मालेगांव ब्लास्ट : गवाह ने बताया, BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर से जुड़ी बाइक पर मिला ब्लास्ट का केमिकल!
मालेगांव धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 लोग घायल हुए थे, आरोप प्रज्ञा ठाकुर पर!

2008 के मालेगांव केस (2008 Malegaon Case) में एक नया खुलासा हुआ है. इस केस के एक गवाह ने मुंबई के NIA कोर्ट (NIA Court) को बताया है कि ब्लास्ट के बाद घटनास्थल पर मौजूद कई चीजों पर अमोनियम नाइट्रेट मिला था. इन चीजों में वो बाइक भी शामिल थी जो कथित तौर पर भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर रजिस्टर्ड है.
मालेगांव में एलएमएल बाइक पर क्या-क्या मिला था?टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, यह गवाह एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट है, जो 2008 में असिस्टेंट केमिकल एनालाइजर के तौर पर काम कर रहा था. इस फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने कोर्ट को बताया कि ब्लास्ट होने के बाद वे मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान ब्लास्ट वाली जगह पर एक एलएमएल फ्रीडम बाइक मिली थी. इसका फ्यूल टैंक, सीट कवर और बूट उड़ गया था और चारों ओर स्पेयर पार्ट्स बिखरे हुए थे. जब छानबीन की तो इस बाइक के ऊपर अमोनियम नाइट्रेट के निशान मिले. फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने अदालत को बताया कि अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल विस्फोटक के तौर पर किया जाता है.
मालेगांव में मिली बाइक का इंजन नंबर खरोंच दिया थाफॉरेंसिक एक्सपर्ट ने कोर्ट को ये भी बताया कि घटनास्थल पर मिली बाइक के इंजन नंबर को खरोंच दिया गया था. लेकिन, इसके बावजूद उसने बाइक के 3 संभावित इंजन नंबर खोज निकाले. आजतक की खबर के मुताबिक मालेगांव बम ब्लास्ट की जांच के दौरान घटनास्थल से 2 बाइक और 5 साइकिलें मिली थीं. मंगलवार, 2 अगस्त को इन्हें मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर लाया गया. जिन्हें जज और वकीलों के अलावा कुछ गवाहों को भी दिखाया गया. इस दौरान आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के अधिकारियों ने किसी को भी फोटो लेने की इजाजत नहीं दी.
प्रज्ञा ठाकुर पर क्या आरोप हैं?29 सितंबर, 2008 को मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास एक दोपहिया वाहन से बंधा विस्फोटक फट जाने से 6 लोगों की मौत हो गई थी. 100 से अधिक घायल हो गए थे. ये धमाका रमजान के माह में उस वक्त किया गया था, जब मुस्लिम समुदाय के बहुत सारे लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे. इस धमाके के पीछे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों का हाथ होने की बात सामने आई थी. एनआईए ने जांच के बाद दावा किया था कि इस विस्फोट को दक्षिणपंथी संगठन अभिनव भारत ने अंजाम दिया था.
इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, स्वामी असीमानंद और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को मुख्य आरोपी बनाया गया था. हालांकि, साल 2016 में NIA की मांग पर NIA कोर्ट ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका एक्ट) के तहत प्रज्ञा के खिलाफ कठोर धाराओं को हटा दिया था. गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की कई धाराओं के तहत प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ आरोप जारी हैं. हालांकि, इस मामले में मालेगांव अभियोजन पक्ष का दावा है कि मालेगांव के भीकू चौक पर आईईडी से विस्फोट किया गया था और इसे सुनहरे रंग की एलएमएल फ्रीडम बाइक पर रखा गया था, जो प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर रजिस्टर्ड है.
वीडियो देखें : प्रज्ञा ठाकुर जिस मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी, उसका 21वां गवाह पलटा, कोर्ट में क्या कह दिया?

