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कश्मीर में मारे गए तीन नागरिकों का 'आतंकी कनेक्शन' सामने आया, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में क्या निकला?

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सेना पर हुए आतंकी हमले के बाद कुछ लोगों से पूछताछ हुई, इस दौरान तीन नागरिकों की मौत हुई थी. अब कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के दौरान मारे गए लोगों पर सेना ने कई आरोप लगाए हैं. आर्मी को जांच में इनके बारे में क्या-क्या पता लगा है?

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आतंकी हमले के बाद पूछताछ में तीन नागरिकों की मौत हुई है. (प्रतीकात्मक फोटो- X @DxgJohn)
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ज्योति जोशी
1 मार्च 2024 (Updated: 1 मार्च 2024, 02:50 PM IST)
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ (Poonch) में सेना पर हुए आतंकी हमले (Terror Attack) के बाद सुरक्षाबलों की पूछताछ के दौरान तीन नागरिकों की मौत का मामला सामने आया था. घरवालों ने सेना पर टॉर्चर और हत्या से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे. मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Enquiry) बैठाई गई. कश्मीर में पिछले दो सालों से हो रहे हमलों के पीछे ‘स्थानीय सपोर्ट’ की बात सामने आई है. मारे गए तीन नागरिकों के कथित आतंकी कनेक्शन को लेकर भी सेना ने सबूत पेश किए हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने मामले पर विस्तार से रिपोर्ट छापी है. ब्रिगेडियर राजेश पिचौरा की अध्यक्षता में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बैठी. इस दौरान 48 राष्ट्रीय राइफल्स के अधिकारियों और सैनिकों ने कुछ सबूत पेश किए जिसमें 'लोकल आतंकी नेक्सस' से जुड़ी जानकारी थी.

इंक्वायरी में शामिल हुए 48 RR के वकील, सु्प्रीम कोर्ट के वकील और रिटायर्ड JAG (Judge Advocate General) कर्नल अमित कुमार. उन्होंने अखबार को बताया कि मीडिया में मारे गए नागरिकों को निर्दोष दिखाया गया, लेकिन इंक्वायरी के दौरान उनके, PAFF-जैश आतंकवादियों के साथ 'कनेक्शन' के सबूत पेश किए गए हैं. मृतक नागरिकों में 44 साल के सफीर हुसैन, 22 साल के शौकत अली और 32 साल के शब्बीर हुसैन शामिल थे.

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में क्या पता लगा?

सेना ने सबूत के तौर पर टोपा पीर के रहने वाले रियाज अहमद का कन्फेशन वीडियो भी शामिल किया है. उसने वीडियो में कथित तौर पर बताया कि फारूक, जमील और मृतक शब्बीर सीधे तौर पर घात लगाने वालों में शामिल थे. सेना के मुताबिक रियाज ने आतंकियों के छिपने वाले ठिकाने की लोकेशन भी बताई और बताया कि शब्बीर जानबूझकर उसी इलाके में अपने पशुओं को चराता था.

कर्नल अमित कुमार ने मामले को लेकर आगे बताया कि सेना के लिखित रिकॉर्ड में तीनों मृत नागरिकों के नाम हमले के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने को लेकर दर्ज हैं. उन्होंने बताया कि मृतक शौकत को 2022 में आतंकवादियों को खाना पहुंचाने के लिए 48 RR के सैनिकों ने हिरासत में भी लिया था. फिर एक साल बाद शौकत पर आतंकवादियों के साथ कम्युनिकेट करने के आरोप भी लगे. 48 RR ने शौकत को ऑफिशियली TOGW (Terrorist over-ground Worker) के तौर पर भी लिस्ट किया था.

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हमले वाली जगह पर भी कुछ नागरिकों के मौजूद होने के सबूत सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 48 RR पर हमले के बाद PAFF-जैश ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी एक बयान में गोलीबारी का सटीक विवरण लिखा था. इसमें स्थानीय और स्वदेशी कैडर द्वारा हमले की योजना बनाने, उसे अमल में लाने और आतंकियों को रसद मुहैया कराने की बात कही गई थी. इस मामले की जांच अभी जारी है. 

वीडियो: राजौरी और पुंछ में हुए दो बड़े आतंकी हमलों के पीछे कौन था, NIA ने पता लगा लिया है

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