'असम में राहुल गांधी को खतरा... ' ऐसा क्या पता लगा कि खरगे ने सीधे अमित शाह को पत्र लिख दिया?
Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने Assam Police पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया है. कहा है कि पुलिस ने BJP कार्यकर्ताओं को काफिले तक पहुंचने में मदद की. राहुल के सुरक्षा घेरे को लेकर क्या बताया है?
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कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को एक पत्र लिखा है. पत्र में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और भारत जोड़ो न्याय यात्रा की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की बात की गई है. 14 जनवरी को कांग्रेस ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा (BJNY) शुरू की. इसकी शुरूआत मणिपुर से हुई थी. 18 जनवरी को यात्रा असम (Assam) पहुंची थी.
खरगे ने कहा है कि यात्रा जब असम में पहुंची तो वहां सुरक्षा व्यवस्था में दिक्कतें आईं. उन्होंने उन सारी घटनाओं का जिक्र किया जिनमें राहुल गांधी की सुरक्षा को खतरा हो सकता था. कांग्रेस अध्यक्ष ने 22 जनवरी की घटना का खास तौर पर जिक्र किया है. लिखा,
“22 जनवरी को असम के नागांव जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गंधी को रोका. इससे बेहद असुरक्षित स्थिति पैदा हो गई थी.”
उन्होंने असम पुलिस पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया है. कहा है कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को काफिले तक पहुंचने में मदद की. इस प्रकार राहुल गांधी के आसपास के सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया गया और उनकी टीम की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया गया.
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पत्र में आगे कहा गया है कि पब्लिक डोमेन में पर्याप्त सबूत होने के बावजूद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. ना ही मामलों की जांच शुरू की गई है. उन्होंने लिखा कि जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, जोखिम बढ़ता जा रहा है. उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है.
खरगे ने लिखा है कि असम के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उपाय करें, जिससे राहुल गांधी या भारत जोड़ो न्याय यात्रा के किसी भी सदस्य को गंभीर चोट लग सकती है.
Rahul Gandhi पर FIRकांग्रेस अध्यक्ष का ये पत्र तब सामने आया है जब असम में राहुल गांधी पर FIR दर्ज हो गई है. 23 जनवरी को भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान गुवाहाटी में कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. जिसके बाद सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि ये असम की संस्कृति का हिस्सा नहीं है.
इससे पहले राहुल गांधी ने 22 जनवरी को ये भी आरोप लगाया था कि असम में उन्हें अधिकारियों ने एक मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था. राहुल श्री श्री शंकरदेव सत्र में दर्शन के लिए जाने वाले थे. लेकिन प्रशासन ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी. जिसके बाद राहुल समेत कांग्रेस नेताओं ने नगांव में धरना शुरू कर दिया था.
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