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यूपी में वकीलों को पुलिस ने पीटा, योगी आदित्यनाथ ने अब क्या बड़ा आदेश दे दिया?

वकीलों ने भी चेतावनी दे दी है...

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31 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 31 अगस्त 2023, 04:38 PM IST)
Lawyers Protest
वकीलों का प्रदर्शन
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यूपी के हापुड़ में वक़ीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. मामला बढ़ता देख राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर मेरठ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है. समिति में मेरठ कमिश्नर के अलावा आईजी मेरठ और डीआईजी मुरादाबाद शामिल किए गए हैं. कमेटी को एक हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी.

हापुड़ में क्या हुआ था?

दरअसल, हापुड़ में एक महिला वकील की कार एक सिपाही की बाइक से टकरा गई. दोनों के बीच विवाद हो गया. हापुड़ पुलिस ने इसके बाद महिला वकील और उसके पिता के ख़िलाफ़ सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कर दिया. मुकदमे से नाराज़ हापुड़ के वकीलों ने 29 अगस्त को कचहरी में कार्य बहिष्कार कर चौपला तहसील पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. सड़क पर जाम लग गया. पुलिस ने वकीलों को समझाने की कोशिश की. वकील नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. वकीलों का दावा है कि इस घटना में 30 से ज़्यादा वकीलों को चोटें आई हैं.

वकीलों ने कार्रवाई की मांग की

लाठीचार्ज की घटना को लेकर बार काउंसिल ने हापुड़ के ज़िलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सीओ को हटाने की मांग सरकार से की है. मांगों के समर्थन में सिर्फ हापुड़ नहीं, प्रयागराज, लखनऊ समेत कई ज़िलों में वकील बुधवार को कार्य बहिष्कार कर धरने पर रहे. वकीलों का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर वकीलों पर लाठीचार्ज किया. ऐसे में जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए, और अगर हापुड़ की घटना पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी वो अपना विरोध जताएंगे.

यूपी पुलिस ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश के स्पेशल डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि हापुड़ की घटना को लेकर पुलिस के अधिकारी बार काउंसिल के सम्पर्क में हैं. वकीलों से बात कर हालात सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने वकीलों को भरोसा दिलाया कि पुलिस अधिवक्ताओं के हितों का हमेशा ख़्याल रखती है. प्रशांत कुमार ने बताया कि शासन ने मेरठ कमिश्नर की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है. ये एसआईटी पूरी घटना की जांच कर एक हफ़्ते के भीतर शासन को रिपोर्ट सौंपेगी. रिपोर्ट आने के बाद शिफारिशों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. 

नेताओं ने क्या कहा?

हापुड़ की घटना को लेकर विपक्षी दलों ने यूपी सरकार पर निशाना साधा है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हापुड़ की घटना की निंदा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अराजकता व्याप्त है. आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में पुलिस बेलगाम है. किसी को न्याय नहीं मिल रहा है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर सरकार के इशारे पर पुलिस का व्यवहार अलोकतांत्रिक एवं अमानवीय है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी हापुड़ घटना की निंदा करते हुए अधिवक्ताओं की हड़ताल को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अधिवक्ताओं के साथ कंघे से कंधा मिलाकर खड़ी है. यह घटना लोकतंत्र को शर्मसार करती है और भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को उजागर करती है.

वीडियो: CJI चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकीलों को तकनीक पर क्या सलाह दे दी?

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