वोटर आईडी कार्ड पर गधे की तस्वीर, किसी योजना लाभार्थी के खाते में अचानक 15 लाखरुपये, आधार कार्ड धारक के नाम के साथ खेल, कहना ये चाह रहे कि सरकारी काम में कुछभी गलती हो सकती है. ऐसी ही एक गलती 'मधु का पांचवां बच्चा' सोशल मीडिया पर बहस कामुद्दा बन गई है. दरअसल एक बच्चे के आधार कार्ड की तस्वीर वायरल हुई है. इसमें नामके सामने बच्चे का नाम नहीं है, बल्कि एक पूरा वाक्य लिखा हुआ है- मधु का पांचवांबच्चा. नाम के ठीक नीचे अंग्रेजी में छपा है 'Baby Five of Madhu'. क्या है पूरामामला? इंडिया टुडे की ख़बर के मुताबिक वाकया उत्तर प्रदेश के बदायूं का है. यहां केबिल्सी तहसील क्षेत्र का एक गांव है रायपुर. इसके एक निवासी दिनेश अपनी बच्ची आरतीका एडमिशन कराने प्राइमरी स्कूल पहुंचे थे. लेकिन स्कूल में शिक्षिका ने बच्ची काएडमिशन करने से इंकार कर दिया. वजह बताई आधार कार्ड, जिसमें बच्ची के नाम की जगह पर'मधु का पांचवां बच्चा' लिखा हुआ था. शिक्षिका ने आरती के पिता दिनेश को सलाह दी किवो आधार कार्ड की ये डिटेल ठीक कराएं उसके बाद ही एडमिशन हो पाएगा. रिपोर्ट केमुताबिक दिनेश के 5 बच्चे हैं. उनके तीन बच्चे गांव के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़तेहैं. हालांकि आरती उनकी पांचवीं नहीं चौथी संतान है. वो उसका एडमिशन कराने स्कूलपहुंचे तो ये भी पता चला कि कार्ड पर आधार नंबर भी नहीं है. ये साफ नहीं है किबच्ची के आधार कार्ड पर 'पांचवां बच्चा' वाली जानकारी कैसे छप गई. बदायूं जिलाअधिकारी का इसे लेकर बयान आया है, लेकिन उससे पहले कुछ सोशल मीडिया रिएक्शन्स देखलीजिए.सजा तो उन सबको मिलनी चाहिए जिसने लिखा और जिसने आधार कार्ड पास किया । लेकिन भुगतबच्ची एवं उसके परिजन रहे हैं । https://t.co/KJSi2tA7Jf— गुरु प्रसाद यादव, लखनऊ (@guruprasadyada5) April 4, 2022 अजब हाल है#आधार मेंनाम की जगह लिख दिया ‘मधु का पांचवां बच्चा’। मामला बदायूं के बिल्सी का है।अभिभावक जब छह वर्षीय बच्ची का दाखिला कराने प्राथमिक विद्यालय ले गए तो ये गलतीदेख अध्यापिका हैरान रह गई।@UIDAI pic.twitter.com/245liM4Hsv — अनुरागशुक्ला/Anurag Shukla (@anuraganu83) April 2, 2022गजब की लापरवाही- गलती करे कोई भरे कोई :- आधार कार्ड में था नाम गलत और मासूम कोनहीं मिला स्कूल में दाखिला, नाम की जगह पर लिखा था ‘मधु का पांचवां बच्चा’।।https://t.co/OM5HvMsVQe— न्यु भारत (@TwNewbharat) April 4, 2022आधार कार्ड बनाने वाला इतनी जल्दी में था कि बच्चे के मा बाप से नाम तक नहीं पूछपाया। मधु का पांचवां बच्चा@UIDAI @anandmahindra @ripunborapic.twitter.com/N7819KO10H— Pramod Chaudhary (@ItsP_Facto) April 4, 2022कैसे बनता है बच्चों का आधार?इस वाकये से एक सवाल उठता है कि किसी बच्चे का आधार कार्ड कैसे बनता है, उसकी क्याप्रक्रिया होती है और अगर उसमें कुछ बदलाव करवाना हो तो उसके लिए क्या ज़रूरीडॉक्यूमेंट इस्तेमाल होते हैं. इन सब बातों को जानने के लिए हमने बात की ऋषभ साहूसे जो आधार कार्ड बनाने का काम करते हैं. उन्होंने हमें बताया, "किसी भी बच्चे काआधार कार्ड बनाने के लिए सबसे अहम डॉक्यूमेंट होता है उसका जन्म प्रमाणपत्र. औरउसके साथ में मां बाप का आधार कार्ड. ये दोनों डॉक्यूमेंट्स लगने के बाद ही उसबच्चे का आधार कार्ड बनाया जाता है. वहीं उसमें सुधार करने की बात आए तो उसके लिएएक करेक्शन फॉर्म होता है, जिसमें अलग-अलग कैटेगरी दी हुई होती है. आपको जिस तरह कासुधार आधार कार्ड में चाहिए वो उस करेक्शन फॉर्म में भरना होता है. उस फॉर्म मेंआपके लोकल पार्षद/सरपंच का साइन भी करवाना होता है. उसके बाद ये फॉर्म आधार सेंटरमें सबमिट किया जाता है जिसके बाद ही उसे आगे सुधार के लिए भेजा जाता है." सिद्धांतवैष्णव भी आधार कार्ड बनाने का काम करते हैं. उन्होंने बताया कि आधार कार्ड में चूककी गुंजाइश अब बहुत कम हो गई है. सिद्धांत के मुताबिक अगर किसी के नाम ही की जगहऐसा लिखा आ रहा है तो ये बड़ी बात है. वहीं बदायूं की जिलाधिकारी दीपा रंजन ने भी इसबात को स्वीकार किया है. हालांकि उन्होंने कहा है कि आधार कार्ड बैंक और डाक घर मेंबनाए जा रहे हैं और ये मामला उनके संज्ञान में नहीं है. लेकिन दीपा रंजन ने माना किअगर ऐसा हुआ है तो ये घोर लापरवाही है. उन्होंने कहा कि बैंक और डाकघर केअधिकारियों को सतर्क किया जाएगा और इस तरह की लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोरकार्रवाई की जाएगी.