानकारी दी. मौके पर पहुंचे दो सब इंस्पेक्टर कथित तौर पर उसे ही उठाकर थाने ले गए और लॉकअप में डाल दिया. ये भी आरोप है कि महिला को न तो मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और न उसका बयान दर्ज किया गया.

ये भी पढ़ें- भरी अदालत में हाई कोर्ट के जज ने दिया इस्तीफा, स्पीच में बताई वजह

पीड़ित ने दावा किया कि उसे लॉकअप में डालकर कुछ देर बाद रिहा कर दिया गया. याचिका के मुताबिक, शख्स ने पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उसने मुआवजे की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया.

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