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केरल गोल्ड स्मगलिंग: पी विजयन को बचाने के लिए किसने दिया '30 करोड़ का ऑफर'?

केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने सनसनीखेज दावे कर सीएम पी विजयन को चेतावनी दी है.

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10 मार्च 2023 (अपडेटेड: 10 मार्च 2023, 12:07 PM IST)
kerala gold smuggling case swapna suresh 30 crore offer cm p vijayan
(बाएं-दाएं) स्वप्ना सुरेश और पी विजयन. (तस्वीरें- इंडिया टुडे)
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केरल सोना तस्करी मामले (Kerala Gold Smuggling Case) की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने सत्तारूढ़ CPI(M) पर एक 'बिचौलिये के जरिये सेटलमेंट के लिए करोड़ों रुपये का ऑफर' देने का आरोप लगाया है. एक फेसबुक लाइव में स्वप्ना सुरेश ने दावा किया कि उन्हें ‘विजय पिल्लई’ नाम के बिचौलिये का फोन आया था. स्वप्ना के मुताबिक विजय ने उन्हें ऑफर दिया कि अगर वो इस केस में सीएम पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ मिले सबूतों को उसके हवाले कर दें और उनके बारे में बात ना करें, तो इसके बदले उन्हें ‘30 करोड़ रुपये’ दिए जाएंगे. स्वप्ना ने बताया कि उन्हें इस रकम के साथ केरल छोड़ देने को भी कहा गया था.

इंडिया टुडे से जुड़ीं शिबीमोई केजी की रिपोर्ट के मुताबिक स्वप्ना ने कहा कि CPI(M) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने बिचौलिये विजय पिल्लई को उनके पास भेजा था. उन्होंने कहा,

“वो चाहते हैं कि मैं हरियाणा या जयपुर चली जाऊं. उन्होंने कहा कि मुझे हर तरह की सुविधा दी जाएगी जिसमें फ्लैट भी शामिल है. एक बार फर्जी पासपोर्ट बन जाने के बाद वो मेरे देश छोड़ने का भी इंतजाम कर देंगे.”

स्वप्ना के मुताबिक विजय पिल्लई इंटरव्यू के बहाने उनसे बातचीत के लिए बेंगलुरु के किसी होटल में मिला था. बाद में उसने बताया कि वो असल में सेटलमेंट के लिए उनके पास आया था. बकौल स्वप्ना,

“उसने कहा कि वे (CPI-M) मुझे कोई फैसला लेने के लिए दो दिन का वक्त देंगे वर्ना मेरी जिंदगी को खतरा होगा.”

केरल गोल्ड स्मगलिंग केस की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश. (तस्वीर- एएनआई)

केस की आरोपी ने आगे कहा,

“मुझे निजी तौर पर सीएम पिनाराई विजयन से कुछ लेना-देना नहीं है. ना मुझे उनका राजनीतिक करियर खराब करना है. मुझे साफ कहा गया कि CPM के सचिव गोविंदन मेरी जिंदगी बर्बाद कर देंगे. मैंने उस शख्स (विजय) की जानकारी, फोन नंबर और ईमेल एड्रेस अपने वकील को दे दिए हैं. मैं सीएम से कहना चाहती हूं कि मैं आखिर तक लड़ूंगी. अगर मैं जिंदा रही तो आपके सारे बिजनेस का पर्दाफाश करूंगी. मुझे धमकाने की सोचना भी मत. मैं दुनिया को आपका असली चेहरा दिखाऊंगी.”

क्या है केरल गोल्ड स्मगलिंग केस?

केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय अड्डे पर 5 जुलाई, 2020 के दिन कस्टम अधिकारियों ने एक बैग सीज किया था. बैग में 30 किलो से ज्यादा सोना भरा था. उस वक्त इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई गई थी. मामले ने इसलिए तूल पकड़ा क्योंकि बैगेज के अंदर की बनावट किसी डिप्लोमैटिक सामान की तरह थी और पता था संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का.

कस्टम अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर इस बैग को बरामद किया था. पता चला कि एक स्मगलिंग सिंडिकेट सोने की तस्करी करने की कोशिश में था, एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर जिसे कूटनीतिक अधिकार प्राप्त थे. यानी उसकी जांच नहीं की जा सकती थी. बाद में इस मामले में शीर्ष नौकरशाह एम शिवशंकर का नाम सामने आया जिसने इसे केरल की राजनीति और राष्ट्रीय मीडिया के लिए बड़ा मुद्दा बना दिया.

विवाद बढ़ता देख उस समय सीएम विजयन के मुख्य सचिव रहे शिवशंकर को सस्पेंड कर दिया गया. बताया गया कि वो मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश को जानते थे और उनसे संपर्क में थे. इस केस में शिवशंकर की गिरफ्तारी भी हुई. बाद में उन्हें बेल मिल गई.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन. (तस्वीर- इंडिया टुडे.)

स्वप्ना सुरेश UAE स्थित वाणिज्य दूतावास के स्टाफ की सदस्य थीं. उन्हें केरल के आईटी विभाग के किसी प्रोजेक्ट के लिए एक प्राइवेट फर्म ने हायर किया था. ये विभाग सीएम पी विजयन का है जिसे उनके तत्कालीन मुख्य सचिव एम शिवशंकर चलाते थे. जांच के दौरान पता चला कि स्वप्ना सुरेश केरल के ताकतवर लोगों के संपर्क में रहती थीं. उनके फोन रिकॉर्ड्स से मिली कई कॉल्स का संबंध इस गोल्ड स्मगलिंग केस से पाया गया था.

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