नौकरी मांग रहे छात्रों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, VIDEO वायरल
पेपर लीक का विरोध कर रहे थे अभ्यर्थी.
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उत्तराखंड में एक के बाद एक पेपर लीक (Uttarakhand Paper Leak) के बाद अभ्यर्थी आयोगों में भ्रष्टाचार और धांधलियों के खिलाफ सड़क पर उतरे थे. इस दौरान अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठियां बरसा दी. UKSSSC और UKPSC की परीक्षाओं में पेपर लीक होने के बाद से अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध के दौरान पुलिस ने बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पनवर को हिरासत में ले लिया है.
दरअसल, परीक्षाओं में सुधार को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने 8 फरवरी को गांधी पार्क, देहरादून के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. इस दौरान बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पनवर और बाकी परीक्षाओं के अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच कहासुनी के बाद झड़प हो गई. जिसके बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज कर दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लल्लनटॉप से बात करते हुए बॉबी पनवर ने बताया,
बॉबी ने आगे बताया कि परीक्षाओं में हो रही धांधली को लेकर प्रदर्शन जारी रहेगा. कल हम सबने उत्तराखंड बंद का ऐलान किया है. पटवारी, JE और PCS परीक्षाओं में धांधली को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन करते रहेंगे.
#UKSSSC ग्रेजुएट लेवल पेपर लीकUKSSSC, यानी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने 13 अलग-अलग विभागों के 916 पदों को भरने के लिए 4 और 5 दिसंबर को ग्रेजुएट लेवल एग्जाम कराया था. परीक्षा होने के बाद उसमें धांधली, नकल और पेपर लीक के आरोप लगाए. जिसके बाद अभ्यर्थियों ने विरोध-प्रदर्शन किया, तो मामले की जांच शुरू हुई. मामले की जांच STF ने की तो पता चला कि जिसके पास पेपर सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी थी, उसी ने 36 लाख रुपये लेकर पेपर लीक करा दिया.
इस मामले में STF ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें दो अपर निजी सचिव, UKSSSC के कर्मचारी और BJP नेता भी शामिल थे.
#उत्तराखंड पटवारी पेपर लीकUKPSC ने अकाउंटेंट और पटवारी की भर्ती के लिए 8 जनवरी को परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर आने के बाद विभाग ने परीक्षा को रद्द कर दिया था. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 जनवरी के दिन उत्तराखंड STF ने पटवारी पेपर लीक मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया था.
पटवारी परीक्षा 563 पदों के लिए आयोजित की गई थी. परीक्षा में 50 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटवारी पेपर लीक में पकड़े गए आरोपियों में से एक UKPSC का कर्मचारी भी शामिल है. वहीं एक आरोपी लैब टेक्नीशियन है और एक लेक्चरर है.
इस मामले की जांच कर रही उत्तराखंड STF के अधिकारी आयुष अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पेपर लीक की बात कबूली है. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने परीक्षा के एक दिन पहले एग्जाम का पेपर लगभग 35 लोगों को बेच दिया था. पुलिस ने आरोपी संजीव चतुर्वेदी के पास से 41 लाख रुपये कैश बरामद किया था.
आयोग ने 8 जनवरी को लीक हुई परीक्षा का पेपर दोबारा आयोजित कराने का फैसला किया है. पटवारी परीक्षा का पेपर 12 फरवरी को फिर से कराया जाएगा.
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